अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में सप्ताह की शुरुआत भारी उठापटक के साथ हुई है, जहाँ कूटनीतिक घटनाक्रमों, केंद्रीय बैंकों के आगामी फैसलों और मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़ों ने ट्रेडर्स की दिशा तय कर दी है। ऊर्जा बाजार में सबसे तीव्र प्रतिक्रिया देखी गई, जहाँ वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। भू-राजनीतिक तनाव में संभावित नरमी के संकेतों के चलते सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखा गया, जिससे अन्य प्रमुख मुद्राओं और कमोडिटीज को नई चाल मिली है।
कच्चे तेल में 6.60% का तेज गोता और भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि
कमोडिटी स्पेस में सबसे बड़ा झटका कच्चे तेल को लगा, जहाँ वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 6.60% से अधिक टूटकर 96.11 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। तेल कीमतों में इस तेज बिकवाली का मुख्य कारण वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मतभेदों के संभावित समाधान से जुड़ी खबरें रहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर दोबारा सैन्य हमलों पर विचार करने से पहले कूटनीतिक बातचीत को अतिरिक्त समय देने की प्राथमिकता जताने की बात सामने आई है। इस संकेत ने खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति में तत्काल व्यवधान की आशंकाओं को कम कर दिया, जिससे बाजार में तेल की कीमतों पर सीधा दबाव पड़ा।
विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख जोड़ों का प्रदर्शन
विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर सूचीबद्ध प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मिश्रित से लेकर कमजोर दायरे में रहा, हालांकि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले डॉलर ने सबसे अधिक मजबूती दर्ज की। वहीं दूसरी तरफ, USD/CHF जोड़ी बिना किसी स्पष्ट तात्कालिक उत्प्रेरक के मुद्रा बाजार में सबसे अलग चाल दिखाने में सफल रही। इस करेंसी पेयर में 0.8250 के दायरे से 0.8182 तक की गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों का ध्यान खींचा। स्विट्जरलैंड में अक्टूबर माह के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े सामने आने वाले हैं, जो स्विस नेशनल बैंक (SNB) के नीतिगत रुख की दिशा तय कर सकते हैं। केंद्रीय बैंक द्वारा अपनी मुद्रा नीति को सबसे निचली ब्याज दरों में से एक पर बनाए रखने का अनुमान लगाया जा रहा है।
इधर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) में सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र की गिरावट से उबरने का रुझान दिखा। ईरान के साथ कूटनीतिक सुलह की नई उम्मीदों ने निवेशकों के भरोसे को सहारा दिया, जिससे सुरक्षित पनाहगाह के रूप में डॉलर की चमक कुछ फीकी पड़ी और रिस्क-सेंसिटिव ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को गति मिली। इसके बावजूद, स्पॉट कीमतें पिछले गुरुवार को छुए गए एक महीने के उच्चतम स्तर से नीचे ही बनी रहीं। बाजार के खरीदार कोई भी नया बड़ा दांव लगाने से पहले रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के आगामी महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
येन पर दबाव और सोने में रिकवरी की कोशिशें
USD/JPY जोड़ी ने नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक गति के साथ की और बैंक ऑफ जापान (BoJ) की बैठक के बाद शुक्रवार को बने 157.00 से नीचे के निचले स्तर से उबरने में सफल रही। एशियाई सत्र के दौरान तेजी के इस मोमेंटम ने हाजिर कीमतों को 158.00 के करीब पहुंचा दिया। इस तेजी पर जापान के वित्त मंत्री तात्सुकी कातायामा की ओर से करेंसी मार्केट में संभावित हस्तक्षेप को लेकर दी गई ताजा चेतावनियों का भी कोई खास असर नहीं दिखा और डॉलर के मुकाबले येन में कमजोरी का दायरा बना रहा।
कीमती धातुओं के क्षेत्र में सोने ने अमेरिकी ट्रेडिंग घंटों के दौरान अपनी रिकवरी को और आगे बढ़ाया। अमेरिका-ईरान कूटनीति की सकारात्मक खबरों के बाद कच्चे तेल की गिरती कीमतों से बुलियन को समर्थन मिला। सोना शुक्रवार को 3,870 डॉलर के नए वार्षिक निचले स्तर को छूने और अक्टूबर महीने को 6.87% की भारी गिरावट के साथ समाप्त करने के बाद फिर से कुछ खोई हुई जमीन हासिल करने में सफल रहा। हालांकि, इस उछाल में स्पष्ट दृढ़ता का अभाव दिखा, क्योंकि व्यापक फंडामेंटल पृष्ठभूमि लगातार एक टिकाऊ सुधार को लेकर निवेशकों के मन में संदेह पैदा कर रही है।
अमेरिकी आर्थिक वृद्धि और तकनीकी शेयरों का रुख
अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने 3.4% की वार्षिक दर से विस्तार दर्ज किया, जो मजबूत आर्थिक वृद्धि का संकेत है। हालांकि, इतने मजबूत विकास दर के बावजूद ट्रेजरी यील्ड्स में गिरावट देखी गई। वहीं अमेरिकी शेयर बाजार में टेक-हैवी नैस्डैक इंडेक्स ने अक्टूबर महीने का समापन मार्च 2025 के बाद के अपने सबसे खराब मासिक प्रदर्शन के साथ किया। वित्तीय बाजार अब कंपनियों द्वारा किए जाने वाले पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को केवल इसलिए प्रीमियम नहीं दे रहा है क्योंकि वह वृद्धि को सहारा देता है। निवेशक अब इस बात की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं कि क्या यह कैपेक्स पूंजी की लागत से ऊपर वास्तविक नकदी प्रवाह और रिटर्न पैदा करने में सक्षम है या नहीं।















