उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले के घाटमपुर इलाके में पुलिस ने अवैध रूप से छिपाकर रखे गए पटाखों के बड़े जखीरे को पकड़ा है। सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर दुकानों में जमा किए गए पटाखों की गोपनीय सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पतारा कस्बे और नौरंगा गांव में एक साथ दबिश दी। इस औचक जांच के दौरान चार अलग-अलग दुकानों से लगभग 110 किलो (करीब एक क्विंटल) पटाखे बरामद किए गए। किसी भी दुकानदार के पास पटाखों की खरीद, बिक्री या भंडारण से जुड़ा कोई भी वैध लाइसेंस अथवा अनुमति पत्र मौजूद नहीं था। इसके बाद पुलिस ने विस्फोटक सामग्री को जब्त करते हुए विस्फोटक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है और तीन लोगों को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की है।
पतारा और नौरंगा की दुकानों में तलाशी
सोमवार दोपहर घाटमपुर क्षेत्र के पतारा कस्बे में पुलिस टीम अचानक जांच के लिए पहुंची। यहां राजेश साहू और हरिओम सैनी की दुकानों की तलाशी ली गई, जहां नियमों को दरकिनार कर छिपाए गए लगभग 71 किलो पटाखे बरामद हुए। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम ने नौरंगा गांव का रुख किया, जहां श्रवण कुमार उर्फ राजू के ठिकाने पर कार्रवाई की गई। श्रवण कुमार के परिसर से करीब 39 किलो पटाखे जब्त किए गए। पूछताछ और मौके पर की गई जांच के दौरान तीनों कारोबारी पटाखों के भंडारण या व्यापार के संबंध में कोई भी वैधानिक दस्तावेज पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहे। इसके चलते पुलिस ने पूरी खेप को सील कर अपने कब्जे में ले लिया।
सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल में जुटी पुलिस
घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया के अनुसार, पतारा और नौरंगा क्षेत्रों में बिना अनुमति बड़े पैमाने पर आतिशबाजी का सामान जमा किए जाने की पुख्ता जानकारी मिली थी। इसी सूचना को आधार बनाकर अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया और चिन्हित ठिकानों पर एक साथ छापा मारा गया। बरामद पटाखों का कुल वजन करीब 110 किलोग्राम पाया गया है। हिरासत में लिए गए तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पटाखों की यह खेप कहां से मंगाई गई थी, इसके मुख्य सप्लायर कौन हैं और इसे स्थानीय स्तर पर किन बाजारों या व्यक्तियों को खपाने की तैयारी थी।
सुरक्षा पर सख्त रुख और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील
घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत ने स्पष्ट किया कि सर्किल क्षेत्र में अवैध पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर लगाम लगाने के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। पतारा और नौरंगा में की गई यह जब्ती इसी सघन जांच अभियान की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि घनी आबादी और ग्रामीण बाजारों में ज्वलनशील पटाखों का अनधिकृत भंडारण बेहद गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा करता है। यदि ऐसी जगहों पर छोटी सी भी चिंगारी से आग लग जाए या विस्फोट हो, तो आसपास रहने वाले लोगों के जीवन और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। एसीपी ने नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध रूप से पटाखे रखे जाने की जानकारी मिले, तो वे बिना झिझक तत्काल पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते कड़ी कार्रवाई की जा सके।


















