अमेरिकी डॉलर ने मध्य पूर्व में भड़कते तनाव के माहौल में एक बार फिर अपनी बढ़त दर्ज करना शुरू कर दिया है। इसी बीच फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने सितंबर महीने में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। उनके इन बयानों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक साल के अंत से पहले कम से कम एक बार ब्याज दरों में इजाफा जरूर करेगा। इस परिस्थिति के चलते निवेशकों में सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग तो बनी हुई है, लेकिन दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं ने पीली धातु की चमक पर थोड़ा असर जरूर डाला है।
सोने की कीमतों पर मौद्रिक नीति का असर
इस तरह के आर्थिक घटनाक्रमों के बीच सोने की कीमतों का दोबारा से अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर लौटना मुश्किल नजर आ रहा है। हालांकि, इसका यह कतई अर्थ नहीं है कि सोने का रिजर्व-करेंसी का रुतबा कम हो जाएगा। निकट भविष्य में कीमतों में और गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन बाजार में ऐसे खरीदार हमेशा मौजूद रहते हैं जो इस तरह के मूल्य पतन पर खरीदारी का अवसर तलाशते हैं। चार हजार डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर हाल ही में भले ही भेदा गया हो, लेकिन लंबी अवधि के लिहाज से यह एक मजबूत समर्थन रेखा के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। सोने का यह तेजी का दौर फिलहाल ठहर गया है और आने वाले दिनों में इसमें और सुस्ती देखने को मिल सकती है। अपनी पुरानी तेजी को वापस हासिल करने के लिए सोने को सैंतालीस सौ डॉलर के स्तर को पार करना होगा।
तकनीकी संकेतकों का विश्लेषण और चार्ट स्थिति
चार घंटे के तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो सोना मंदी के दौर में है क्योंकि यह सैंतालीस अठहत्तर डॉलर के आसपास मौजूद सौ-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज और सैंतालीस छियालीस डॉलर के करीब स्थित बीस-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद, यह धातु बयालीस तिरासी डॉलर के पास मौजूद दो सौ-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज से काफी ऊपर टिकी हुई है, जो इसे एक मजबूत सहारा प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, चौदह-अवधि का मोमेंटम इंडिकेटर अपनी मध्य रेखा से नीचे दक्षिण दिशा की ओर बढ़ रहा है और रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स भी बत्तीस के आसपास मंडरा रहा है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में विक्रेताओं का शिकंजा कस चुका है।
दैनिक चार्ट की स्थिति थोड़ी अलग तस्वीर पेश करती है जहां सोना चौंतालीस उनतीस डॉलर के बीस-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज और तैंतालीस सत्तर डॉलर के सौ-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है। यह स्थिति व्यापक ठहराव के बावजूद निकट भविष्य में एक सकारात्मक झुकाव की ओर इशारा करती है। हालांकि, सैंतालीस अट्ठाईस डॉलर पर स्थित दो सौ-दिन का सिंपल मूविंग एवरेज एक बड़ी ऊपरी बाधा बना हुआ है, जबकि तिरपन के आसपास का मध्यम-श्रेणी का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यह संकेत देता है कि कीमत किसी बड़े बदलाव के करीब पहुंच रही है। ऊपरी स्तरों पर पहली बाधा सैंतालीस अठहत्तर डॉलर के पास है, जबकि नीचे की ओर तात्कालिक समर्थन चौंतालीस उनतीस डॉलर के स्तर पर मौजूद है।
अन्य प्रमुख मुद्राओं और बाजारों का हाल
विदेशी मुद्रा बाजारों में पाउंड और डॉलर के बीच का मुकाबला भी सुर्खी बटोर रहा है जहां यह जोड़ी पांच हफ्ते के ऊंचे स्तर के आसपास मंडरा रही है। डॉलर पर बढ़ता दबाव जोखिम भरी संपत्तियों को राहत दे रहा है, जबकि निवेशकों की नजरें फेडरल रिजर्व की आगामी बैठकों पर टिकी हुई हैं। इसके अलावा, यूरो भी अपनी बढ़त को मजबूत करने में जुटा है क्योंकि अमेरिकी मुद्रा में बिकवाली का दबाव लगातार गहराता जा रहा है। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन अठत्तर हजार डॉलर के ऊपर अपनी मजबूती बनाए हुए है और निवेशक इसे अस्सी हजार डॉलर तक पहुंचाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। एथेरियम भी चौबीस सौ डॉलर से ऊपर टिककर एक मजबूत तकनीकी ढांचा पेश कर रहा है, जबकि तेल बाजार में डीजल की कीमतों ने एक नया इतिहास रचते हुए फ्यूचर्स के मोर्चे पर बड़ा मुकाम हासिल किया है।



















