अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन की हालिया कमजोरी अब थमती नजर आ रही है और यह मुद्रा एक तंग दायरे में झूलने लगी है। यूओबी के विश्लेषक क्वेक सेर लियांग के आकलन के अनुसार USD/CNH जोड़ी पहले 6.7865 तक फिसली, लेकिन उसके बाद इसमें ठहराव आ गया। कारोबार के दौरान भाव 6.7911 और 6.8025 के बीच घूमते रहे और अंत में यह जोड़ी 6.7948 पर बंद हुई, यानी पिछले स्तर के करीब ही। उनका मानना है कि निकट भविष्य में डॉलर की चाल इसी सीमित घेरे में बनी रहने वाली है।
अहम बात यह है कि जिस डॉलर की मजबूती ने बीते दिनों बाजार पर दबाव बनाया था, वह जोर अब खत्म होता दिख रहा है। यही वजह है कि युआन के मुकाबले डॉलर के तेजी से ऊपर जाने की गुंजाइश फिलहाल कम मानी जा रही है।
अगले 24 घंटे का नजरिया
दो दिन पहले डॉलर गिरकर 6.7865 पर आया और फिर वहां से पलटकर ऊपर चढ़ा। जब यह 6.7920 के आसपास था, तभी संकेत मिल गया था कि ओवरसोल्ड स्थिति से हुई इस वापसी को देखते हुए डॉलर के इससे ज्यादा कमजोर होने की संभावना कम है। इसी आधार पर जोड़ी के 6.7860 और 6.7990 के बीच रहने का अनुमान लगाया गया था। हुआ भी लगभग वैसा ही, डॉलर 6.7911 से 6.8025 के दायरे में घूमा और 6.7948 पर बंद हुआ, जो 0.05% की मामूली बढ़त थी। चूंकि इस चाल से कोई नया संकेत नहीं मिला, इसलिए अगले सत्र में भी डॉलर के 6.7860 और 6.7990 के बीच ही टिके रहने की उम्मीद जताई गई है।
एक से तीन हफ्ते की तस्वीर
मध्यम अवधि के लिहाज से यूओबी का रुख साफ है। 1 जुलाई को जब हाजिर भाव 6.7920 पर था, तभी यह रेखांकित किया गया था कि डॉलर की हालिया मजबूती अपने अंत तक पहुंच चुकी है। साथ ही यह भी कहा गया था कि आने वाले एक से तीन हफ्तों में यह जोड़ी 6.7750 और 6.8080 के बीच कारोबार कर सकती है। विश्लेषक अब भी इसी राय पर कायम हैं। हालांकि, असली और टिकाऊ रिकवरी तभी मानी जाएगी जब डॉलर 21-हफ्ते के EMA यानी 6.8430 के ऊपर मजबूती से निकलेगा। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक चाल दायरे में सिमटी रहने के आसार हैं।
डॉलर पर दबाव क्यों
डॉलर की सुस्ती सिर्फ युआन तक सीमित नहीं है, इसकी झलक दूसरी बड़ी मुद्राओं में भी दिखी। जून के लिए आए अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे, जिसके बाद डॉलर पर नए सिरे से बिकवाली का दबाव आया। नतीजतन GBP/USD गुरुवार को 1.3300 के स्तर से काफी ऊपर पहुंच गया और अब 1.3400 की ओर बढ़ता दिख रहा है। इसी तरह EUR/USD लगातार दो दिन की गिरावट को पीछे छोड़कर 1.1470 के करीब कई दिनों के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया, जिससे जून से जारी तेज गिरावट की कुछ भरपाई हुई। इसमें USD/JPY में आई तेज बिकवाली का भी हाथ रहा। शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के चलते अमेरिकी बाजार बंद रहेंगे।
डॉलर के इसी पीछे हटने का फायदा सोने को भी मिला। गुरुवार को कीमती धातु ने अपनी तेजी बरकरार रखते हुए 4,100 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस का स्तर पार किया और एक हफ्ते के सबसे ऊंचे भाव पर पहुंच गई। कमजोर NFP आंकड़ों के बाद डॉलर के लुढ़कने से इसे सहारा मिला।
बाजार की नजरें अब फेडरल रिजर्व के अगले कदम पर टिकी हैं। सिंत्रा में जुटे निवेशक फेड की आगे की रणनीति के संकेत तलाश रहे थे, लेकिन उन्हें इतना ही समझ आया कि फेड चेयर केविन वॉर्श इन संकेतों को पढ़ना और मुश्किल बनाने के मूड में हैं।
लाइव बाजार का हाल
लाइव बाजार आंकड़ों के मुताबिक USD/CNY फिलहाल करीब 6.79 पर है, जो पिछले बंद स्तर के लगभग बराबर (0.01% ऊपर) है। बीते 52 हफ्तों में इसका दायरा 6.76 से 7.21 तक रहा है। तकनीकी मोर्चे पर 14-दिन का RSI 58 पर है, जो न ज्यादा गर्म न ज्यादा ठंडा। ADX 20 के आसपास होना यह बताता है कि रुझान अभी कमजोर है और भाव एक दायरे में ही घूम रहे हैं। EMA20 करीब 6.78, EMA50 करीब 6.80 और EMA200 करीब 6.94 पर है, जिससे लंबी अवधि में गिरावट का रुझान झलकता है। नजदीकी सपोर्ट करीब 6.76 और रुकावट करीब 6.80 पर मानी जा रही है, यानी छोटी अवधि में भाव इसी घेरे में टिके रहने की गुंजाइश ज्यादा है।













