दिल्ली के हर्ष विहार में ढहा निर्माणाधीन मकान, मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका से मचा हड़कंपनाइन टू फाइव रिव्यू (2026): 'लगभग कुमार' जैसे युवाओं की अधूरी सफलताओं और कॉर्पोरेट संघर्ष की एक सटीक तस्वीरकरनाल में 5 नवंबर को अमित शाह की पदयात्रा, हरियाणा में भाजपा का अभियान होगा तेजगोदरेज ने उतारी नई रेफ्रिजरेटर सीरीज, हैंडल पर टच कंट्रोल और 330 लीटर तक की क्षमतामक्का और मदीना में फंसे कर्नाटक के सैकड़ों उमराह तीर्थयात्री, एयरलाइंस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारीकैनवा ने पेश किया क्राफ्ट नाम का इमेज जनरेटर, गूगल और ओपनएआई को देगा सीधी टक्करमथुरा में बीजेपी और कांग्रेस की ऐतिहासिक टक्कर, क्या 2027 के चुनाव में बरकरार रहेगा भगवा दबदबा?लाइव: बंगाल की खाड़ी में बना दबाव भीषण चक्रवात में तब्दील, 28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकराने की आशंकाप्रमुख ज्वैलरी ब्रांड्स पर सोने के नए दाम जारी, जानें तनिष्क से मलाबार तक के ताजा रेटभोपाल के आईएसबीटी बस स्टैंड पर भीषण हादसा टला, आठ बसें जलकर खाक, करोड़ों का नुकसान
भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों ने निकाले ₹48,056 करोड़, जानिए क्यों थमी बिकवाली की रफ्तारबाज़ार
25 अक्तू॰ 2026, 11:39 pm (2 घंटे पहले)· 0

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों ने निकाले ₹48,056 करोड़, जानिए क्यों थमी बिकवाली की रफ्तार

अक्टूबर महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 48,056 करोड़ रुपये की भारी निकासी की है। हालांकि, अमेरिकी बॉण्ड यील्ड में गिरावट और मजबूत रुपये की वजह से बीते हफ्ते बिकवाली की रफ्तार में कमी देखी गई।

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की बिकवाली का सिलसिला अक्टूबर के महीने में भी जारी रहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, पश्चिम एशिया में तनाव, महंगाई की चिंताओं और भारतीय कंपनियों के उम्मीद से कमजोर पहली और दूसरी तिमाही के नतीजों के कारण विदेशी निवेशकों ने इस महीने अब तक शेयर बाजार से 48,056 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि 23 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान इस बिकवाली की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई और दो कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशक शुद्ध खरीदार के रूप में उभरे।

वैश्विक दबाव और घरेलू चिंताओं के बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली

अक्टूबर के दौरान भारतीय इक्विटी बाजार पर कई मोर्चों से दबाव देखने को मिला है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव गहराने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर लगभग 114 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई थीं। इसके अलावा, घरेलू बाजार में कंपनियों की सुस्त आय वृद्धि और नकदी की उपलब्धता को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया। चॉइस वेल्थ के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी ऑफिसर धीरज गौड़ के अनुसार, कच्चे तेल के दाम में उछाल, महंगाई की आशंका और कॉरपोरेट अर्निंग्स में नरमी जैसे कारकों ने विदेशी पूंजी की निकासी को बढ़ावा दिया।

ये भी पढ़ें

2026 में अब तक रिकॉर्ड निकासी का आंकड़ा

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर के महीने में भी विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों से 35,861 करोड़ रुपये की बड़ी रकम निकाली थी। इससे पहले जुलाई में FPIs ने 20,200 करोड़ रुपये और अगस्त में 29,631 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। अक्टूबर में हुई भारी बिकवाली के बाद, साल 2026 में भारतीय शेयर बाजार से FPIs की कुल निकासी का आंकड़ा बढ़कर 3.08 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा साल 2025 में हुई कुल 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी की तुलना में लगभग दोगुना है, जो विदेशी निवेशकों के सतर्क रुख को दर्शाता है।

किन वजहों से थमी बिकवाली की रफ्तार?

अक्टूबर के तीसरे हफ्ते में बिकवाली का दबाव कम होने के पीछे कुछ राहत देने वाले संकेत भी मिले। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी. के. विजयकुमार ने बताया कि अमेरिकी बॉण्ड यील्ड में आई गिरावट और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की मजबूती ने विदेशी निवेशकों का मूड बदला। अमेरिका में 10 साल के सरकारी बॉण्ड पर यील्ड 5.36 प्रतिशत के उच्च स्तर से गिरकर करीब 5 प्रतिशत पर आ गया। वहीं, भारतीय रुपया भी मजबूत होकर 94.94 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही भारतीय बाजार में बड़ी कंपनियों के शेयरों के वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर आ जाने से FPIs को खरीदारी का मौका दिखा।

डेट और बॉण्ड बाजार में भी दिखी बिकवाली

शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय बॉण्ड या डेट मार्केट में भी विदेशी निवेशकों का रुझान नकारात्मक रहा। अक्टूबर के दौरान पूर्ण सुलभ मार्ग (FAR) के तहत FPIs ने 3,858 करोड़ रुपये और स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग (VRR) के तहत 1,332 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की। इसके विपरीत, सामान्य मार्ग के माध्यम से विदेशी निवेशकों ने भारतीय बॉण्ड बाजार में 3,737 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया।

सवाल-जवाब

अक्टूबर में FPIs ने भारतीय शेयर बाजार से कुल कितने रुपये निकाले हैं?
अक्टूबर के महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार से शुद्ध रूप से 48,056 करोड़ रुपये निकाले हैं।
2026 में अब तक विदेशी निवेशकों की कुल निकासी कितनी हो चुकी है?
साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों की कुल निकासी 3.08 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो 2025 में हुई 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी से काफी ज्यादा है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली के मुख्य कारण क्या हैं?
मुख्य कारणों में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचना, पश्चिम एशिया में तनाव, महंगाई की चिंताएं और भारतीय कंपनियों के सुस्त तिमाही नतीजे शामिल हैं।
अक्टूबर के उत्तरार्ध में बिकवाली की रफ्तार क्यों कम हुई?
अमेरिकी 10-साल के बॉण्ड पर यील्ड 5.36% से घटकर 5% पर आने, रुपया मजबूत होकर 94.94 प्रति डॉलर होने और बड़ी कंपनियों के आकर्षक वैल्यूएशन के कारण बिकवाली की रफ्तार धीमी हुई।
बॉण्ड या डेट बाजार में विदेशी निवेशकों का क्या रुख रहा?
डेट बाजार में FPIs ने FAR के तहत 3,858 करोड़ रुपये और VRR के तहत 1,332 करोड़ रुपये निकाले, हालांकि सामान्य मार्ग से 3,737 करोड़ रुपये का निवेश भी आया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Rohan Gupta@rohan-gupta·1 घंटे पहले

इतना पैसा निकलने के बाद भी आखिर में बिकवाली कैसे धीमी हो गई, यह बात गले नहीं उतरती। जब हालात इतने ही खराब हैं और कच्चे तेल के दाम चढ़े हुए हैं, तो विदेशी निवेशकों का अचानक दो दिन के लिए खरीदार बन जाना थोड़ा अजीब लगता है।

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·58 मिनट पहले

रोहन भाई, अमेरिकी बॉण्ड यील्ड ५ प्रतिशत पर आने से ही बाजार में थोड़ा दम लौटा है, यही वजह है कि वो दो दिन बिकवाली रुकी।

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

अक्टूबर में विदेशी निवेशकों ने बाजार से 48 हजार करोड़ से ज्यादा निकाल लिए हैं, लेकिन क्या नवंबर में भी यही हाल रहेगा?

Michael Anderson@michael-anderson·1 घंटे पहले

रविकाश भाई, 3 लाख करोड़ से ज्यादा की निकासी कोई छोटी रकम नहीं है, नवंबर में भी माहौल थोड़ा संभलकर चलने का ही लग रहा है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp