भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के शुरुआती सार्वजनिक प्रस्ताव यानी आईपीओ को लेकर निवेशकों में बेहद भारी उत्साह देखने को मिला है। बोली लगाने के दौरान बाजार में इस इश्यू की जबरदस्त चर्चा रही और बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश देखा गया। खासकर बड़े संस्थागत निवेशकों ने इस सार्वजनिक निर्गम में खासी रुचि दिखाई और आक्रामक रूप से बोलियां लगाईं। योग्य संस्थागत खरीदारों की श्रेणी में आई रिकॉर्ड तोड़ मांग ने इस आईपीओ की सफलता में मुख्य भूमिका निभाई है। आंकड़ों के अनुसार, यह आईपीओ कुल मिलाकर 22 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ है, जबकि संस्थागत वर्ग में बोलियां उनके लिए आरक्षित हिस्से के मुकाबले 70 गुना के आंकड़े को भी पार कर गईं।
संस्थागत और गैर-संस्थागत निवेशकों की रिकॉर्ड मांग
इस सार्वजनिक निर्गम में सबसे ज्यादा तेजी योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) की तरफ से दर्ज की गई। क्यूआईबी श्रेणी, जिसमें म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय व घरेलू वित्तीय संस्थान शामिल होते हैं, के लिए 4.90 करोड़ शेयर आरक्षित रखे गए थे। इसके मुकाबले इन निवेशकों ने 345.75 करोड़ शेयरों के लिए अपनी बोलियां जमा कीं। दूसरी ओर, गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) के हिस्से में भी शानदार प्रतिक्रिया मिली और यह श्रेणी 14.00 गुना सब्सक्राइब हुई। एनआईआई वर्ग के लिए निर्धारित 3.64 करोड़ शेयरों के बदले निवेशकों की ओर से 51.03 करोड़ शेयरों के आवेदन प्राप्त हुए।
खुदरा निवेशकों और कर्मचारियों की श्रेणी का प्रदर्शन
खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए सुरक्षित रखे गए हिस्से को भी निवेशकों ने हाथों-हाथ लिया और यह श्रेणी 2.72 गुना भरी गई। इस हिस्से के अंतर्गत कुल 8.50 करोड़ शेयर बिक्री के लिए रखे गए थे, जिन पर 23.11 करोड़ शेयरों की बोलियां हासिल हुईं। इसके अलावा, कंपनी के कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से आरक्षित श्रेणी को 2.93 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं, कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों के लिए रखे गए कोटा में भी निवेशकों ने जोरदार दिलचस्पी दिखाई और यह हिस्सा 7.60 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ। उल्लेखनीय है कि 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन शुरू होने के महज 100 मिनट के भीतर ही यह इश्यू पूरी तरह से भर गया था।
एंकर निवेशकों के जरिए जुटाए गए ₹8,110 करोड़
आम जनता और अन्य संस्थागत निवेशकों के लिए आईपीओ खुलने से ठीक पहले, जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 अक्टूबर को एंकर निवेशकों के माध्यम से सफलता हासिल की थी। कंपनी ने इस दौर में एंकर बुक के जरिए लगभग 8,110 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई। इसके लिए 212 एंकर निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर के मूल्य पर शेयर आवंटित किए गए, जो इस इश्यू का सबसे ऊपरी प्राइस बैंड तय किया गया था। एंकर हिस्से के लिए कुल उपलब्ध शेयरों की तुलना में 30 गुना से अधिक की मांग दर्ज की गई थी। इस आवंटन में वैश्विक स्तर के जाने-माने निवेशकों जैसे ब्लैकरॉक, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, जीआईसी और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने हिस्सा लिया।
शेयर अलॉटमेंट और लिस्टिंग की संभावित समय-सीमा
सब्सक्रिप्शन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब बोली लगाने वाले तमाम निवेशक शेयर आवंटन और दलाल स्ट्रीट पर कंपनी के शेयर की लिस्टिंग का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, कंपनी द्वारा आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर तक अंतिम रूप से पूरा किए जाने की संभावना जताई गई है। इसके बाद, 28 अक्टूबर को दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों पर जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की लिस्टिंग प्रस्तावित की गई है। हालांकि, शेयर बाजार में किसी भी प्रक्रिया से पूर्व निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे तिथि संबंधी अंतिम पुष्टि के लिए कंपनी और एक्सचेंजों की आधिकारिक सूचनाओं का ध्यान रखें।























