रविवार, 25 अक्टूबर 2026 की शाम को भोपाल के इंटर-स्टेट बस टर्मिनस (ISBT) पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। परिसर में खड़ी कई बसों में अचानक आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। इस दुर्घटना में वर्मा ट्रैवल्स की आठ बसें पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गईं। संबंधित ऑपरेटर के मुताबिक इस अग्निशकाण्ड में लगभग चार से पांच करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट की सूचना नहीं है। इससे पहले उज्जैन शहर के इंदौर रोड स्थित रामवासा क्षेत्र में भी सुगम परिवहन सेवा की एक बस में इसी तरह अचानक आग लग गई थी, जो देखते ही देखते राख में तब्दील हो गई थी।
आग के फैलने का सिलसिला
शाम के व्यस्त समय के दौरान टर्मिनल पर खड़ी एक गाड़ी में सबसे पहले आग सुलग उठी, जो पलक झपकते ही पास खड़ी अन्य गाड़ियों तक जा पहुंची। शुरुआती विवरण के अनुसार, पहले दो से तीन बसों ने आग पकड़ी और फिर लपटों ने आसपास मौजूद बाकी वाहनों को भी घेर लिया, जिससे कुल आठ गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं। इन सभी जली हुई गाड़ियों में नागपुर, अहमदाबाद और सूरत मार्गों पर संचालित होने वाली लंबी दूरी की बसें शामिल थीं। गनीमत यह रही कि आग लगने के वक्त इनमें कोई यात्री सवार नहीं था, वरना एक बड़ा मानवीय संकट पैदा हो सकता था।
दमकल कर्मियों का राहत अभियान
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग का अमला तुरंत हरकत में आया और गाड़ियां मौके पर रवाना कर दी गईं। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले दस दमकल वाहन तैनात किए गए थे, जबकि अन्य जानकारियों के अनुसार कुल पंद्रह से बीस फायर ब्रिगेड वाहन और पानी के टैंकर इस काम में झोंक दिए गए थे। दमकलकर्मियों ने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इस भयंकर आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। विभाग ने स्पष्ट किया कि आग को पूरी तरह बुझा दिया गया है। हालांकि, आग की चपेट में आई गाड़ियों के पुर्जों के बार-बार धमाके के साथ फटने और आसमान छूते काले धुएं के गुबार से पूरे परिसर और आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
भारी आर्थिक क्षति और निरस्त यात्राएं
वर्मा ट्रैवल्स के मालिक दीपक वर्मा ने इस पूरी दुर्घटना में हुए नुकसान का आंकलन लगभग चार से पांच करोड़ रुपये किया है। ये सभी आठ बसें गुजरात के प्रमुख शहरों जैसे अहमदाबाद और सूरत के लिए रवाना होने की तैयारी में थीं, जिसके चलते इनकी सभी बुकिंग्स अब रद्द करनी पड़ी हैं। भोपाल का यह आईएसबीटी शहर के सबसे व्यस्त परिवहन केंद्रों में गिना जाता है, जहां सामान्य दिनों में हर वक्त पचास से सत्तर बसें मौजूद रहती हैं और हर घंटे लगभग पचास से साठ बसें यहां से सफर पर निकलती हैं। इस भयंकर हादसे के बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आग को और अधिक फैलने से रोकने के लिए प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों ने जलते वाहनों के करीब खड़ी अन्य बसों को तत्काल वहां से सुरक्षित दूर हटवाया।
कारणों की पड़ताल जारी
फिलहाल आग लगने के वास्तविक और सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। घटना की शुरुआत में एक फायर अफसर ने किसी बस में शॉर्ट सर्किट होने की संभावना जताई थी, लेकिन बाद में जिम्मेदार अधिकारियों ने कहा कि पूरी छानबीन और फोरेंसिक जांच के बाद ही असल वजह सामने आ सकेगी। स्थानीय पुलिस और दमकल महकमे के अधिकारी मौके की बारीकी से जांच कर रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं। वर्मा ट्रैवल्स के मालिक दीपक वर्मा का कहना है कि उनकी किसी से भी कोई व्यक्तिगत रंजिश या दुश्मनी नहीं है। इस बड़ी घटना के बाद अब स्थानीय प्रशासन ने पूरे बस टर्मिनल पर सुरक्षा व्यवस्था और इंतजामों का पुनरावलोकन शुरू कर दिया है।
























