टेक कंपनी IBM के शेयरों में मंगलवार को जबरदस्त गिरावट देखने को मिली और ये एक ही दिन में 25% तक टूट गए। ये झटका सोमवार को आए उन तिमाही नतीजों के बाद लगा, जो बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहे। जानकारों के मुताबिक ये गिरावट कंपनी के लिए बीते कई दशकों की सबसे बड़ी गिरावट है। शेयर करीब 280 डॉलर के स्तर से फिसलकर तकरीबन 210 डॉलर तक पहुंच गया।
नतीजों में क्या रहा
कंपनी ने दूसरी तिमाही के शुरुआती नतीजे पेश किए, जिनमें राजस्व 17.2 अरब डॉलर रहा और ये अनुमान से कम था। IBM का अपना 17.2 अरब डॉलर की तिमाही बिक्री का अनुमान विश्लेषकों के 17.85 अरब डॉलर के अनुमान से पीछे रह गया। मुनाफे के मोर्चे पर नॉन-GAAP कमाई 2.93 डॉलर रहने का अनुमान है, जबकि विश्लेषक इसे 3.02 डॉलर मान रहे थे। कमजोर नतीजों की वजह से कई विश्लेषकों ने रेटिंग घटा दी और AI इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कंपनी की रणनीति पर सवाल उठने लगे। इसके बावजूद वॉल स्ट्रीट पर शेयर को कुल मिलाकर 'बाय' रेटिंग हासिल है, हालांकि मंगलवार की गिरावट चिंता की एक बड़ी घंटी जरूर है।
CEO ने मानी चूक
निवेशकों को लिखे एक पत्र में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविंद कृष्णा ने साफ लिखा, "इस तिमाही में हम चूक गए।" उन्होंने माना कि कंपनी "पर्याप्त रूप से तेजी से खुद को नहीं बदल पाई और आगे नहीं बढ़ पाई", जबकि ग्राहक अपने टेक्नोलॉजी बजट को AI सर्वर, स्टोरेज और मेमोरी की तरफ मोड़ रहे थे। कृष्णा ने कहा कि IBM को सप्लाई-चेन की दिक्कतों से कुछ असर की उम्मीद तो थी, लेकिन कंपनी ने इस बात को कम आंका कि ग्राहक अपना खर्च कितनी तेजी से बदल देंगे।
उन्होंने मेनफ्रेम कारोबार का भी जिक्र किया। कृष्णा ने कहा, "अप्रैल में जब हमने आपके साथ अपनी उम्मीदों पर बात की थी, तब हमने बताया था कि z17 की लॉन्चिंग हम दूसरी तिमाही में पूरी करने वाले हैं। चूंकि ये हमारे इतिहास में किसी मेनफ्रेम कार्यक्रम की सबसे मजबूत शुरुआत थी, इसलिए हमें उम्मीद थी कि इस साल इंफ्रास्ट्रक्चर राजस्व में इसी तिमाही से मामूली गिरावट आएगी।"
आगे का अनुमान और विश्लेषकों की राय
नतीजों में चूक के अलावा IBM ने अगली तिमाही और बाकी बचे वित्त वर्ष के लिए भी उम्मीद से कमजोर अनुमान दिए, जिसने बिकवाली को और गहरा कर दिया। बाजार में IBM शेयर का औसत प्राइस टारगेट अभी 303.83 डॉलर बना हुआ है, जिसमें सबसे ऊंचा अनुमान 375.00 डॉलर और सबसे नीचा अनुमान 191.00 डॉलर है। ये औसत टारगेट मौजूदा भाव से 39.37% की बढ़त दिखाता है, लेकिन ये पिछले हफ्ते के अनुमानों से कम है। मंगलवार को HSBC ने शेयर को 'सेल' रेटिंग दी, जबकि मॉर्गन स्टेनली ने इसे 'होल्ड' पर रखा। इन दोनों ही फर्मों के पास पांच-सितारा विश्लेषक मौजूद हैं, ऐसे में नतीजों की ये चूक अगले महीने भर निवेशकों के दिमाग पर भारी पड़ सकती है।











