एआई की तेजी का फायदा उठाने वाली कंपनियों ने बीते कुछ समय में जबरदस्त छलांग लगाई है। एनवीडिया (NVDA) और एएमडी जैसे नाम इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं, क्योंकि ये कंपनियां आधुनिक एआई मॉडल्स को चलाने के लिए जरूरी कंप्यूटिंग ताकत मुहैया कराती हैं। लेकिन इस पूरी कहानी में एक अहम कड़ी अक्सर नजरअंदाज हो जाती है, वो है एआई मेमोरी चिप। ये चिप उन GPU का दिल होती हैं जिन पर एआई मॉडल दौड़ते हैं। इस कारोबार में गिनती के तीन ही बड़े नाम हैं, माइक्रोन, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स। इन्हीं में एसके हाइनिक्स शायद वह शेयर है जिस पर निवेशकों की नजर सबसे कम गई है, जबकि आने वाले दिनों में यही एआई सेक्टर का सबसे चमकता सितारा बन सकता है।
मेमोरी चिप की किल्लत क्यों बन रही है बड़ा मौका
एआई चिप बनाने वालों की तगड़ी मांग की वजह से दुनियाभर में मेमोरी चिप की भारी कमी हो गई है। इसी कमी का असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है, क्योंकि कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के दाम तेजी से चढ़ने लगे हैं। दाम में यह उछाल साफ बताता है कि यह पूरा बाजार बस चंद कंपनियों के हाथ में सिमटा हुआ है। मांग को पूरा करने वाली इस छोटी सी सूची में एसके हाइनिक्स एक बेहद अहम नाम है।
माना जा रहा है कि आने वाले सालों में एआई पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ता रहेगा। एसके हाइनिक्स ने खुद को इस बढ़ती मांग के हिसाब से बाजार में बेहद मजबूत स्थिति में खड़ा किया है। दिक्कत बस यह है कि उत्पादन इस रफ्तार से बढ़ती मांग के साथ कदम मिलाकर नहीं चल पा रहा।
2027 में सबसे बड़ी किल्लत की चेतावनी
एसके हाइनिक्स के सीईओ क्वाक नोह-जुंग का कहना है कि दुनिया को साल 2027 में मेमोरी चिप की अब तक की सबसे गंभीर कमी का सामना करना पड़ सकता है। नोह-जुंग ने कहा, "हमारे ग्राहकों की मांग लगातार बढ़ रही है, जबकि हमारी क्षमता की अपनी सीमाएं हैं। हमारा अनुमान है कि 2030 के बाद भी ग्राहकों की मांग हमारी सप्लाई क्षमता से ज्यादा बनी रहेगी। लेकिन हम इस समस्या को सुलझाने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं।"
तेज विस्तार और सरकार का साथ
उत्पादन बढ़ाने के लिए एसके हाइनिक्स अब आक्रामक विस्तार की तैयारी में है। इतना ही नहीं, दक्षिण कोरिया की सरकार का भी लक्ष्य है कि अगले पांच साल में देश का मेमोरी चिप उत्पादन दोगुना कर दिया जाए। सरकार की इस उत्पादन विस्तार योजना का सीधा फायदा एसके हाइनिक्स को मिलने की पूरी उम्मीद है, जो इसे एआई निवेश की दुनिया में और मजबूत बना सकता है।











