यूरो बुधवार को एक बार फिर कमजोर पड़ गया और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.1400 के आसपास लड़खड़ाता नजर आया। इसकी बड़ी वजह रही यूरोजोन और जर्मनी से आए महंगाई के नरम आंकड़े, जिन्होंने यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के आगे भी आक्रामक तरीके से ब्याज दरें कसते रहने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
यूरो पर दबाव बरकरार
यूरोपीय कारोबार के दौरान पूरे सत्र में यूरो को खरीदार तलाशने में मशक्कत करनी पड़ी, और ताजा आंकड़ों ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। यूरोजोन और खासकर जर्मनी में महंगाई अनुमान से ज्यादा ठंडी रहने के बाद निवेशकों ने चुपचाप यह मान लिया है कि ECB को अब नीति उतनी कसकर पकड़े रखने की जरूरत नहीं रह गई। महंगाई का दबाव घटने से सेंट्रल बैंक को हाथ रोकने की गुंजाइश मिलती है, और सोच में आए इसी बदलाव ने यूरो की चमक फीकी कर दी। फिलहाल बाजार की निगाहें दिन में बाद में आने वाले अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग PMI पर टिकी हैं, जो कारोबारियों को अगला बड़ा संकेत दे सकता है।
पाउंड दो हफ्ते के ऊंचे स्तर से लौटा
ब्रिटिश पाउंड बुधवार को एशियाई कारोबार में बिकवाली की चपेट में आ गया और पिछले दिन छुए गए करीब दो हफ्ते के ऊंचे स्तर 1.3275 के इलाके से नीचे खिसक गया। GBP/USD आखिरी बार 1.3235 के आसपास कारोबार करता दिखा, जो दिन में करीब 0.20% की गिरावट है और हाल की रफ्तार का कुछ हिस्सा गंवाने का इशारा है। पाउंड के कारोबारी अब बड़े पैमाने पर इंतजार के मूड में हैं और दिशा के साफ संकेत के लिए बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली तथा फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के भाषणों पर नजर गड़ाए हैं।
सोना $4,000 के नीचे कमजोर
उधर सोना भी बिकवाली से उबर नहीं पाया। बुधवार को यह धातु $4,000 के नीचे दबाव में बनी रही और लगातार तीसरे दिन फिसल गई। ईरान को लेकर बनी अनिश्चितता और फेडरल रिजर्व के दरें बढ़ाने के बढ़ते अनुमानों ने अमेरिकी डॉलर को मजबूत बनाए रखा है, और मजबूत डॉलर आमतौर पर सोने की चमक घटा देता है। यहां भी बाजार की नजर फेड चेयरमैन वॉर्श के भाषण और दिन के अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर है, जिनसे नई दिशा मिल सकती है।
ISM मैन्युफैक्चरिंग आंकड़ों पर टिकीं निगाहें
बुधवार का बड़ा फोकस जून के ISM मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स पर रहेगा। यह अमेरिका के फैक्ट्री क्षेत्र की गतिविधि मापने वाले सबसे ज्यादा देखे जाने वाले पैमानों में से एक है और साथ ही पूरी अर्थव्यवस्था की सेहत का अहम संकेतक भी माना जाता है। बाजार का अनुमान है कि मुख्य आंकड़ा 54 पर स्थिर रहेगा, ऐसे में किसी भी बड़े उलटफेर से डॉलर और उसके इर्द-गिर्द घूम रहे करेंसी जोड़ों तथा सोने में हलचल आ सकती है।
सिंत्रा में जुटे दुनिया के सेंट्रल बैंकर
आंकड़ों से आगे इस हफ्ते एक बड़ा मंच भी सज रहा है। सिंत्रा का खूबसूरत, किसी परीकथा जैसा नजारा एक बार फिर यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सालाना फोरम की मेजबानी कर रहा है, जो हर साल की तरह दुनिया के दिग्गज सेंट्रल बैंकरों को एक साथ लाता है। फेडरल रिजर्व के नए मुखिया, जो खुलकर यह कह चुके हैं कि सेंट्रल बैंक को अपने हर कदम की सफाई देना बंद कर देना चाहिए, इस मंच पर बोलने वाले हैं, और बाजार उनकी हर बात पर कान लगाए रहेगा। दूसरे संकेतों से खाली इस हफ्ते में नीति-निर्माताओं की ये आवाजें करेंसी और कमोडिटी दोनों की चाल तय कर सकती हैं।













