भारतीय शेयर बाजार में कंपनियों के बाजार पूंजीकरण का समीकरण समय के साथ तेजी से बदलता है। टाटा समूह की प्रमुख कंपनी टाइटन और ऑटो सेक्टर की दिग्गज मारुति सुजुकी इंडिया दोनों ही निवेशकों के बीच असाधारण विश्वास रखती हैं। उपभोक्ता उत्पादों की मांग हो या फिर दलाल स्ट्रीट पर दीर्घकालिक निवेश का फैसला, दोनों ही कंपनियों की साख मार्केट में मजबूत मानी जाती है। हालांकि, पिछले 17 वर्षों के दौरान टाइटन के व्यावसायिक प्रदर्शन और मार्केट कैप की वृद्धि ने शेयर बाजार के दिग्गजों को चकित कर दिया है। टाटा की इस कंपनी ने न केवल मारुति सुजुकी को बाजार मूल्यांकन के मामले में पछाड़ा है, बल्कि निवेशकों को भी बहुस्तरीय रिटर्न देकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
17 वर्षों में 15 प्रतिशत से बाजार मूल्यांकन के शिखर तक का सफर
टाइटन और मारुति सुजुकी इंडिया के मार्केट कैप के आंकड़े 17 वर्षों में एक बड़े बदलाव की गवाही देते हैं। वर्ष 2009 में जब दोनों कंपनियों के बाजार पूंजीकरण की तुलना की गई थी, तब मारुति का मार्केट कैप 22,400 करोड़ रुपये था। इसके मुकाबले टाइटन का बाजार पूंजीकरण महज 3,500 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इसका सीधा अर्थ यह था कि उस समय टाइटन का कुल बाजार मूल्य मारुति के 15 प्रतिशत के बराबर भी नहीं था और वह मारुति के 7वें हिस्से से भी कम स्थान पर खड़ी थी।
हालांकि, इसके बाद टाइटन ने वित्तीय विकास की अपनी रफ्तार बढ़ानी शुरू की। अगले 6 वर्षों के भीतर, यानी वित्तवर्ष 2015 तक आते-आते, टाइटन का बाजार पूंजीकरण मारुति के मुकाबले बढ़कर 31 प्रतिशत तक पहुंच गया। विकास की यह गति यहीं नहीं रुकी। अगले 5 वर्षों में, यानी वित्तवर्ष 2020 तक, टाटा की यह कंपनी मारुति के मार्केट कैप के 64 प्रतिशत के स्तर को छू चुकी थी। वित्तवर्ष 2026 तक पहुंचते-पहुंचते टाइटन का बाजार पूंजीकरण मारुति के कुल मूल्यांकन का 91 प्रतिशत हो गया।
चालू वित्तवर्ष के ताजा आंकड़ों के अनुसार, टाइटन का बाजार पूंजीकरण बढ़कर 4,48,882 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं दूसरी तरफ, मारुति सुजुकी इंडिया का मार्केट कैप 4,34,944 करोड़ रुपये के आसपास बना हुआ है। इस प्रकार टाइटन ने मारुति सुजुकी को बाजार पूंजीकरण में पीछे छोड़ते हुए बढ़त हासिल कर ली है।
14 अगस्त को दोनों कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन
शेयर बाजार के हालिया कारोबारी सत्र में दोनों दिग्गजों के शेयरों में हल्का दबाव देखने को मिला। 14 अगस्त शुक्रवार के दिन मारुति सुजुकी इंडिया के शेयर में 0.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही कंपनी का शेयर 13,834 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, टाइटन कंपनी के शेयर शुक्रवार के दिन 0.15 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 5,056 रुपये के भाव पर बंद हुए। उल्लेखनीय है कि टाइटन का शेयर कारोबारी सत्र के दौरान 5,079 रुपये के भाव तक पहुंचा था, जो इसका 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर रहा है।
निवेशकों को रिटर्न: टाइटन और मारुति की तुलना
दोनों कंपनियों द्वारा अपने शेयरधारकों को दिए गए रिटर्न की तुलना की जाए तो टाइटन का प्रदर्शन काफी मजबूत दिखाई देता है। पिछले तीन वर्षों की अवधि में टाइटन ने निवेशकों को 67.94 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। वहीं, बीते एक साल की अवधि में टाइटन का रिटर्न 44.90 प्रतिशत दर्ज किया गया है। सालाना आधार पर टाइटन ने 24.80 प्रतिशत का रिटर्न प्रदान किया है। कम अवधि के आंकड़ों को देखें तो पिछले तीन महीनों में कंपनी ने 22.27 प्रतिशत और पिछले एक महीने में 10.55 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
इसके विपरीत, मारुति सुजुकी इंडिया के शेयरों का रिटर्न मिला-जुला रहा है। मारुति ने पिछले तीन वर्षों के दौरान अपने निवेशकों को 48.41 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जबकि एक साल की अवधि में इसका रिटर्न 6.94 प्रतिशत ही रहा है। सालाना आधार पर मारुति सुजुकी के रिटर्न में 17.15 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। पिछले तीन महीनों के दौरान मारुति का रिटर्न 5.80 प्रतिशत रहा, जबकि पिछले एक महीने में कंपनी ने निवेशकों को केवल 2.56 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।



















