न्यूजीलैंड डॉलर में शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान जोरदार बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी मुद्रा डॉलर में आई व्यापक कमजोरी के बीच न्यूजीलैंड डॉलर अपने अमेरिकी समकक्ष के मुकाबले 0.75% उछलकर 0.5900 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध स्तर के काफी करीब पहुंच गया। NZD/USD मुद्रा जोड़े (करेंसी पेयर) में यह तेजी अमेरिका से आए कमजोर व्यापक आर्थिक आंकड़ों के कारण देखने को मिली है। वहीं दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के केंद्रीय बैंक द्वारा मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने की उम्मीदों से स्थानीय मुद्रा को मजबूत सहारा मिल रहा है, जिससे दोनों देशों की मौद्रिक नीतियों में अंतर स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में गिरावट से पस्त हुआ डॉलर
अमेरिकी डॉलर में आई हालिया गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका में उपभोक्ता गतिविधियों और घरेलू उपभोक्ता विश्वास में आई सुस्ती है। जुलाई महीने के लिए जारी अमेरिकी रिटेल सेल्स (खुदरा बिक्री) के आंकड़ों में महीने-दर-महीने आधार पर 0.6% की अचानक गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट जून में दर्ज की गई 0.2% की वृद्धि के बिल्कुल उलट है और बाजार के 0.1% बढ़त के अनुमान से भी काफी नीचे रही। हालांकि सालाना आधार पर खुदरा बिक्री में 5% की बढ़त देखी गई, लेकिन मासिक स्तर पर आया यह संकुचन अमेरिकी उपभोक्ताओं की ओर से गैर-जरूरी खर्चों में बरती जा रही सावधानी को उजागर करता है।
अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन (UoM) द्वारा जारी कंज्यूमर सेंटीमेंट इंडेक्स (उपभोक्ता विश्वास सूचकांक) के शुरुआती आंकड़ों में भी अगस्त के दौरान गिरावट दर्ज की गई। मुख्य कंज्यूमर सेंटीमेंट इंडेक्स जुलाई के 55.2 से गिरकर अगस्त में 51 पर आ गया, जो 54.5 के अनुमानित आंकड़े से कम है। इसके अलावा, मौजूदा आर्थिक स्थितियों को दर्शाने वाला करंट कंडीशंस इंडेक्स 54.8 से घटकर 51.8 रह गया, जबकि एक्सपेक्टेशंस इंडेक्स (भविष्य की उम्मीदों का सूचकांक) 55.4 से फिसलकर 50.6 पर आ गया। उपभोक्ता भावना में यह गिरावट लगातार बनी महंगाई और ऊंची ब्याज दरों से जुड़ी चिंताओं को दर्शाती है, जो आम परिवारों के बजट पर दबाव डाल रही हैं।
दूसरी तरफ, अमेरिका में महंगाई दर के आंकड़े नीति निर्माताओं के लिए मिलाजुला परिदृश्य पेश कर रहे हैं। जुलाई के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) यानी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर में महीने-दर-महीने आधार पर 0.1% की बढ़त देखी गई, जबकि खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर कोर CPI में 0.2% की वृद्धि दर्ज की गई। सालाना आधार पर हेडलाइन महंगाई 3.4% पर बनी हुई है, जो केंद्रीय बैंक के 2% के लक्ष्य से ऊपर है। यह बताता है कि कर्मचारियों की वास्तविक क्रय शक्ति में स्थिरता बनी हुई है, भले ही आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती को देखते हुए फेडरल रिजर्व द्वारा त्वरित ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें थोड़ी कम हुई हों।
न्यूजीलैंड की मौद्रिक नीति और विनिर्माण क्षेत्र का हाल
प्रशांत महासागरीय क्षेत्र की बात करें तो न्यूजीलैंड डॉलर को रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड (RBNZ) की ओर से मौद्रिक नीति में सख्ती बनाए रखने की संभावनाओं से बल मिल रहा है। विदेशी मुद्रा बाजार के कारोबारी आने वाली बैठकों में RBNZ द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद लगाए हुए हैं। केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि महंगाई को लक्ष्य के दायरे में लाने के लिए मौद्रिक नीति में दी गई ढील को वापस लेना आवश्यक है, जिससे स्थानीय मुद्रा को समर्थन मिल रहा है।
हालांकि, केंद्रीय बैंक के इस सख्त रुख के सामने न्यूजीलैंड के घरेलू औद्योगिक क्षेत्र में सुस्ती के संकेत भी मिले हैं। बिजनेस एनजे परफॉर्मेंस ऑफ मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स (PMI) जुलाई में घटकर 54.3 पर आ गया, जो जून में संशोधित होकर 60.1 दर्ज किया गया था। यद्यपि यह सूचकांक अभी भी 50 के स्तर से ऊपर बना हुआ है (जो विस्तार और संकुचन के बीच की सीमा है), फिर भी वृद्धि दर में आई यह सुस्ती यह सवाल उठाती है कि आगे मौद्रिक नीति में कितनी सख्ती की गुंजाइश बची है और घरेलू विनिर्माण क्षेत्र इस दबाव को कितना झेल सकता है।
वैश्विक मुद्रा बाजार और कमोडिटी परिसंपत्तियों की स्थिति
शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी का असर दुनिया भर के मुद्रा और कमोडिटी बाजारों पर साफ दिखाई दिया, जहां प्रमुख मुद्राओं और कीमती धातुओं ने अपनी स्थिति मजबूत की
- GBP/USD में उछाल: ब्रिटिश पाउंड ने मजबूत तेजी दिखाते हुए 1.3560 के स्तर के आसपास तीन महीने के नए उच्चतम स्तर को छुआ। लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद आई यह तेजी डॉलर पर बने बिक्री के दबाव का नतीजा रही।
- EUR/USD की रिकवरी: यूरो में उल्लेखनीय सुधार हुआ और यह मध्य जून के बाद पहली बार 1.1500 के ऊपरी स्तरों तक पहुंच गया। इस तेजी को बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा संभावित हस्तक्षेप की अटकलों और मध्य पूर्व में जारी अनिश्चितता से भी समर्थन मिला।
- सोने की कीमतों में सुधार: सोने की हाजिर कीमतें पिछले दिन की गिरावट को पाटते हुए प्रति ट्रॉय औंस $4,400 के स्तर की तरफ वापस लौट आईं। डॉलर की कमजोरी और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर रुख नरम रहने के अनुमान से सोने को मजबूती मिली।
NZD/USD का तकनीकी विश्लेषण और लाइव मार्केट आउटलुक
अल्पकालिक चार्ट संरचना के अनुसार, NZD/USD शुक्रवार देर रात के सत्र में 0.5894 के आसपास कारोबार कर रहा था। यह करेंसी पेयर 100-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 0.5868 और 200-अवधि के SMA 0.5874 दोनों से ऊपर बना हुआ है, जो इसके तेजी के रुझान को दर्शाता है। हालांकि, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) के 75 के आसपास रहने से ओवरबॉट (अत्यधिक खरीदारी) की स्थिति का संकेत मिलता है, जिससे छोटे समय सीमा में कुछ ठहराव आ सकता है।
तकनीकी स्तरों पर, पहला प्रतिरोध 0.5900 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर है, जिसके ऊपर 0.5925 का दूसरा ऊपरी स्तर मौजूद है। नीचे की तरफ, 0.5874 और 0.5868 का मूविंग एवरेज क्षेत्र निकटतम सपोर्ट क्लस्टर बनाता है, जबकि 0.5860 पर एक मजबूत निचला समर्थन स्तर मौजूद है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, NZD/USD फिलहाल 0.5897 के करीब ट्रेड कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 0.5861 के मुकाबले 0.60% की बढ़त दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 0.5584 से 0.6093 रहा है। दैनिक संकेतकों में 14-दिन का RSI 61 पर है और MACD में बुलिश हिस्टोग्राम बना हुआ है। 20-दिन का EMA 0.5849, 50-दिन का EMA 0.5824 और 200-दिन का EMA 0.5824 गोल्डन क्रॉस (जब 50-दिन का EMA 200-दिन के EMA को पार करता है) और दीर्घकालिक तेजी का संकेत दे रहे हैं। दैनिक बॉलिंगर बैंड 0.5763 से 0.5931 के बीच स्थित हैं। औसत दिशात्मक सूचकांक (ADX) 22 पर है जो रुझान के विकास को दर्शाता है। मुख्य दैनिक पिवट स्तरों के अनुसार रेजिस्टेंस R1 0.5915 और R2 0.5933 पर है, जबकि सपोर्ट S1 0.5863 और S2 0.5830 पर स्थित है, जो विदेशी मुद्रा व्यापारियों के लिए स्पष्ट तकनीकी सीमाएं प्रदान करते हैं।


















