मध्य पूर्व में पूर्ण युद्ध छिड़ने की आशंका और अमेरिका व ईरान के बीच जारी जवाबी हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। गुरुवार के कारोबारी सत्र में अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $90.95 प्रति बैरल के सत्र उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो $91.00 के बेहद करीब है। इस उछाल के साथ ही कच्चे तेल में इस सप्ताह अब तक लगभग 10% की बढ़त दर्ज की जा चुकी है। बुधवार को बाजार में आई मामूली सुस्ती के बाद गुरुवार को फिर से तेजी का दौर लौट आया है, जिसके पीछे घटता अमेरिकी तेल भंडार और नौवहन मार्ग में आ रही बाधाएं मुख्य कारण हैं।
मिडिल ईस्ट में सैन्य हमले और हॉर्मुज मार्ग में गंभीर संकट
क्षेत्रीय तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अमेरिका, ईरान पर और भी अधिक सख्त व उच्च स्तर के सैन्य हमले कर सकता है। ट्रंप का यह बयान ईरान की ओर से संभावित जवाबी कार्रवाई की चेतावनी के जवाब में आया। इससे पहले तेहरान ने अमेरिकी सेना पर मंगलवार को हुए हमलों के दौरान एक नागरिक विवाह समारोह को निशाना बनाने का आरोप लगाया था, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। बयानों के इस दौर ने भू-राजनीतिक अनिश्चितता को चरम पर पहुंचा दिया है।
सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से समुद्री व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यद्यपि अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने दावा किया था कि सोमवार को इस जलमार्ग से 17 मिलियन बैरल से अधिक तेल गुजरा, जो फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने के बाद से एक रिकॉर्ड है, लेकिन शिप ट्रैकिंग डेटा इन दावों को खारिज करता है। शिप ट्रैकिंग सेवा केपलर (Kpler) के निगरानी आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को जब अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा हमले शुरू हुए, तब हॉर्मुज जलडमरूमध्य से केवल 5 जहाजों ने ही प्रवेश किया। यह आंकड़ा 10 दिन पहले की तुलना में 50% की गिरावट दर्शाता है और युद्ध से पहले इस जलमार्ग का उपयोग करने वाले औसतन 130 जहाजों के मुकाबले बेहद मामूली है।
अमेरिकी तेल भंडार में भारी गिरावट से सुलग रही कीमतें
तेल बाजार में इस तेजी को अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के ताजा आंकड़ों से भी बल मिला है। EIA द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त के अंतिम सप्ताह में अमेरिका के वाणिज्यिक कच्चे तेल के भंडार में 4.45 मिलियन बैरल की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार विश्लेषकों ने केवल 1.1 मिलियन बैरल की गिरावट का अनुमान जताया था, जबकि इससे पिछले सप्ताह में भंडार में 0.095 मिलियन बैरल की बढ़ोतरी हुई थी। प्रत्याशित आंकड़े से कहीं अधिक भंडार घटने से आपूर्ति संकट गहराने का डर बढ़ गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकने वाला WTI क्रूड एक प्रमुख प्रकार का कच्चा तेल है। WTI का अर्थ वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट है, जो ब्रेंट क्रूड और दुबई क्रूड के साथ दुनिया के तीन मुख्य बेंचमार्क में शामिल है। कम घनत्व और कम सल्फर सामग्री के कारण WTI को हल्का (लाइट) और मीठा (स्वीट) माना जाता है। उच्च गुणवत्ता वाला होने के कारण इसे रिफाइन करना बेहद आसान होता है। यह तेल अमेरिका में उत्पादित होता है और कुशिंग हब के माध्यम से वितरित किया जाता है, जिसे पाइपलाइन क्रॉसरोड्स ऑफ द वर्ल्ड के नाम से जाना जाता है।
ओपेक+ के फैसले और अमेरिकी डॉलर का असर
अन्य संपत्तियों की तरह WTI क्रूड की कीमतें भी मुख्य रूप से मांग और आपूर्ति के सिद्धांतों से तय होती हैं। वैश्विक आर्थिक वृद्धि मांग को बढ़ाती है, जबकि सुस्त विकास मांग को कम करता है। इसके अलावा भू-राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध और प्रतिबंध आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करके कीमतों में उछाल लाते हैं। 12 तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक (OPEC) के निर्णय भी कीमतों को सीधे प्रभावित करते हैं। जब ओपेक उत्पादन कोटा घटाता है, तो बाजार में आपूर्ति तंग हो जाती है जिससे कीमतें बढ़ती हैं, जबकि उत्पादन बढ़ाने पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। ओपेक+ समूह में रूस सहित 10 गैर-ओपेक सदस्य भी शामिल हैं। चूंकि कच्चे तेल का अधिकांश व्यापार अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए कमजोर डॉलर तेल को सस्ता बनाता है और मजबूत डॉलर इसे महंगा करता है।
कीमतों पर साप्ताहिक इन्वेंट्री रिपोर्ट का भी गहरा असर पड़ता है। अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) हर मंगलवार को और EIA अगले दिन बुधवार को आंकड़े जारी करता है। सरकारी एजेंसी होने के कारण EIA के आंकड़े अधिक विश्वसनीय माने जाते हैं, हालांकि 75% मामलों में दोनों रिपोर्टों के नतीजों में केवल 1% का अंतर होता है। भंडार घटने का अर्थ मजबूत मांग और ऊंची कीमतें होता है, जबकि भंडार बढ़ने से कीमतें गिरती हैं।
डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी और वैश्विक बाजारों पर प्रभाव
कच्चे तेल के साथ-साथ ईंधन बाजार में भी असाधारण हलचल देखी जा रही है। अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और WTI के बीच का अंतर, जिसे अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड कहा जाता है, इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया है। इसने $102.00 प्रति बैरल से अधिक का सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ है, जो रिफाइनिंग मार्जिन में भारी उछाल और मध्यवर्ती ईंधनों की भारी किल्लत को दर्शाता है।
ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के बीच अन्य वित्तीय संपत्तियों में भी बड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया। गुरुवार को यूरोपीय कारोबार के दौरान USD/JPY जोड़ी गिरकर 157.00 के स्तर से नीचे आ गई। कमजोर अमेरिकी ADP रोजगार रिपोर्ट के कारण अमेरिकी डॉलर में चौतरफा गिरावट आई। वहीं बैंक ऑफ जापान (BoJ) की सख्त नीति की उम्मीदों और जापानी येन में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाओं ने जापानी मुद्रा को सहारा दिया।
एशियाई सत्र के दौरान AUD/USD जोड़ी 0.7150 के ऊपर बनी रही। ऑस्ट्रेलिया के कमजोर व्यापार आंकड़ों और चीन के सकारात्मक रेटिंगडॉग सर्विसेज PMI के बीच मुकाबला देखने को मिला, जबकि सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं ने डॉलर की गिरावट को थामे रखा। दूसरी ओर, सोने की कीमतें $4,450 के नीचे बनी रहीं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कमजोर ADP आंकड़ों ने सोने को निचले स्तर से उबारने में मदद की, हालांकि ऊर्जा दरों के कारण मुद्रास्फीति बढ़ने के खतरे से बॉन्ड यील्ड को समर्थन मिल सकता है। बाजार प्रतिभागी इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) द्वारा गुरुवार को 14:00 GMT पर जारी होने वाले अगस्त सर्विसेज PMI आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जिसके जुलाई के 54.1 से बढ़कर 54.3 होने का अनुमान है।



















