शेयर बाजार में लगातार हलचल के बीच हैदराबाद की जानी-मानी इंजीनियरिंग समाधान कंपनी मॉर्ड-टेक टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के शेयरों में निवेशकों की भारी रुचि देखने को मिल सकती है। कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए डिविडेंड और बोनस इश्यू दोनों का ऐलान किया है, जिसके चलते बाजार में इस स्टॉक को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कंपनी के इस कदम से निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न मिलने की उम्मीद है और आने वाले कारोबारी सत्रों में इस पर विशेष नजर रहेगी।
सोमवार, 31 अगस्त को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर कंपनी का शेयर 2.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 197.8 रुपये पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान इस स्टॉक ने 199.90 रुपये का ऊपरी और 190.20 रुपये का निचला स्तर छुआ। इस पूरे उतार-चढ़ाव के बाद कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 569.77 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पिछले कुछ हफ्तों में इस शेयर ने अपने निवेशकों को मजबूत मुनाफा दिया है, जिससे बाजार में इसका आकर्षण और बढ़ गया है।
डिविडेंड और बोनस की अहम तारीखें
कंपनी के निदेशक मंडल ने 26 अगस्त को हुई बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 100 प्रतिशत के अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की है। बोर्ड ने 2 रुपये के अंकित मूल्य वाले इक्विटी शेयरों पर वित्तीय वर्ष 31 मार्च, 2026 के लिए 2.00 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड तय किया है। शेयरधारकों के लिए अगली सबसे महत्वपूर्ण तारीख 14 सितंबर, 2026 है, जिसे डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट के रूप में तय किया गया है। इसके अलावा 21 सितंबर, 2026 को होने वाली आम बैठक यानी एजीएम में इस प्रस्ताव पर मुहर लगनी बाकी है।
जो निवेशक बोनस शेयरों के मिलने का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें कंपनी की तरफ से आने वाली अगली एक्सचेंज फाइलिंग का इंतजार करना होगा। बोनस शेयर के लिए तय होने वाली रिकॉर्ड डेट से ही यह स्पष्ट होगा कि किस तारीख तक के शेयरधारकों को अतिरिक्त शेयरों का लाभ मिलेगा। जब तक इस नई तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक बोनस के अधिकार को अंतिम रूप नहीं दिया जा सकता है। कॉरपोरेट कार्रवाइयों के ये फैसले आमतौर पर निवेशकों के बीच सकारात्मक संदेश देते हैं, खासकर तब जब शेयर ने हाल ही में मजबूत प्रदर्शन किया हो।
शेयर का पिछला प्रदर्शन और वित्तीय सेहत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि केवल डिविडेंड या बोनस के आधार पर ही किसी निवेश का फैसला नहीं किया जाना चाहिए। किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसकी वित्तीय स्थिति, ऑर्डर मिलने की रफ्तार, उद्योग का चक्र और मूल्यांकन को भी देखना बेहद जरूरी होता है। मौजूदा शेयरधारकों के लिए यह डिविडेंड एक नकद रिटर्न की तरह है, जबकि बोनस मिलने से उनके पास शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी। नए निवेशकों के लिए कीमतों में आई हालिया तेजी और आने वाली रिकॉर्ड डेट को ध्यान में रखना जरूरी है क्योंकि इस दौरान शेयरों के भाव तेजी से बदल सकते हैं।
कंपनी ने योग्य निवेशकों की पहचान के लिए 14 सितंबर को रिकॉर्ड डेट के रूप में तय किया है। निवेशकों को इस लाभ को पाने के लिए तय तारीख से पहले शेयर अपने डीमैट खाते में रखने होंगे। कंपनी के बयान के अनुसार, शेयरधारकों की पात्रता तय करने की यह अंतिम तारीख तय की जा चुकी है। पिछले कारोबार में बढ़त दर्ज करने वाला यह शेयर 16 अक्टूबर, 2025 को अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर 220.05 रुपये पर पहुंचा था, जबकि 30 मार्च, 2026 को यह लुढ़ककर 101.30 रुपये के निचले स्तर तक आ गया था। इस कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी यानी आरओई 15.89 प्रतिशत है और इसने पिछले तीन महीनों में करीब 63 प्रतिशत तथा छह महीनों में लगभग 48 प्रतिशत का छलांग लगाई है।



















