वीकेंड, शादियों और पार्टियों के दौरान लोग अपनी थकान मिटाने और खुशियां मनाने के लिए कई तरह के तरीकों का सहारा लेते हैं। काम के तनाव भरी जिंदगी और महानगरों के अकेलेपन से राहत पाने के लिए लोग अक्सर इस समय दोस्तों और परिवार के बीच पार्टी करना पसंद करते हैं। इस दौरान मिलने वाले मौकों पर कई लोग मनोरंजन या रिलैक्स होने के नाम पर ड्रिंक, सिगरेट और गुटखा जैसी चीजों का सेवन करने लगते हैं। हालांकि शुरुआत में इन चीजों से कुछ समय के लिए मानसिक सुकून या अच्छा महसूस हो सकता है, लेकिन धीरे-धीरे यह शरीर के भीतर गंभीर बीमारियों को जन्म देने लगता है। शुरुआत में लोगों को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं होता कि उनके शरीर में कौन सा खतरनाक बदलाव चल रहा है और बीमारियां चुपचाप अंदर ही अंदर पनपती रहती हैं।
तंबाकू और सिगरेट से बढ़ता है गंभीर खतरा
डॉक्टर अक्षत मलिक (सीनियर कंसल्टेंट हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी, अपोलो हॉस्पिटल, दिल्ली) ने इस विषय पर विस्तार से बताते हुए कहा है कि मुंह के कैंसर के सबसे बड़े कारणों में तंबाकू का सेवन करना शामिल है। गुटखा, खैनी, जर्दा और तंबाकू वाला पान जैसे स्मोकलैस टोबैको प्रोडक्ट सीधे तौर पर मुंह की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाते हैं और मसूड़ों को कमजोर करते हैं। इसके अलावा सिगरेट और बीड़ी पीने से निकलने वाला धुआं भी मुंह, सिर और गर्दन के कैंसर के जोखिम को काफी ज्यादा बढ़ा देता है। तंबाकू का असर शरीर पर बहुत गहरा और घातक होता है, जो लंबे समय तक उपयोग करने पर गंभीर रूप ले लेता है।
कभी-कभार का सेवन भी है खतरनाक
अक्सर लोगों के मन में यह गलतफहमी रहती है कि वे रोजाना इन चीजों का सेवन नहीं करते हैं, बल्कि केवल वीकेंड या पार्टियों के दौरान ही इनका इस्तेमाल करते हैं, इसलिए उन्हें इसका कोई नुकसान नहीं होगा। लोग सोचते हैं कि कभी-कभार सेवन करने से जोखिम कम हो जाता है। लेकिन डॉक्टर इस बात पर जोर देते हैं कि तंबाकू का सेवन किसी भी रूप में और किसी भी मात्रा में स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता है। खासकर जब कभी-कभार की जाने वाली यह आदत धीरे-धीरे बार-बार दोहराई जाने लगती है, तो यह कब एक नियमित लत में बदल जाती है, इसका पता ही नहीं चलता और शरीर लगातार खतरे की चपेट में आ जाता है।
शराब और तंबाकू का मेल बनाता है स्थिति को और गंभीर
शराब और तंबाकू का एक साथ सेवन करना स्वास्थ्य के लिए और भी ज्यादा चिंताजनक साबित होता है। जब कोई व्यक्ति शराब पीता है, तो यह मुंह की सतह को प्रभावित करती है और तंबाकू में मौजूद खतरनाक कैंसरकारी रसायनों के संपर्क में आने की क्षमता को और बढ़ा देती है। इस तरह से दोनों का एक साथ इस्तेमाल मुंह और गले के कैंसर के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। आजकल के युवाओं में सोशल स्मोकिंग या दोस्तों के साथ पार्टी में कभी-कभार तंबाकू लेने का चलन आम हो गया है, जिसे लोग ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते हैं। लेकिन किसी भी बड़ी और खतरनाक लत की शुरुआत अक्सर इसी तरह की छोटी बातों से होती है, जहां लोग यह कहकर शुरुआत करते हैं कि वे रोज इसका सेवन नहीं करते हैं।
शरीर के इन शुरुआती संकेतों को कभी न करें नजरअंदाज
यदि मुंह के कैंसर की पहचान शुरुआती दौर में ही कर ली जाए, तो इसके इलाज के नतीजे काफी अच्छे मिल सकते हैं। इसलिए शरीर द्वारा दिए जाने वाले कुछ खास लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इनमें से मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं: मुंह में ऐसा कोई छाला होना जो दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ठीक न हो रहा हो, मुंह के अंदर सफेद या लाल रंग के पैक्स बनना, मुंह को खोलने या खाना चबाने में किसी प्रकार की परेशानी महसूस होना, खाना खाते समय लगातार जलन या दर्द का बने रहना, जीभ या मुंह के किसी भी हिस्से में गांठ या मोटापन महसूस होना, भोजन निगलने में कठिनाई होना, गर्दन में बिना किसी दर्द के गांठ उभर आना, और आवाज में लंबे समय तक बदलाव बने रहना। यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देता है, तो खुद से कोई भी घरेलू इलाज करने के बजाय तुरंत किसी हेड एंड नेक या ओरल कैंसर विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
परिवार की भूमिका और सहयोग है अत्यंत महत्वपूर्ण
तंबाकू जैसी बुरी आदत को केवल किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद मानकर समाज या परिवार द्वारा नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि परिवार का कोई भी सदस्य हर पार्टी, शादी या खाने के बाद गुटखा या सिगरेट का सेवन करने लगा है, तो उसे सबके सामने शर्मिंदा करने के बजाय उससे प्रेम से बातचीत करने की आवश्यकता होती है। कई बार संबंधित व्यक्ति को खुद इस बात का अहसास ही नहीं होता है कि उसकी वह तथाकथित सोशल हैबिट कब एक नियमित और खतरनाक आदत में बदल चुकी है। ऐसे में परिवार का सही सहयोग और मार्गदर्शन उस व्यक्ति को इस बुरी आदत से बाहर निकालने में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
जश्न भी मनाएं और सेहत का भी रखें पूरा ध्यान
वीकेंड या छुट्टियों के दिन को इंजॉय करने के लिए केवल शराब और सिगरेट जैसी चीजें ही एकमात्र तरीका नहीं हैं। आप अपनी छुट्टियों को बेहतर बनाने के लिए वर्कआउट कर सकते हैं, साइकिलिंग कर सकते हैं, स्विमिंग कर सकते हैं और अपनी पसंद की किसी अन्य शारीरिक गतिविधि में हिस्सा ले सकते हैं। ऐसा करने से दिमाग में हैप्पी हार्मोन का निर्माण होता है और शरीर को अनगिनत फायदे मिलते हैं। आप अपने परिवार के साथ अधिक समय बिता सकते हैं, त्योहारों पर स्वादिष्ट मिठाइयों का आनंद ले सकते हैं, डांस कर सकते हैं और अच्छी यादों के लिए तस्वीरें खिंचवा सकते हैं। इन सकारात्मक तरीकों से आपका जश्न भी शानदार मनेगा और आपकी यादें तथा सेहत दोनों हमेशा बेहतर बनी रहेंगी।



















