सोमवार, 27 जुलाई को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बहुमूल्य धातुओं के बाजार में सोने के भाव ऊपर चढ़े। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुलियन की मजबूत चाल के साथ कदम मिलाते हुए मुंबई के सर्राफा बाजार में सोने के अलग-अलग कैरेट के दामों में इजाफा देखा गया। हालांकि, इस बीच चांदी के भावों में कोई बदलाव नहीं हुआ और वे पिछले स्तर पर ही टिके रहे। देश के इस प्रमुख वित्तीय केंद्र में हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल और बड़े निवेशक रोजाना सोने के भावों पर पैनी नजर रखते हैं, क्योंकि यहां का बाजार देश भर के रुझानों को काफी हद तक प्रभावित करता है।
विभिन्न कैरेट के सोने के नए दाम
सोमवार को सुबह 11:30 बजे के आंकड़ों के अनुसार मुंबई में 24-karat सोने की कीमत में 93 रुपये प्रति ग्राम की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद यह 14,586 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गई। वहीं, 22-karat सोने के भाव में 85 रुपये प्रति ग्राम का उछाल आया और यह 13,370 रुपये प्रति ग्राम हो गया। इसके अलावा, 18-karat सोने की कीमतों में भी 69 रुपये प्रति ग्राम की तेजी दर्ज की गई, जिससे इसका भाव बढ़कर 10,939 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया। इस तरह निवेशकों को हर श्रेणी के सोने के लिए अधिक भुगतान करना पड़ा।
चांदी की कीमतों में स्थिरता और पिछला उतार-चढ़ाव
सोने के उलट मुंबई में चांदी की कीमतों में सोमवार को कोई हलचल देखने को नहीं मिली और दाम स्थिर बने रहे। स्थानीय बाजार में चांदी की कीमत 240 रुपये प्रति ग्राम और 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर दर्ज की गई। बाजार जानकारों के अनुसार चांदी की कीमतों में इस साल की शुरुआत में यानी जनवरी के दौरान काफी तेज उतार-चढ़ाव देखा गया था, जिसके बाद फरवरी के महीने में इसमें एक बड़ा क्रैश भी आया था, जिससे कीमतें प्रभावित हुई थीं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार और अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैठक का असर
मुंबई और वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में यह ताजा तेजी मंगलवार, 28 जुलाई से शुरू होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले आई है। इस बैठक के फैसलों और नीतिगत रुख को लेकर वैश्विक निवेशकों में चर्चाएं तेज हैं।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस समय सोने का बाजार वैश्विक संकेतों के बीच अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। इस बारे में PlusCash के Founder and CEO प्रणव कुमार ने बताया, "GOLD is consolidating itself in a positive way after its latest rally as expectations about the Fed's policy stance, USD, and geopolitical events are being reassessed." उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय बैंकों की ओर से लगातार जारी खरीदारी, मजबूत निवेश मांग और इसके सेफ-हेवन स्टेटस के दम पर सोने का भविष्य उज्ज्वल बना हुआ है.



















