भारतीय शेयर बाजारों में संवत 2083 की औपचारिक शुरुआत रविवार, 8 नवंबर 2026 को विशेष दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के साथ हो रही है। परंपरागत रूप से लक्ष्मी पूजन के शुभ अवसर पर आयोजित होने वाले इस एक घंटे के प्रतीकात्मक सत्र को लेकर निवेशकों और ब्रोकरेज फर्मों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। सदियों पुरानी मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ घड़ी में नई खरीदारी करने से वर्ष भर धन, समृद्धि और सौभाग्य बना रहता है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE हर साल दिवाली की शाम यह विशेष ट्रेडिंग विंडो खोलते हैं, ताकि कारोबारी और आम निवेशक नए वित्तीय वर्ष के लिए अपने बहीखाते की सांकेतिक शुरुआत नए निवेश के साथ कर सकें।
शानदार साप्ताहिक उछाल के साथ ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा बाजार
मुहूर्त सत्र से ठीक पहले घरेलू बाजार में असाधारण तेजी का माहौल बना रहा। नवंबर 2026 के पहले पूरे हफ्ते में सूचकांकों ने पिछले कई वर्षों का सबसे दमदार प्रदर्शन दर्ज किया। 2 नवंबर से 6 नवंबर के कारोबारी सप्ताह के दौरान सेंसेक्स में 5,631.69 अंकों यानी 7.5 प्रतिशत की भारी उछाल आई, जिससे यह 81,028.02 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा। निफ्टी 50 ने भी कदम से कदम मिलाते हुए 1,762.55 अंकों अथवा 7.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की और 25,030.35 के स्तर को फिर से हासिल कर लिया। फरवरी के बाद यह पहला मौका रहा जब निफ्टी ने मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 25,000 के स्तर के ऊपर अपना पड़ाव बनाया।
शुक्रवार यानी 6 नवंबर के आखिरी नियमित सत्र में भी चौतरफा लिवाली देखने को मिली थी। उस दिन अकेले सेंसेक्स 1,718 अंक यानी 2.17 प्रतिशत उछला था, जबकि निफ्टी में 2.01 प्रतिशत की जोरदार मजबूती दर्ज की गई। फरवरी 2021 के बाद दोनों प्रमुख सूचकांकों के लिए यह सबसे बेहतरीन साप्ताहिक प्रदर्शन साबित हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से लौटी खरीदारी और घरेलू संस्थागत निवेशकों के निरंतर सहयोग ने बाजार के माहौल को काफी मजबूत बना दिया है।
मुहूर्त ट्रेडिंग का 69 साल पुराना इतिहास और परंपरा
शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग का इतिहास आधुनिक तकनीकी विश्लेषण और इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से कहीं पुराना है। इस परंपरा की शुरुआत बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में वर्ष 1957 में हुई थी। इसके दशकों बाद वर्ष 1992 में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने भी इस अनूठी परंपरा को अपनी कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया। व्यापारिक समुदाय में दिवाली के दिन नए खाता बही यानी 'चोपड़ा' का पूजन करने और नए वित्तीय वर्ष का श्रीगणेश करने की सदियों पुरानी परिपाटी रही है। उसी सोच को शेयर बाजार में प्रतीकात्मक ट्रेडिंग के रूप में शामिल किया गया था।
ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि मुहूर्त ट्रेडिंग का सत्र केवल एक औपचारिकता भर नहीं होता, बल्कि अधिकांश मौकों पर यह निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरता रहा है। वर्ष 2024 और 2025 तक के पिछले सात वर्षों के रुझानों पर नजर डालें तो हर बार यह विशेष सत्र बढ़त के साथ ही समाप्त हुआ है। आमतौर पर सेंसेक्स और निफ्टी में इस एक घंटे के दौरान मामूली से लेकर एक प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिलती रही है। एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर के अनुसार, जिन वर्षों में मुहूर्त ट्रेडिंग सकारात्मक दायरे में बंद होती है, उन वर्षों में बाजार ने औसतन लगभग 0.5 प्रतिशत की तत्कालीन बढ़त दिखाई है।
8 नवंबर 2026 का पूरा टाइम टेबल और सेटलमेंट नियम
दिवाली रविवार को पड़ने के कारण शेयर बाजार नियमित समय पर नहीं खुले, बल्कि केवल मुहूर्त सत्र के लिए विशेष समय सारणी निर्धारित की गई। तय कार्यक्रम के अनुसार दिन के कारोबार की शुरुआत ब्लॉक डील विंडो से हुई, जिसका समय दोपहर 1:50 बजे से 2:05 बजे तक रखा गया। इसके तुरंत बाद बीएसई और एनएसई दोनों पर दोपहर 2:05 बजे से 2:20 बजे तक 15 मिनट का प्री-ओपनिंग सत्र आयोजित किया गया।
आम निवेशकों के लिए वास्तविक मुहूर्त ट्रेडिंग दोपहर 2:20 बजे शुरू होकर शाम 3:30 बजे तक संचालित की गई। इस एक घंटे दस मिनट की अवधि में इक्विटी, डेरिवेटिव्स और अन्य स्वीकृत सेगमेंट में सौदे किए गए। इसके उपरांत 3:20 बजे से 3:35 बजे तक क्लोजिंग ऑक्शन आयोजित हुआ, जबकि 3:50 बजे से 4:00 बजे तक पोस्ट-क्लोजिंग सत्र चला। इस दिन किए गए सभी सौदों का निपटान अगले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 9 नवंबर 2026 को T+1 सेटलमेंट चक्र के आधार पर पूरा किया जाएगा। एक्सचेंज ने निवेशकों को आगाह किया कि वे अपने डीमैट और ट्रेडिंग खाते में पर्याप्त शेयर और फंड पहले से सुनिश्चित रखें ताकि डिलीवरी में किसी भी प्रकार की तकनीकी रुकावट न आए।
निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए अहम तकनीकी स्तर
तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि पिछले हफ्ते की जबर्दस्त रैली ने चार्ट्स पर बाजार की स्थिति को काफी मजबूत कर दिया है। निफ्टी 50 ने अपने पुराने कंसॉलिडेशन जोन को सफलतापूर्वक तोड़ते हुए 25,000 के ऊपर का स्तर हासिल कर लिया है। पोनमुडी आर ने बताया,
सत्र के लिए शुरुआती रुकावट 25,150 से 25,200 के दायरे में है, जबकि इसका अगला बड़ा प्रतिरोध 25,500 के आसपास नजर आ रहा है।यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो आने वाले दिनों में 25,800 से 26,000 की नई ऊंचाई के रास्ते खुल सकते हैं। नीचे की तरफ 24,800 से 24,600 का दायरा मजबूत सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है, जहां पिछले हफ्ते हर गिरावट पर नई खरीदारी देखी गई।
दूसरी ओर बैंकिंग शेयरों ने इस पूरे उछाल का नेतृत्व किया है। बैंक निफ्टी पिछले हफ्ते 8.04 प्रतिशत चढ़कर 59,086 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स ने 9.06 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ और भी बेहतर प्रदर्शन किया। बैंकिंग इंडेक्स के लिए पहला प्रतिरोध 59,200 से 59,400 के बीच है और इसके बाद 60,000 से 60,200 का दायरा महत्वपूर्ण रहेगा। इस स्तर के पार निकलने पर बैंक निफ्टी 60,500 की तरफ बढ़ सकता है। नीचे की तरफ 58,600 से 58,000 का स्तर मजबूत सुरक्षा कवच का काम करेगा। विश्लेषकों का कहना है कि इतनी बड़ी तेजी के बाद थोड़ी देर के लिए स्थिरता आना स्वाभाविक और सेहतमंद माना जाना चाहिए।
ब्रोकरेज फर्मों का आउटलुक और कॉरपोरेट अर्निंग्स की ताकत
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव जैसी बाहरी चुनौतियों के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था को लेकर जानकारों का नजरिया बेहद सकारात्मक बना हुआ है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने अपने शोध में स्पष्ट किया है कि बाजार में हाल में देखा गया उतार-चढ़ाव बाहरी वजहों से था, न कि कंपनियों के बुनियादी मुनाफे में किसी गिरावट के कारण। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही यानी Q2FY27 में लिस्टेड कंपनियों ने अपने राजस्व और शुद्ध लाभ यानी PAT में 20 प्रतिशत से अधिक की सालाना वृद्धि दर्ज की है।
विशेष रूप से मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों ने इस अवधि में 30 प्रतिशत से ज्यादा का मुनाफा दर्ज करके अपनी क्षमता साबित की है। मूल्यांकन के लिहाज से भी निफ्टी 50 का दो साल का फॉरवर्ड P/E अनुपात 16.6 गुना पर आ गया है, जो इसके दस साल के ऐतिहासिक औसत 18.2 गुना से काफी नीचे और आकर्षक है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के दौरान निफ्टी की अर्निंग्स 16 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्ध दर (CAGR) से बढ़ेंगी। ऐसे में अगले बारह महीनों के भीतर शेयर बाजार में दोहरे अंकों का स्वस्थ रिटर्न मिलने की पूरी उम्मीद जताई गई है।
संवत 2083 के टॉप 10 स्टॉक और निवेश के मौके
एक्सिस डायरेक्ट, पीएल कैपिटल, कोटक नियो और जियोजित जैसी दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों ने संवत 2083 के लिए लगभग 39 शेयरों में खरीदारी की सिफारिश की है। कुछ चुनिंदा शेयरों में आने वाले संवत के दौरान 70 प्रतिशत तक के संभावित मुनाफे का अनुमान लगाया गया है। इस सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और बजाज फाइनेंस जैसी दिग्गज कंपनियां भी शामिल हैं।
जियोजित ने अपने विशेष दिवाली पोर्टफोलियो में विभिन्न क्षेत्रों की 10 मजबूत कंपनियों को शामिल किया है, जिनका विवरण 6 नवंबर 2026 के बंद भाव और मार्केट कैप के अनुसार इस प्रकार है
- आईसीआईसीआई बैंक: बैंकिंग सर्विसेज क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी का मौजूदा शेयर भाव ₹1,571.20 और कुल मार्केट कैप ₹10,01,595 करोड़ दर्ज किया गया।
- लार्सन एंड टुब्रो: कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग क्षेत्र की इस अग्रणी कंपनी का भाव ₹4,117.70 रहा, जबकि इसका मार्केट कैप ₹5,01,513 करोड़ है।
- कोटक महिंद्रा बैंक: निजी बैंकिंग क्षेत्र का यह प्रमुख शेयर ₹480.00 पर बंद हुआ और इसका बाजार मूल्यांकन ₹4,27,858 करोड़ रहा।
- इटरनल: कंज्यूमर सर्विसेज क्षेत्र से जुड़ी यह कंपनी ₹363.15 के भाव पर कारोबार कर रही है और इसका मार्केट कैप ₹3,05,916 करोड़ है।
- टेक महिंद्रा: आईटी सर्विसेज सेक्टर का यह बड़ा नाम ₹1,830.00 के स्तर पर बंद हुआ और इसका कुल मूल्यांकन ₹1,75,398 करोड़ दर्ज हुआ।
- संवर्धन मदरसन: ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनी का शेयर ₹158.55 पर रहा, जिसका बाजार पूंजीकरण ₹1,59,366 करोड़ आंका गया।
- इंडियन होटल्स कंपनी: हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी का शेयर मूल्य ₹888.00 रहा और इसकी कुल पूंजी ₹1,11,597 करोड़ दर्ज की गई।
- सैगिलिटी: आईटी सर्विसेज क्षेत्र की इस तेजी से उभरती कंपनी का भाव ₹43.46 पर रहा और इसका मार्केट कैप ₹20,645 करोड़ है।
- पीवीआर आइनॉक्स: मनोरंजन और मल्टीप्लेक्स चेन का यह प्रमुख शेयर ₹1,565.60 पर बंद हुआ, जिसका बाजार मूल्यांकन ₹13,704 करोड़ है।
- सािएंट: आईटी एवं इंजीनियरिंग सर्विसेज कंपनी सािएंट का भाव ₹1,110.50 दर्ज किया गया और इसका मार्केट कैप ₹12,878 करोड़ रहा।
जियोजित का मानना है कि कच्चे तेल के झटकों और विदेशी पूंजी की निकासी के कारण अल्पकालिक उतार-चढ़ाव रह सकता है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे, मजबूत बैलेंस शीट और उचित मूल्यांकन वाले इन शेयरों में मध्यम से लंबी अवधि के निवेशकों के लिए जोखिम-इनाम का संतुलन काफी अनुकूल बना हुआ है।

















