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दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग के 15 वर्षों के रिकॉर्ड में 80 फीसदी बार चमका बाजार, जानिए इस बार के समीकरणबाज़ार
8 नव॰ 2026, 12:47 pm (10 मिनट पहले)· 0

दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग के 15 वर्षों के रिकॉर्ड में 80 फीसदी बार चमका बाजार, जानिए इस बार के समीकरण

दीपावली पर आयोजित होने वाले एक घंटे के विशेष मुहूर्त कारोबार में पिछले 15 में से 12 बार शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ है, जिससे निवेशकों में इस बार भी नए संवत को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

दीपावली के पावन अवसर पर नई खरीदारी को समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इसी धार्मिक व सांस्कृतिक मान्यता के तहत भारतीय शेयर बाजार में छुट्टी के दिन भी शाम को एक घंटे का विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस दिन से नए संवत की शुरुआत होती है, इसलिए कारोबारी समुदाय और आम निवेशक अपने नए वित्तीय वर्ष का आगाज लाभ और सकारात्मकता के साथ करना चाहते हैं। बीते डेढ़ दशक का इतिहास गवाह है कि यह एक घंटा महज प्रतीकात्मक औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि अधिकांश मौकों पर इसने निवेशकों की झोली में शानदार मुनाफा भी डाला है।

15 वर्षों में 12 बार हरे निशान पर थमा बाजार

अगर पिछले 15 सालों के कारोबारी आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो पता चलता है कि 12 बार दलाल स्ट्रीट पर तेजी का माहौल रहा और बाजार हरे निशान में बंद हुआ। केवल तीन ऐसे मौके आए जब सेंसेक्स और निफ्टी को नुकसान झेलते हुए लाल निशान पर विदा होना पड़ा। आंकड़ों के लिहाज से साल 2022 का सत्र सबसे ज्यादा यादगार साबित हुआ था, जब सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों ने 0.88% की जोरदार बढ़त दर्ज की थी। इसके विपरीत साल 2017 में बाजार को बड़ा झटका लगा था, जब बिकवाली के दबाव में निफ्टी 0.63% और सेंसेक्स 0.59% गिरकर लाल निशान में बंद हुए थे।

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लंबी अवधि में पांच गुना तक बढ़ चुकी है बाजार की पूंजी

अक्टूबर 2011 के दौरान मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन सेंसेक्स का स्तर महज 17,288 अंक पर था। बीते साल यह आंकड़ा बढ़कर 84,426 के स्तर तक जा पहुंचा, जिसका सीधा अर्थ यह है कि इस अवधि के दौरान सेंसेक्स करीब पांच गुना बढ़ चुका है। इसी तरह राष्ट्रीय शेयर सूचकांक निफ्टी भी इन 15 सालों के सफर में 5,201 अंक के निचले स्तर से लंबी छलांग लगाकर 25,868 के ऐतिहासिक आंकड़ों के पार निकल गया। यह लंबी यात्रा बिल्कुल भी आसान नहीं रही, क्योंकि इस दौरान घरेलू बाजार को वैश्विक आर्थिक मंदी, कोरोना महामारी, अनियंत्रित मुद्रास्फीति और यूक्रेन युद्ध जैसे कई अंतरराष्ट्रीय संकटों का सामना करना पड़ा, फिर भी भारतीय इक्विटी ने अपनी मजबूती साबित की।

मौजूदा स्तर और धनतेरस पर दिखी जोरदार वापसी

भले ही लंबी अवधि में विकास की रफ्तार तेज रही हो, लेकिन मौजूदा समय में सेंसेक्स और निफ्टी पिछले साल के मुहूर्त स्तर से कुछ नीचे कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी बीते साल के उस स्तर से करीब 3% नीचे है, जबकि सेंसेक्स लगभग 4% की गिरावट पर है। हालांकि हालिया सत्रों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला है। धनतेरस के दिन बाजार में जबरदस्त खरीदारी लौटी थी, जिसमें निफ्टी 2.01% चढ़कर 25,030.35 पर और सेंसेक्स 2.17% की बढ़त के साथ 81,028.02 के स्तर पर बंद हुआ। इसके अलावा पिछले सात कारोबारी सत्रों के दौरान बाजार ने 10% से ज्यादा की प्रभावशाली रिकवरी दिखाई है, जिसके चलते इस शाम होने वाले एक घंटे के विशेष सत्र में इतिहास दोहराने की उम्मीद बढ़ गई है।

सवाल-जवाब

मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र कितने समय का होता है?
दिवाली के पावन दिन पर शेयर बाजार में अवकाश होने के बावजूद यह विशेष सत्र केवल एक घंटे के लिए आयोजित किया जाता है।
पिछले 15 वर्षों में मुहूर्त ट्रेडिंग का सफलता दर क्या रहा है?
बीते 15 सालों के दौरान 12 बार बाजार हरे निशान में बंद होकर लाभ दे चुका है, जबकि केवल 3 बार ही गिरावट दर्ज हुई।
मुहूर्त ट्रेडिंग में सबसे बेहतरीन और सबसे खराब साल कौन से रहे?
साल 2022 सबसे बेहतरीन रहा जब दोनों प्रमुख सूचकांक 0.88% चढ़े, जबकि 2017 में निफ्टी 0.63% और सेंसेक्स 0.59% टूटा था।
2011 से अब तक सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी वृद्धि हुई है?
सेंसेक्स 17,288 से बढ़कर 84,426 तक पहुंचा यानी करीब पांच गुना उछला, वहीं निफ्टी 5,201 से उछलकर 25,868 के पार गया।
धनतेरस पर बाजार का प्रदर्शन कैसा रहा था?
धनतेरस के सत्र में निफ्टी 2.01% चढ़कर 25,030.35 पर और सेंसेक्स 2.17% बढ़कर 81,028.02 के स्तर पर बंद हुआ था।
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