नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGRs) की लाइव ट्रेडिंग का औपचारिक आगाज हो चुका है। कारोबार के पहले ही दिन इस सेगमेंट में 23.34 करोड़ रुपये की शानदार ट्रेडिंग दर्ज की गई। यह नया वित्तीय विकल्प निवेशकों को सुरक्षित वॉल्ट में रखे भौतिक सोने के आधार पर ई-गोल्ड की खरीद-बिक्री की सुविधा प्रदान करता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और ऑगमोंट एंटरप्राइजेज (Augmont Enterprises) के एक संयुक्त बयान के मुताबिक, पहले ट्रेडिंग सेशन के दौरान शाम 4:25 बजे तक कुल 1,60,357 EGR यूनिट्स का लेन-देन हुआ, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 6 किलोग्राम सोने के बराबर थी।
अनुशासित कीमतें और वॉल्ट सुरक्षा
कारोबार के शुरुआती दिन बाजार में कीमतों का निर्धारण बेहद व्यवस्थित और स्थिर बना रहा। पूरे ट्रेडिंग सेशन के दौरान कीमतें 1,450.50 रुपये से लेकर 1,460 रुपये के दायरे के भीतर ही बनी रहीं। वहीं, खरीद और बिक्री के भावों के बीच का अंतर यानी बिड-आस्क स्प्रेड 50 पैसे से लेकर 1 रुपये तक ही दर्ज किया गया। प्रत्येक EGR यूनिट 100 मिलीग्राम यानी 0.1 ग्राम फिजिकल गोल्ड के बराबर रखी गई है। निवेशकों के विश्वास और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, इन डिजिटल रिसीट्स के बैकअप में रखा जाने वाला भौतिक सोना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा विनियमित वॉल्ट्स में सुरक्षित जमा रहता है।
डीमैट अकाउंट से ट्रेडिंग और T+1 सेटलमेंट
निवेशक अपने सामान्य डीमैट अकाउंट और स्टॉक ब्रोकर के माध्यम से इन ईजीआर यूनिट्स की आसान खरीद-बिक्री कर सकते हैं। यह पूरा सेगमेंट शेयर बाजार के T+1 सेटलमेंट नियम का पालन करता है। इसका मतलब यह है कि किसी कारोबारी दिन खरीदी या बेची गई यूनिट्स का अंतिम सेटलमेंट अगले ट्रेडिंग सेशन में पूरा कर दिया जाता है। यह पहल एनएसई और ऑगमोंट के बीच भारत में ईजीआर इकोसिस्टम विकसित करने के लिए हुए समझौते का प्रतिफल है, जिसके तहत निवेशक अपने डीमैट खाते के जरिए भौतिक सोने के वास्तविक मालिकाना हक को डिजिटल रूप में धारण और ट्रांसफर कर सकते हैं।
विभिन्न कॉन्ट्रैक्ट साइज और फिजिकल गोल्ड डिलीवरी
इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स एक्सचेंज-ट्रेडेड सिक्योरिटीज के रूप में काम करती हैं, जिनके पीछे सुरक्षित वॉल्ट में रखा शुद्ध सोना होता है। इसकी मदद से निवेशकों को घर पर या लॉकर में भौतिक सोना रखने की चिंता किए बिना सीधे शेयर बाजार के जरिए सोने में निवेश और ट्रेडिंग करने की सुविधा मिलती है। ये रिसीट्स कंपनियों के शेयरों की तरह ही डीमैट खाते में जमा रहती हैं। अलग-अलग स्तर के निवेशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने 100 मिलीग्राम, 1 ग्राम, 10 ग्राम, 100 ग्राम और 1 किलोग्राम जैसे विभिन्न साइज में EGR कॉन्ट्रैक्ट्स उपलब्ध कराए हैं।
निवेशक चाहें तो अपनी यूनिट्स को अनिश्चित काल तक अपने डीमैट खाते में डिजिटल रूप में रख सकते हैं, या फिर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करके भौतिक सोना प्राप्त करने के लिए अपनी यूनिट्स को रिडीम भी कर सकते हैं। हालांकि, फिजिकल गोल्ड की डिलीवरी लेने का विकल्प चुनने पर निवेशकों को स्टोरेज, टेस्टिंग और ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े तय शुल्क का भुगतान करना होगा।



















