अमरीकी डॉलर और जापानी येन के बीच मुद्रा विनिमय बाजार में हालिया तेज उतार-चढ़ाव के बाद अब नीचे की ओर रुझान देखा जा रहा है। विदेशी मुद्रा बाजार के विश्लेषकों का आकलन है कि डॉलर में intraday आधार पर कमजोरी का रुख बना हुआ है, जिससे यह 157.20 के स्तर की तरफ झुक सकता है और जल्द ही 157.00 के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर का परीक्षण कर सकता है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय अनिश्चितता का माहौल है क्योंकि कारोबारी अमरीकी गैर-कृषि रोजगार (NFP) रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो निकट भविष्य में मुद्राओं की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
USD/JPY में दैनिक उतार-चढ़ाव और अल्पकालिक स्तर
हाल के कारोबारी सत्रों के दौरान डॉलर-येन जोड़ी में काफी अस्थिरता देखी गई। दो दिन पहले यह जोड़ी 157.39 से 158.74 के बीच घूमती रही। अगले कारोबारी दिन बाजार की चाल को लेकर अनिश्चितता बनी रही और यह अनुमान लगाया गया था कि डॉलर 157.70 और 158.70 के बीच कारोबार कर सकता है। इसके बाद डॉलर बढ़कर 158.49 के स्तर तक पहुंचा, लेकिन वहां से अचानक भारी गिरावट आकर 157.52 पर आ गया और अंततः 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 157.66 के स्तर पर बंद हुआ।
इस मूल्य कार्रवाई से बाजार में मंदी का दबाव बढ़ा है। आज के इंट्राडे दृष्टिकोण के अनुसार, डॉलर के नीचे की तरफ 157.20 तक जाने और प्रमुख सपोर्ट 157.00 की जांच करने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऊपर की तरफ सुधार आता है, तो पहला प्रतिरोध 158.10 के स्तर पर देखा जाएगा, जिसके बाद अगला रुकावट का स्तर 158.30 होगा।
मध्यम अवधि का परिदृश्य: 1 से 3 सप्ताह का नजरिया
दीर्घकालिक या 1 से 3 सप्ताह के क्षितिज पर विचार करें तो विशेषज्ञ पिछले सप्ताह के मध्य से ही एक निश्चित दायरे में कारोबार की उम्मीद कर रहे हैं। 04 नवंबर को जब स्पॉट मूल्य 158.25 पर था, तब यह संकेत दिया गया था कि दायरा व्यापक होकर 157.00 से 159.00 के बीच रहेगा।
बाजार के वर्तमान रुख को देखते हुए इस व्यापक दायरे का दृष्टिकोण यथावत बना हुआ है। जब तक यह जोड़ी इन दोनों में से किसी भी सीमा को मजबूती से नहीं तोड़ती, तब तक 157.00 से 159.00 का बैंड ही डॉलर और येन के कारोबार का मुख्य आधार बना रहेगा।
केंद्रीय बैंक नीतियां और व्यापक आर्थिक कारक
अमरीकी डॉलर की ऊपरी सीमा को सीमित करने में कई व्यापक आर्थिक कारक भूमिका निभा रहे हैं। अमरीकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में हालिया गिरावट दर्ज की गई है, जो घटकर दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई है। बॉन्ड यील्ड में इस नरमी ने डॉलर के खरीदारों को रक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। इसके अलावा, ईरान से जुड़े तनाव में कमी की उम्मीदों ने भी सुरक्षात्मक मुद्रा के रूप में अमरीकी डॉलर की मांग को कम किया है।
दूसरी ओर, जापानी येन को बैंक ऑफ जापान (BoJ) के सख्त मौद्रिक नीतिगत रुख से समर्थन मिल रहा है। साथ ही, जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप का जोखिम भी सटोरियों को डॉलर में बड़ी खरीदारी करने से रोक रहा है। इन संयुक्त कारणों से USD/JPY में बड़ी तेजी की गुंजाइश सीमित दिख रही है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सोने के बाजार की स्थिति
विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य हिस्सों में भी महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिल रही है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की ओर से आए ढीले मौद्रिक नीति संकेतों और वैश्विक शेयर बाजारों में जारी बिकवाली के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) एशियाई कारोबारी सत्र में तीन सप्ताह के निचले स्तर तक गिर गया। हालांकि, अमरीकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को और अधिक बड़े नुकसान से राहत मिली।
सोने के बाजार की बात करें तो कीमती धातु दो सप्ताह के उच्च स्तर से गिरकर 4,050 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गई है। अमरीकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद डॉलर में आई शुरुआती कमजोरी से सोना एक समय 4,000 डॉलर के ऊपर चला गया था। लेकिन अमरीकी डॉलर सूचकांक में सितंबर के निचले स्तरों से आए सुधार के कारण सोने पर फिर से बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। निवेशक अब अमरीकी रोजगार रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि सोने की अगली बड़ी चाल का अंदाजा लगाया जा सके।



















