भारतीय शेयर बाजार में एक और कंपनी ने शानदार कदम रखा है। गुजरात की नैक पैकेजिंग के शेयरों ने 8 जुलाई को बाजार में धमाकेदार एंट्री की। कंपनी के शेयर अपने आईपीओ (IPO) इश्यू प्राइस से लगभग 11 फीसदी के प्रीमियम पर लिस्ट हुए हैं। इस मजबूत लिस्टिंग ने निवेशकों के बीच कंपनी के प्रति मजबूत भरोसे को दर्शाया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी के शेयर 188 रुपये से 189 रुपये के दायरे में लिस्ट हुए, जो कि 170 रुपये प्रति शेयर के मूल इश्यू प्राइस के मुकाबले एक बड़ी बढ़त है।
लिस्टिंग के बाद ट्रेडिंग की स्थिति और शेयरों का प्रदर्शन
बाजार खुलने के बाद दोनों ही प्रमुख एक्सचेंजों पर नैक पैकेजिंग के शेयरों में जोरदार हलचल देखी गई। यह रिपोर्ट लिखे जाने के समय, नैक पैकेजिंग का शेयर प्राइस एनएसई (NSE) पर 186.69 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो कि इश्यू प्राइस से 9.8 प्रतिशत की बढ़त को दिखाता है। वहीं, बीएसई (BSE) पर कंपनी का शेयर 186.85 रुपये के स्तर पर बना हुआ था, जो लगभग 9.76 प्रतिशत की तेजी को दर्शाता है। हालांकि शुरुआती लिस्टिंग प्राइस से इसमें मामूली गिरावट आई है, लेकिन यह अभी भी अपने आईपीओ (IPO) इश्यू प्राइस से काफी ऊपर बना हुआ है, जिससे पता चलता है कि बाजार में इस शेयर को लेकर खरीदारी का माहौल है।
कैसा था आईपीओ का ढांचा और पूंजी जुटाने की योजना
एकीकृत पैकेजिंग समाधान उपलब्ध कराने वाली गुजरात की इस कंपनी ने 439.5 करोड़ रुपये का मेनबोर्ड आईपीओ (IPO) पेश किया था। इस पब्लिक इश्यू में दांव लगाने के लिए निवेशकों को 1 जुलाई से 3 जुलाई तक का समय दिया गया था। इसके लिए प्रति शेयर प्राइस बैंड 161 रुपये से 170 रुपये निर्धारित किया गया था। बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के दौरान निवेशकों से मिली बेहतरीन प्रतिक्रिया के कारण, शेयरों का अंतिम आवंटन मूल्य इस प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर यानी 170 रुपये प्रति शेयर पर तय किया गया था।
कंपनी के इस 439.5 करोड़ रुपये के कुल आईपीओ (IPO) के दो बड़े हिस्से थे। इसमें पहला हिस्सा 380 करोड़ रुपये के नए शेयरों का फ्रेश इश्यू था, जिसके जरिए जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने विकास कार्यों और व्यावसायिक विस्तार के लिए करेगी। वहीं, दूसरा हिस्सा 59.5 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) था, जिसके तहत कंपनी के मौजूदा प्रमोटरों और शेयरधारकों ने अपनी हिस्सेदारी बेची है। मुख्य आईपीओ (IPO) खुलने से पहले, कंपनी ने 30 जून को एंकर निवेशकों से सफलतापूर्वक 131.25 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस एंकर राउंड का नेतृत्व एक्सिस न्यू अपॉर्चुनिटीज एआईएफ (Axis New Opportunities AIF) और अशोका इंडिया इक्विटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (Ashoka India Equity Investment Trust) जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों ने किया था, जिसने आम निवेशकों के बीच एक अच्छा संदेश भेजा था।
कंपनी के वित्तीय पहलू और मजबूत बुनियाद
बाजार के जानकारों का मानना है कि नैक पैकेजिंग की यह लिस्टिंग ग्रे मार्केट की उम्मीदों से काफी बेहतर रही है। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड (Swastika Investmart Ltd) की वेल्थ प्रमुख शिवानी न्याती (Shivani Nyati) ने इस लिस्टिंग पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि कंपनी के बुनियादी आंकड़े (फंडामेंटल्स) बेहद मजबूत हैं। कंपनी ने पिछले कुछ समय में राजस्व (रेवेन्यू) में अच्छी बढ़त दर्ज की है और इसकी लाभप्रदता (प्रॉफिटेबिलिटी) भी लगातार सुधर रही है। इसके अलावा, कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) काफी ऊंचा है, साथ ही इसके ऑपरेटिंग मार्जिन भी बेहतर स्थिति में हैं। शिवानी न्याती ने यह भी रेखांकित किया कि आईपीओ (IPO) के समय कंपनी का वैल्यूएशन काफी तार्किक था और इसकी पूरी तरह से एकीकृत विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षमताएं इसे बाजार में एक बड़ा प्रतिस्पर्धी लाभ देती हैं।
जोखिम और निवेशकों के लिए आगे की रणनीति
हालांकि, बाजार में सकारात्मक शुरुआत के बावजूद विश्लेषकों ने कुछ जोखिमों के प्रति भी सचेत किया है। शिवानी न्याती ने बताया कि निवेशकों को कंपनी के ग्राहक संकेंद्रण जोखिम (कस्टमर कंसंट्रेशन रिस्क) पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि कंपनी के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा कुछ सीमित ग्राहकों पर ही निर्भर हो सकता है। इसके अलावा, कंपनी की नई विनिर्माण इकाई (मैन्युफैक्चरिंग फैसिटी) का समय पर और सफलतापूर्वक संचालन शुरू होना भविष्य की विकास दर के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। इन बातों को ध्यान में रखते हुए, लिस्टिंग के बाद भी इस शेयर को लेकर नजरिया सकारात्मक बना हुआ है।
जिन निवेशकों को इस आईपीओ (IPO) में शेयर आवंटित हुए हैं, उन्हें आगे और तेजी की उम्मीद में इस शेयर को अपने पोर्टफोलियो में बनाए रखने की सलाह दी गई है। हालांकि, अपने निवेश को सुरक्षित रखने और गिरावट के जोखिम से बचने के लिए निवेशकों को 175 रुपये का सख्त स्टॉप-लॉस (stop-loss) बनाए रखना चाहिए। वहीं, नए निवेशक जो इस शेयर में नई पोजीशन बनाना चाहते हैं, उन्हें बाजार में गिरावट आने का इंतजार करना चाहिए। कंपनी के आने वाले तिमाही वित्तीय परिणामों की समीक्षा करने के बाद ही इसमें गिरावट पर खरीदारी करना अधिक सुरक्षित रहेगा।











