अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ने के कारण दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में भारी चिंता और बेचैनी का माहौल है। पश्चिम एशिया में शुरू हुए इस नए संघर्ष का असर न केवल शेयर बाजारों पर पड़ रहा है, बल्कि कीमती धातुओं की चमक भी फीकी पड़ गई है। सोमवार को सप्ताह की शुरुआत के साथ ही MCX पर सोने और चांदी के भाव में तेज गिरावट दर्ज की गई। सुबह 11.48 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में 0.95 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि चांदी की कीमतों में 1.90 प्रतिशत का बड़ा उछाल गिरावट की दिशा में देखने को मिला।
MCX पर सोने की ताजा स्थिति
सोमवार सुबह लगभग 11.48 बजे, 5 अगस्त की डिलीवरी वाला सोना 1358 रुपये यानी 0.95 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,42,120 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। सोने की शुरुआत आज कमजोरी के साथ हुई थी, जिसमें यह 845 रुपये की गिरावट के बाद 1,42,633 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर खुला था। पिछले हफ्ते शुक्रवार को सोने का अंतिम बंद भाव 1,43,478 रुपये प्रति 10 ग्राम था। दिन के कारोबार के दौरान सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहा, जहां इसने 1,42,669 रुपये प्रति 10 ग्राम का इंट्राडे हाई बनाया, वहीं दूसरी तरफ यह 1,41,557 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे लो स्तर तक भी गया था।
चांदी में आई बड़ी गिरावट
चांदी की कीमतों में भी आज भारी दबाव देखा गया। 4 सितंबर की डिलीवरी वाली चांदी की कीमत 4228 रुपये की गिरावट के साथ 2,18,436 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी, जो 1.90 प्रतिशत का नुकसान दर्शाता है। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,18,648 रुपये प्रति किलोग्राम पर शुरुआत की थी, जिसमें 4016 रुपये की प्रारंभिक गिरावट शामिल थी। शुक्रवार को चांदी 2,22,664 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई थी। आज के सत्र में चांदी ने 2,19,806 रुपये प्रति किलोग्राम का इंट्राडे हाई और 2,17,277 रुपये प्रति किलोग्राम का इंट्राडे लो दर्ज किया है।
बाजार विशेषज्ञों का क्या है मानना
कीमती धातुओं में जारी इस गिरावट का अंदेशा विशेषज्ञों ने पहले ही जता दिया था कि इस हफ्ते धातुओं में सुधार या करेक्शन का दौर जारी रह सकता है। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर का मानना है कि वैश्विक महंगाई के आंकड़े ब्याज दरों से जुड़ी बाजार की उम्मीदों को लगातार प्रभावित कर रहे हैं। प्रणव मेर के अनुसार, फिलहाल सोना और चांदी करेक्शन के दौर से गुजर रहे हैं। अब निवेशकों की नजरें पूरी तरह से अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष पर टिक गई हैं। यदि यह तनाव और अधिक गंभीर होता है, तो कच्चे तेल के दाम बढ़ सकते हैं और अमेरिकी डॉलर व बॉन्ड यील्ड जैसे सुरक्षित माने जाने वाले निवेश विकल्पों को मजबूती मिल सकती है।











