अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक की विनिमय दर में स्थिरता का रुख बना हुआ है, जहां हालिया गिरावट की गति कमजोर पड़ने के बाद दोनों मुद्राएं एक तय दायरे में कारोबार कर रही हैं। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के विश्लेषक क्वेक सेर लियांग और ली सू एन के अनुसार अल्पावधि में अमेरिकी डॉलर 0.8185 से 0.8230 के बीच सीमित रहने की संभावना है। वहीं व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें तो एक से तीन हफ्तों की अवधि में यह जोड़ी 0.8155 और 0.8255 के दायरे में मजबूती दिखा सकती है, जबकि आने वाले एक से तीन महीनों में इसमें मामूली सुधार की गुंजाइश तो है लेकिन यह जुलाई के उच्चतम स्तर को फिर से छूने की स्थिति में नहीं दिखती।
स्विस फ्रैंक और अमेरिकी डॉलर के बीच तकनीकी दायरा
दैनिक कारोबारी गतिविधियों के संदर्भ में अमेरिकी डॉलर में पहले देखी गई हल्की गिरावट की प्रवृत्ति अब शांत हो चुकी है। सोमवार की बाजार चाल के बाद डॉलर 0.8181 के निचले स्तर तक फिसला था, लेकिन बाद में संभलकर 0.8205 के स्तर पर बंद हुआ, जो कि 0.05 प्रतिशत की बेहद मामूली गिरावट थी। इस दौरान 0.8155 के प्रमुख सपोर्ट स्तर को कोई खतरा नहीं पहुंचा। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि तकनीकी रूप से नीचे की ओर जाने वाला दबाव अब खत्म हो गया है और दैनिक स्तर पर डॉलर के 0.8185 और 0.8230 के बीच ही बने रहने की पूरी उम्मीद है।
मध्यम अवधि यानी एक से तीन हफ्तों के नजरिए पर गौर करें तो 18 सितंबर को जब हाजिर भाव 0.8210 के स्तर पर था, तभी यह संकेत मिल गया था कि ऊपर की ओर जाने वाली गति काफी हद तक समाप्त हो चुकी है। उस समय से अब तक के अनुमानों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और विनिमय दर लगातार 0.8155 से 0.8255 के बीच सीमित रहने की राह पर है। लंबी अवधि के दृष्टिकोण से अगले एक से तीन महीनों में तकनीकी उछाल की संभावना तो बनी हुई है, लेकिन मुद्रा जोड़ी के लिए जुलाई के शिखर को फिर से चुनौती देना मुश्किल माना जा रहा है।
कमजोर पीएमआई आंकड़ों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव
एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर नए बिकवाली दबाव में आ गई और यह 0.7100 के स्तर का परीक्षण करती नजर आई। ऑस्ट्रेलिया के ताजा फ्लैश पीएमआई आंकड़ों ने विनिर्माण क्षेत्र के संकुचन में जाने और सेवा क्षेत्र के लगातार दूसरे महीने धीमी गति से विस्तार करने के संकेत दिए हैं। आर्थिक गतिविधियों में आई इस सुस्ती ने मुद्रा पर नीचे की ओर का दबाव फिर से बढ़ा दिया है।
इसके साथ ही वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए बड़ी रुकावट बन रही है। बाजार प्रतिभागी गुरुवार को होने वाले महत्वपूर्ण ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। भू-राजनीतिक मोर्चे पर संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता संपन्न होने की खबर को वित्तीय बाजारों ने लगभग नजरअंदाज कर दिया है और सारा ध्यान प्रमुख व्यापारिक शक्तियों के रुख पर केंद्रित है।
बैंक ऑफ जापान की दर बढ़ोतरी और जापानी येन की चाल
बुधवार को एशियाई सत्र में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी 157.00 के मध्य स्तर के करीब मंडराती रही, जो पिछले शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के काफी नजदीक है। बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। यह निर्णय 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो कि हफ्तों से बाजार की व्यापक अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुकूल था।
हालांकि केंद्रीय बैंक की इस बढ़ोतरी के बावजूद जापानी येन में अपेक्षित मजबूती नहीं आ सकी, क्योंकि बाजार ने नीतिगत रुख को अपेक्षाकृत नरम माना। दूसरी ओर फेडरल रिजर्व के आक्रामक और सख्त रुख के कारण अमेरिकी डॉलर लगातार मजबूत बना हुआ है, जिससे इस जोड़ी को सहारा मिल रहा है। हालांकि जापान के नीति निर्माताओं की ओर से मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन की गिरावट पर कुछ हद तक अंकुश भी लगा रखा है।
फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से सोने में गिरावट
वैश्विक कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों पर भी दबाव साफ दिखाई दे रहा है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे और बढ़ोतरी किए जाने की उम्मीदों ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी है, जिससे बिना ब्याज वाली इस पीली धातु के प्रति आकर्षण कम हुआ है। बाजार में सोने की हाजिर कीमत 4,315 डॉलर के आसपास दर्ज की गई, जो दिन के कारोबार में 1.0 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है। केंद्रीय बैंकों की सख्त मौद्रिक नीतियां और डॉलर की मजबूती अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं की तेजी को सीमित कर रही हैं।



















