घरेलू इक्विटी बाजारों में हालिया उतार-चढ़ाव पर विराम लगाते हुए 23 सितंबर के कारोबारी सत्र में निवेशकों ने आक्रामक लिवाली की। सुबह घंटी बजने के साथ ही लिवाली का जो रुख बना, वह पूरे दिन बरकरार रहा। दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों ने ठोस बढ़त के साथ सत्र का समापन किया, जिसमें निफ्टी 23,400 के महत्वपूर्ण बैरियर को सफलतापूर्वक पार करने में कामयाब रहा। दिन भर के कारोबार के बाद सेंसेक्स 299.17 अंकों यानी 0.40 प्रतिशत के उछाल के साथ 74,828.25 के स्तर पर पहुंचा। उसी तरह निफ्टी 50 इंडेक्स 117.80 अंकों यानी 0.50 प्रतिशत की तेजी दर्ज कर 23,446.80 के स्तर पर बंद हुआ। व्यापक बाजार का रुख भी पूरी तरह खरीदारों के पक्ष में रहा, जहाँ लगभग 2,674 कंपनियों के शेयर मजबूती के साथ बंद हुए, 1,531 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 169 शेयरों के भाव में कोई फेरबदल नहीं हुआ। सेंसेक्स हीटमैप के आंकड़ों पर नजर डालें तो टाटा स्टील 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़त लेकर सबसे आगे रहा।
धातु और वित्तीय शेयरों ने भरी जोरदार हुंकार
निफ्टी 50 के भीतर तेजी की कमान मुख्य रूप से धातु और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के हाथों में रही। प्रमुख चढ़ने वाले शेयरों की फेहरिस्त में सबसे मजबूत प्रदर्शन बजाज फाइनेंस का रहा, जिसने 3.41 प्रतिशत की छलांग लगाई और इसका शेयर ₹1,043.20 पर टिका। धातु उत्पादक हिंडाल्को इंडस्ट्रीज 3.17 प्रतिशत की मजबूती दिखाने में सफल रहा, जबकि टाटा स्टील ने 3.16 प्रतिशत का ठोस उछाल दर्ज किया। इसके अतिरिक्त हेल्थकेयर क्षेत्र से अपोलो हॉस्पिटल्स में 2.64 प्रतिशत का सुधार देखा गया और जेएसडब्ल्यू स्टील का शेयर 2.43 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।
प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में दिखा दबाव
जहां कमोडिटी और वित्तीय शेयरों में जोरदार चमक रही, वहीं सूचना प्रौद्योगिकी तथा मीडिया समूह के शेयरों में मुनाफावसूली हावी रही। निफ्टी के गिरावट वाले शेयरों में एचसीएल टेक सबसे कमजोर साबित हुआ, जो 1.08 प्रतिशत फिसलकर ₹1,256.70 पर बंद हुआ। सॉफ्टवेयर कंपनी इन्फोसिस 0.86 प्रतिशत गिरकर ₹1,020.50 पर आ गई। आभूषण व घड़ियां बनाने वाली टाइटन कंपनी में 0.98 प्रतिशत की सुस्ती रही और इसका शेयर ₹4,880.00 पर बंद हुआ। इसी तरह खनन दिग्गज कोल इंडिया 0.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹424.55 पर आ गया, जबकि देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता टीसीएस का शेयर 0.73 प्रतिशत टूटकर ₹2,089.60 पर सिमट गया।
क्षेत्रीय सूचकांकों और व्यापक बाजार की स्थिति
सेक्टर के आधार पर रुझानों का आकलन करें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स 2.4 प्रतिशत की भारी उछाल के साथ सबसे चमकदार साबित हुआ। इसके बाद रोजमर्रा के उपभोग उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के सूचकांक निफ्टी एफएमसीजी में 1.27 प्रतिशत की तेजी आई। रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1.06 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जबकि सरकारी बैंकों के निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स ने 0.97 प्रतिशत की बढ़त बनाई। इसके विपरीत निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.08 प्रतिशत की नरमी के साथ लाल निशान में बंद हुआ। छोटे और मझोले आकार के शेयरों में भी भरपूर दिलचस्पी देखी गई, जिसके चलते स्मॉलकैप इंडेक्स 0.9 प्रतिशत चढ़ा और मिडकैप इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

















