वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में जोरदार हलचल देखने को मिली है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह स्पष्ट किए जाने के बाद कि मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करेगा, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में जोखिम की धारणा तेजी से बदली है। इस घोषणा के तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड अपने हालिया उच्च स्तर से पीछे हट गई और सुरक्षित निवेश के रूप में पहचानी जाने वाली जापानी मुद्रा येन को व्यापक समर्थन मिला। मुद्रा बाजार में USD/JPY की जोड़ी टूटकर 157.50 के स्तर तक नीचे फिसल गई, जिसने इसके 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA को भी भेद दिया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक संदेश जारी करते हुए इस नीतिगत रुख को साझा किया। उन्होंने तेहरान के साथ हुई बातचीत को सकारात्मक और उत्पादक करार दिया, हालांकि इसके साथ ही उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकेबंदी को पहले की तरह जारी रखने का निर्णय लिया है। राष्ट्रपति का यह सैन्य विराम का संकल्प 3 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। इस बयान के सार्वजनिक होते ही ब्रेंट क्रूड के भाव कुछ ही मिनटों में टूट गए। ऊर्जा की कीमतों में आई इस नरमी से बाजार का यह आकलन मजबूत हुआ है कि अमेरिका में महंगाई के दबाव में कमी आ सकती है, जिससे फेडरल रिजर्व को नीतिगत ब्याज दरों में और बढ़ोतरी करने की जरूरत कम महसूस होगी।
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेज गिरावट और डॉलर पर दबाव
कमोडिटी बाजार में नरमी और भू-राजनीतिक तनाव में अस्थायी ठहराव का सीधा असर अमेरिकी बॉन्ड बाजार पर देखा गया। बुधवार को साल 2002 के बाद के अपने उच्चतम शिखर को छूने वाली 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भारी बिकवाली का रुख थमा और यह गिरकर करीब 5.22% पर आ गई। यील्ड में आई इस कमी ने ग्रीनबैक यानी डॉलर की चमक को फीका कर दिया। निवेशकों ने डॉलर से पूंजी निकालकर सुरक्षित ठिकाने मानी जाने वाली मुद्राओं, विशेष रूप से जापानी येन और स्विस फ्रैंक का रुख किया।
इसके समानांतर, वॉल स्ट्रीट पर बिकवाली और यील्ड में आई नरमी के कारण अन्य प्रमुख मुद्राओं पर भी दबाव बना। एशियाई और अमेरिकी कारोबारी सत्रों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.11% गिरकर 0.6960 के स्तर पर आ गया। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने अपनी रफ्तार फिर हासिल की। डॉलर के कमजोर पड़ने और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के समर्थन से पीली धातु संभलते हुए 4,150 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में वापस पहुंच गई। डॉलर सूचकांक जो 18 महीने के उच्च स्तर के करीब मंडरा रहा था, उसमें मुनाफावसूली का दौर शुरू हो गया। बाजार ने फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC की बुधवार को आई आक्रामक मिनट्स और पश्चिम एशिया में जारी तनाव की संभावनाओं को नजरअंदाज करते हुए डॉलर में बिकवाली की।
USD/JPY में 157.50 का परीक्षण और तकनीकी ढांचा
गुरुवार के सत्र के दौरान USD/JPY मुद्रा जोड़ी में 157.50 के स्तर के आसपास दो अलग-अलग गिरावटें देखी गईं। पहली गिरावट तब आई जब बाजार में इस बात की अटकलें तेज हो गईं कि जापानी अधिकारी अपनी मुद्रा को अत्यधिक कमजोरी से बचाने के लिए प्रत्यक्ष बाजार हस्तक्षेप कर सकते हैं। इसके बाद दूसरी गिरावट ट्रंप के आधिकारिक बयान के जारी होने के बाद चार्ट्स पर दर्ज की गई। हालांकि, ये दोनों गिरावटें सोमवार के निचले स्तर से ऊपर ही थम गईं।
दूसरी गिरावट 158.50 से ठीक नीचे के उच्च स्तर से शुरू हुई थी, जो बुधवार के उच्च स्तर से कम थी। यह गिरावट 157.50 के ठीक ऊपर स्थित 200-दिवसीय EMA को तोड़ते हुए नीचे गई। हालांकि, सेंट लुइस फेड के अध्यक्ष मुसलेम द्वारा न्यूयॉर्क में दिए गए एक बयान ने डॉलर को कुछ सहारा दिया। मुसलेम ने संकेत दिया कि अगले छह से नौ महीनों के भीतर ब्याज दरों में वृद्धि होनी चाहिए। इस टिप्पणी के बाद USD/JPY ने अपनी गिरावट का लगभग एक तिहाई हिस्सा वापस हासिल कर लिया और दिन का कारोबार 158.00 से ठीक नीचे समाप्त किया। यह समापन 200-दिवसीय EMA और 50-दिवसीय EMA के बीच हुआ। उल्लेखनीय है कि 1 अक्टूबर के बाद से हर दैनिक क्लोजिंग 158.00 के लगभग 20 पिप्स के दायरे में ही बनी रही है।
लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY वर्तमान में 158.07 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद 158.06 के करीब स्थिर है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 150.49 से 163.98 के बीच रहा है और ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना पर है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 54 पर तटस्थ से सकारात्मक बना हुआ है, जबकि MACD 0.18 पर है और सिग्नल लाइन -0.02 के मुकाबले 0.20 के हिस्टोग्राम के साथ तेजी का संकेत दे रहा है। मूविंग एवरेजेज के मोर्चे पर, 20-दिवसीय EMA 157.54, 50-दिवसीय EMA 158.00 और 200-दिवसीय EMA 157.76 पर स्थित है, जो कि 50-दिवसीय EMA के 200-दिवसीय EMA से ऊपर होने के कारण गोल्डन क्रॉस और दीर्घकालिक अपट्रेंड को दर्शाता है। 50-दिवसीय SMA 157.66 और 200-दिवसीय SMA 158.53 पर है। बॉलिंजर बैंड 154.40 से 159.80 के दायरे में है और मध्य रेखा 157.10 पर है। 14-दिवसीय ADX 17 पर है जो एक कमजोर या सीमित दायरे वाले बाजार की पुष्टि करता है। स्टोकेस्टिक संकेतक में फास्ट लाइन 64 और सिग्नल लाइन 68 पर है। 14-दिवसीय ATR 1.16 पर है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। प्रमुख स्तरों में 157.99 का दैनिक पिवट है, जिसके ऊपर रेजिस्टेंस R1 158.20 और R2 158.34 पर है, जबकि सपोर्ट S1 157.85 और S2 157.64 पर बना हुआ है।
आगामी आर्थिक आंकड़े: मिशिगन सेंटिमेंट और CPI महंगाई
मुद्रा और बॉन्ड बाजार के लिए आने वाले दिन बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। शुक्रवार को यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन यानी UoM का उपभोक्ता सेंटिमेंट इंडेक्स जारी होना है, जिसके 48.1 से फिसलकर 47.6 रहने का अनुमान जताया गया है। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर की वास्तविक परीक्षा बुधवार, 14 अक्टूबर को आने वाले कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI मुद्रास्फीति आंकड़ों के साथ होगी।
अगस्त के आंकड़ों में अमेरिका की CPI महंगाई दर 3.4% दर्ज की गई थी, जबकि खाद्य और ऊर्जा को अलग कर दिए जाने पर कोर महंगाई 2.4% थी। इसका अर्थ यह है कि खाद्य और ऊर्जा के घटकों ने हेडलाइन महंगाई दर में पूरा 1.0% का योगदान दिया था। चूंकि कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर परिवहन ईंधन और खाद्य प्रसंस्करण लागत दोनों पर पड़ता है, इसलिए तेल की कीमतों में हालिया गिरावट महंगाई के इन दोनों पहलुओं को सीधे प्रभावित करेगी और फेड के ब्याज दर पथ को निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
बैंक ऑफ जापान की नीतियां और सुरक्षित निवेश के रूप में येन
जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्राओं में शामिल है। इसका आंतरिक मूल्य व्यापक रूप से जापानी अर्थव्यवस्था की सेहत, बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति, अमेरिकी और जापानी सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दरों के अंतर यानी यील्ड डिफरेंशियल और वैश्विक जोखिम धारणा से तय होता है। बैंक ऑफ जापान के मुख्य अधिदेशों में मुद्रा नियंत्रण शामिल है, यही वजह है कि इसके नीतिगत कदम येन के लिए निर्णायक साबित होते हैं।
बैंक ऑफ जापान ने पूर्व में कई बार मुद्रा बाजार में सीधे हस्तक्षेप किया है, आमतौर पर येन के मूल्य को अत्यधिक मजबूत होने से रोकने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए। हालांकि, अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ राजनीतिक और कूटनीतिक चिंताओं के कारण बैंक अक्सर ऐसे कदमों से परहेज करता है। साल 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनाई गई अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति के चलते येन अपनी प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले लगातार कमजोर होता गया। इसका मुख्य कारण बैंक ऑफ जापान और अमेरिकी फेडरल रिजर्व जैसे अन्य केंद्रीय बैंकों के बीच ब्याज दरों का लगातार बढ़ता अंतर था। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड और जापानी सरकारी बॉन्ड के बीच इस बढ़ते प्रतिफल अंतर ने अमेरिकी डॉलर को येन की तुलना में मजबूत बनाए रखा।
साल 2024 में बैंक ऑफ जापान ने इस अत्यधिक ढीली मौद्रिक नीति को धीरे-धीरे समाप्त करने का ऐतिहासिक फैसला लिया। प्रमुख वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में की जा रही कटौती के साथ मिलकर BoJ के इस नीतिगत बदलाव ने यील्ड के अंतर को कम करना शुरू कर दिया है, जिससे येन को नई ताकत मिल रही है। इसके अलावा, संकट के समय जापानी येन को पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश यानी सेफ-हेवन माना जाता है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक तनाव, युद्ध की आशंका या वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल होती है, निवेशक पूंजी की सुरक्षा के लिए येन की विश्वसनीयता और स्थिरता पर भरोसा जताते हैं, जिससे अशांत दौर में येन को भारी बढ़त हासिल होती है।






















