अमेरिका और ईरान के बीच जून में हुआ नाजुक संघर्षविराम इस हफ्ते फिर डगमगा गया है। तीन मालवाहक टैंकरों पर गोलीबारी की घटना के बाद अब वॉशिंगटन चाहता है कि तेहरान सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करे कि होर्मुज जलडमरूमध्य सबके लिए खुला है और वह आगे कभी व्यापारिक जहाजों पर गोली नहीं चलाएगा।
संघर्ष की शुरुआत कहां से हुई
यह पूरा टकराव 28 फरवरी को उस वक्त शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे। जवाब में ईरान ने इजरायल के साथ साथ खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और अमेरिका के सहयोगी देशों को भी निशाना बनाया। महीनों की लड़ाई के बाद जून में दोनों देशों ने एक संघर्षविराम समझौते पर दस्तखत किए। इस समझौते की एक अहम शर्त यह थी कि ईरान व्यापारिक जहाजों को अपने जलक्षेत्र से सुरक्षित निकलने देगा। यही भरोसा अब टूटता दिख रहा है।
एक हफ्ते में तीन टैंकरों पर हमला
इसी हफ्ते की शुरुआत में तीन जहाजों पर उस वक्त गोलीबारी हुई जब वे ओमान के जलक्षेत्र से गुजरने वाले उस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसकी सिफारिश खुद अमेरिका करता है। जून के समझौते के बाद अमेरिका और ईरान के बीच यह अब तक की सबसे गंभीर गोलीबारी की घटना मानी जा रही है। ईरान लगातार यह कहता रहा है कि जहाजों के लिए एकमात्र सुरक्षित रास्ता उसके अपने जलक्षेत्र से होकर गुजरने वाला अलग मार्ग ही है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के तहत ईरान और ओमान को खाड़ी के अन्य देशों के साथ मिलकर यह तय करने के लिए बातचीत करनी है कि आगे इस जलडमरूमध्य का प्रबंधन और यहां समुद्री सेवाएं किस तरह चलेंगी। ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को शुल्क चुकाना पड़ सकता है, जबकि अमेरिका का कहना है कि यह जलमार्ग हर किसी के लिए बिना किसी रोक टोक के खुला रहना चाहिए।
वॉशिंगटन की सीधी मांग
शुक्रवार को पत्रकारों को दी गई जानकारी में अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्रीय मध्यस्थों के जरिए तेहरान के नेतृत्व तक एक साफ संदेश पहुंचाया गया है। इसमें मांग की गई है कि ईरान एक बयान जारी करे जिसमें वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला घोषित करे और व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी बंद करने का वादा करे। एक अधिकारी ने कहा, "या तो वे हमें वह बयान देंगे, या फिर उनके लिए हालात अच्छे नहीं होंगे।" इसके अलावा व्हाइट हाउस यह भी चाहता है कि ईरान खुलकर यह स्वीकार करे कि जहाजों पर गोली चलाना एक गलती थी।
पर्दे के पीछे मानी गई गलती
वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक तेहरान ने निजी तौर पर ट्रंप के सलाहकारों के सामने यह स्वीकार किया है कि जहाजों पर हाल की गोलीबारी एक गलती थी। अधिकारियों का कहना है कि यह हरकत कट्टरपंथियों के एक "बेकाबू" गुट ने बातचीत को पटरी से उतारने के इरादे से की थी। एक अधिकारी ने बताया, "वे वापस बातचीत की मेज पर आए और कहा, 'हमसे चूक हो गई, हमने गलती की, चलिए बातचीत जारी रखते हैं।'"
ओमान में जुटेंगे बड़े राजनयिक चेहरे
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ साथ खास दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर भी शनिवार को ओमान पहुंचने वाले हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी इसी खाड़ी देश में मौजूद हैं और वहां ओमानी अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। इससे पहले हुई बातचीत में अमेरिका और ईरान ने पाकिस्तान या कतर के मध्यस्थों के जरिए आमने सामने बैठे बिना ही अप्रत्यक्ष बातचीत की थी। इसी बीच कतर का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को ईरान पहुंचा ताकि तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही आसान बनाने पर चर्चा हो सके। यह जलमार्ग दुनिया के लिए बेहद अहम है क्योंकि दुनिया भर के करीब 20 फीसदी तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आवाजाही यहीं से होती है।
ट्रंप बोले, संघर्षविराम खत्म
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के इन हमलों का मतलब है कि संघर्षविराम अब खत्म हो चुका है, हालांकि युद्ध खत्म करने के मकसद से चल रही बातचीत जारी रहेगी। दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने ही समझौते का उल्लंघन किया है। शुक्रवार को ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पेज पर लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने हमसे 'बातचीत' जारी रखने का अनुरोध किया है। हमने इसके लिए हामी भर दी है, लेकिन अमेरिका ने उन्हें साफ शब्दों में बता दिया है कि संघर्षविराम अब खत्म हो चुका है।"
हत्या की साजिश का दावा भी सामने आया
शनिवार तड़के ट्रंप ने उन खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी जिनमें दावा किया गया था कि ईरान उनकी हत्या की साजिश रच रहा है। ट्रंप ने कहा कि अगर ऐसा कोई हमला हुआ तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई में ईरान के "सभी इलाकों को पूरी तरह तबाह और बर्बाद कर देगा"। इसी हफ्ते खबर आई थी कि इजरायल ने वॉशिंगटन के साथ खुफिया जानकारी साझा की है, जिसके मुताबिक ईरान ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति की हत्या की एक योजना बनाई थी। हालांकि ट्रंप ने इससे इनकार किया कि तेहरान ने कोई नई योजना बनाई है या इजरायल इस खुफिया जानकारी का स्रोत था। एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि वह लंबे समय से ईरान की "हिट लिस्ट में नंबर वन" बने हुए हैं।
खामेनेई के बेटे की चेतावनी
शनिवार को खामेनेई के बेटे और उत्तराधिकारी मोज्तबा खामेनेई ने एक लिखित संदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि अपने पिता की हत्या का बदला लेना "अवश्यंभावी" है। संदेश में कहा गया, "यह मामला न तो मेरे व्यक्तिगत अस्तित्व पर निर्भर करता है और न ही अन्य अधिकारियों के अस्तित्व पर। चाहे हम मौजूद रहें या न रहें, यह होकर रहेगा।"
कुल मिलाकर स्थिति यह है कि एक तरफ अमेरिका ईरान से लिखित और सार्वजनिक भरोसा मांग रहा है, दूसरी तरफ ओमान और कतर की जमीन पर कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं, लेकिन हत्या की साजिश और बदले की धमकियों जैसी बातें बता रही हैं कि यह टकराव अभी पूरी तरह थमा नहीं है।











