प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अगली किस्त की प्रतीक्षा कर रहे देश भर के करोड़ों किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। योजना की 24वीं किस्त अक्टूबर के महीने में जारी होने की संभावना जताई जा रही है। इस चरण में पात्र लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के माध्यम से 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता भेजी जाएगी। यद्यपि सरकार की ओर से आधिकारिक तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है, परंतु व्यापक रूप से यह माना जा रहा है कि अक्टूबर के मध्य तक यह राशि लाभार्थियों के खातों में पहुंच सकती है।
पीएम किसान योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य छोटे और सीमांत कृषकों को वित्तीय संबल प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र किसान परिवार को प्रति वर्ष कुल 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। यह पूरी राशि साल भर में तीन बराबर किस्तों में बांटी जाती है, जिसमें हर चार महीने के अंतराल पर 2,000 रुपये सीधे बैंक खाते में जमा कराए जाते हैं। इस योजना का वार्षिक चक्र तीन अवधियों में विभाजित है, जिसमें पहली अवधि अप्रैल से जुलाई, दूसरी अवधि अगस्त से नवंबर और तीसरी अवधि दिसंबर से मार्च के बीच संचालित होती है।
पिछली किस्तों का विवरण और अब तक का कुल वितरण
इस कल्याणकारी योजना के पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो 23वीं किस्त जून के महीने में जारी की गई थी, जिसके तहत केंद्र सरकार ने 18,880 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि का वितरण किया था। योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी और तब से लेकर अब तक कुल वित्तीय वितरण 4.46 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है।
इससे पूर्व, दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के चक्र के लिए 22वीं किस्त का हस्तांतरण पीएम मोदी द्वारा 13 मार्च 2026 को किया गया था। उस समय सरकार ने कुल 18,640 करोड़ रुपये जारी किए थे, जिससे देश भर के लगभग 9.32 करोड़ किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिला था। विशेष बात यह रही कि उस 22वीं किस्त के कुल लाभार्थियों में से 2.15 करोड़ लाभार्थी महिलाएं थीं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिला कृषकों की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।
ई-केवाईसी पूरा करने के तीन आसान विकल्प
पीएम किसान सम्मान निधि का निरंतर लाभ प्राप्त करने के लिए प्रत्येक लाभार्थी के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य है। इसके अभाव में आने वाली 24वीं किस्त अटक सकती है। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए इस प्रमाणीकरण प्रक्रिया को तीन अलग-अलग माध्यमों से पूरा करने की व्यवस्था दी है, जिससे किसान अपनी सुविधानुसार कोई भी विकल्प चुन सकते हैं।
पहला विकल्प: ओटीपी आधारित ऑनलाइन ई-केवाईसी
यदि किसान का आधार कार्ड उसके सक्रिय मोबाइल नंबर से लिंक है, तो वह घर बैठे ही स्वयं इस प्रक्रिया को मिनटों में पूरा कर सकता है
- सबसे पहले आधिकारिक पीएम किसान पोर्टल पर जाएं।
- वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर ऊपर दाईं ओर दिए गए 'ई-केवाईसी' विकल्प पर क्लिक करें।
- अब अपना आधार नंबर दर्ज करें और मोबाइल पर प्राप्त वन-टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी भरकर सबमिट करें। ओटीपी सत्यापन होते ही ई-केवाईसी की प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी।
दूसरा विकल्प: ग्राहक सेवा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन
जो किसान स्वयं ऑनलाइन प्रक्रिया करने में सहज नहीं हैं, उनके लिए देशभर में 4 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी और विभिन्न राज्य सेवा केंद्र उपलब्ध कराए गए हैं। यह सुविधा किसानों के नजदीकी क्षेत्र में ही मौजूद है
- अपने नजदीकी सीएससी या राज्य सेवा केंद्र पर अपना आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर लेकर जाएं।
- वहां मौजूद केंद्र संचालक आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से फिंगरप्रिंट स्कैन करके आपकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर देगा।
तीसरा विकल्प: मोबाइल ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन
तकनीक के इस दौर में किसानों के लिए मोबाइल ऐप के माध्यम से चेहरा स्कैन करके सत्यापन करना सबसे आधुनिक और सरल तरीका बन चुका है
- गूगल प्ले स्टोर पर जाकर पीएम-किसान मोबाइल ऐप और आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करें।
- पीएम-किसान ऐप खोलें और अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर की सहायता से लॉगिन करें।
- लॉगिन करने के बाद स्क्रीन पर दिखने वाले 'बेनिफिशियरी स्टेटस' पेज पर जाएं।
- यदि वहां ई-केवाईसी स्टेटस के आगे 'नो' लिखा दिखता है, तो ई-केवाईसी विकल्प पर क्लिक करें, अपना आधार नंबर दर्ज करें और कैमरा खोलकर फेस स्कैन की सहमति दें। चेहरा प्रमाणित होते ही प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
लाभार्थी सूची में अपना नाम जांचने की प्रक्रिया
यदि आप यह पुष्टि करना चाहते हैं कि आपका नाम लाभार्थियों की आधिकारिक सूची में शामिल है या नहीं, तो निम्नलिखित चरणों का पालन करें
- आधिकारिक पोर्टल पर जाकर फार्मर्स कॉर्नर अनुभाग में जाएं।
- वहां उपलब्ध 'बेनिफिशियरी लिस्ट' के विकल्प का चयन करें।
- इसके बाद एक नया पृष्ठ खुलेगा, जहां आपको अपना राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव की जानकारी चुननी होगी।
- सभी विवरण भरने के बाद 'गेट रिपोर्ट' बटन पर क्लिक करें। आपके गांव की पूरी सूची स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसमें आप अपना नाम देख सकते हैं।
आवेदन और भुगतान की स्थिति कैसे जानें
जिन किसानों को अपनी किस्त या आवेदन की ताजा स्थिति जाननी है, उनके पास अपना रजिस्ट्रेशन नंबर होना आवश्यक है
- वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर दिए गए 'नो योर स्टेटस' विकल्प पर क्लिक करें।
- निर्धारित बॉक्स में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और स्क्रीन पर प्रदर्शित कैप्चा कोड दर्ज करें।
- इसके बाद 'गेट ओटीपी' बटन दबाएं और पंजीकृत नंबर पर आया ओटीपी प्रविष्ट करके अपने आवेदन और किस्त का वर्तमान विवरण देख लें।
नए किसानों के लिए पंजीकरण का पूरा तरीका
जो पात्र किसान अब तक इस योजना से नहीं जुड़ पाए हैं, वे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से नया पंजीकरण करा सकते हैं
- आधिकारिक वेबसाइट के होमपेज पर दाईं ओर मोटे अक्षरों में दिए गए 'न्यू फार्मर रजिस्ट्रेशन' विकल्प पर क्लिक करें।
- इसके बाद नए पेज पर ग्रामीण क्षेत्र के लिए 'रूरल फार्मर रजिस्ट्रेशन' अथवा शहरी क्षेत्र के लिए 'अर्बन फार्मर रजिस्ट्रेशन' में से किसी एक का चयन करें।
- अब अपना आधार नंबर और वैध मोबाइल नंबर दर्ज करें। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई द्वारा आधार का सत्यापन किया जाएगा। आधार सत्यापन सफल होने के बाद ही पंजीकरण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
- इसके बाद अपने राज्य का चयन करें, कैप्चा कोड भरें और 'ओटीपी' जनरेट करें।
- मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करने के बाद जमीन के दस्तावेज और आवश्यक व्यक्तिगत जानकारी भरकर आवेदन पत्र सबमिट कर दें।



















