हैदराबाद में सात मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढही, मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौतवैभव सूर्यवंशी के सामने लाल गेंद का नया इम्तिहान, कोच ने दिया 300 गेंदों का बड़ा चैलेंजराजस्थान में शिक्षा का हाल बेहाल, 611 स्कूलों के पास भवन नहीं तो हजारों में नहीं हैं शौचालयबिलासपुर में सजी राखी की दुकानें, बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए फैंसी वैरायटी की बहारपुणे में राहुल गांधी का छात्रों की गूंज सम्मेलन, महिलाओं की भागीदारी और राजनीतिक पाराअमित शाह ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर बुलाई हाई-लेवल समीक्षा बैठकबिलासपुर में सावन सुंदरी उत्सव का जलवा, हरे लिबास और पारंपरिक पकवानों के साथ महिलाओं ने मनाया जश्नगुजरात के कच्छ में कबाड़ उतारते वक्त फटा गाड़ी का डीजल टैंक, दो मासूमों समेत चार लोगों की मौतचंदौली में कुएं से खराब पंप निकालने उतरे चार लोगों में से तीन की मौत, एक अस्पताल में भर्तीगोविंदा की तबीयत को लेकर फैंस की बढ़ी चिंता, मुंबई के अस्पताल के बाहर उदास दिखे अभिनेता
अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं को जम्मू प्रशासन की सौगात, मुफ्त बस सफर से कर रहे इंटरनेशनल बॉर्डर की सैरभारत
8 जुल॰ 2026, 6:49 pm (45 दिन पहले)· 3

अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं को जम्मू प्रशासन की सौगात, मुफ्त बस सफर से कर रहे इंटरनेशनल बॉर्डर की सैर

अमरनाथ यात्रा पूरी कर चुके श्रद्धालुओं के लिए जम्मू प्रशासन ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत उन्हें मुफ्त बस सेवा के जरिए सीमा क्षेत्र और स्थानीय धरोहरों का भ्रमण कराया जा रहा है।

अमरनाथ यात्रा पूरी करने के बाद बाबा बर्फानी के दर्शन कर वापस लौटे श्रद्धालुओं के लिए जम्मू में एक सुखद और अनोखा अनुभव इंतजार कर रहा है। दर्शन के बाद वापस आ रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बस जब भारत-पाकिस्तान के इंटरनेशनल बॉर्डर पर पहुंची, तो यात्रियों के चेहरों पर डर या तनाव के बजाय एक अलग ही खुशी और उत्साह देखने को मिला। यह पूरा वाकया अमरनाथ यात्रियों के लिए शुरू की गई जम्मू प्रशासन की एक बेहद खास और नई पहल का हिस्सा है, जो इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है।

बचे हुए समय को यादगार बनाने की अनोखी कोशिश

जम्मू के प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह अनूठी योजना विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जो पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर वापस लौट आए हैं, लेकिन उनके पास अभी वापस घर लौटने के लिए अतिरिक्त समय बचा हुआ है। इस बचे हुए समय का सदुपयोग करने और यात्रियों की इस यात्रा को जीवनभर के लिए यादगार बनाने के उद्देश्य से जम्मू प्रशासन उन्हें यहां के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और खूबसूरत पर्यटन स्थलों का भ्रमण करा रहा है। सबसे खास बात यह है कि श्रद्धालुओं की इस यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रशासन की तरफ से पूरी तरह निशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई जा रही है।

ये भी पढ़ें

मंदिर नगरी की विरासत और सरहद की सुरक्षा से जुड़ाव

इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को मंदिरों के शहर के रूप में मशहूर जम्मू की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराना है। इस सफर के दौरान यात्रियों को शहर के प्रसिद्ध मंदिरों, ऐतिहासिक इमारतों और प्रमुख पर्यटन स्थलों के दर्शन कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें भारत-पाकिस्तान के इंटरनेशनल बॉर्डर पर भी ले जाया जा रहा है। यहां पहुंचकर श्रद्धालु न केवल देश की सीमा को बेहद करीब से देख पा रहे हैं, बल्कि वहां तैनात जांबाज जवानों और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंधों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कर रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं में देशप्रेम और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान की भावना और मजबूत हो रही है।

प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी

अमरनाथ यात्रियों के इस सफर को और अधिक विशेष बनाने के लिए जम्मू प्रशासन बेहद गर्मजोशी से उनका स्वागत कर रहा है। इस पूरी योजना की बागडोर वरिष्ठ अधिकारी खुद संभाल रहे हैं। इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जम्मू की एडिशनल डिप्टी कमिश्नर अनसूइया जम्वाल खुद इस बस में श्रद्धालुओं के साथ सफर कर रही हैं। उन्होंने न केवल यात्रियों के स्वागत सत्कार की जिम्मेदारी उठाई है, बल्कि पूरे रास्ते में आने वाले विभिन्न दर्शनीय स्थलों के ऐतिहासिक महत्व और उनसे जुड़ी कहानियों की जानकारी भी वे खुद श्रद्धालुओं को दे रही हैं। यात्रियों के लिए पानी, सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं का प्रबंधन भी वे खुद अपनी देखरेख में करवा रही हैं।

श्रद्धालुओं ने जताया आभार और की सराहना

देश के अलग-अलग राज्यों से जम्मू पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रशासन की इस पहल की दिल खोलकर तारीफ की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि अमरनाथ यात्रा के साथ-साथ उन्हें जम्मू के इन ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को देखने का जो मौका मिला है, उसने उनकी इस यात्रा को हमेशा के लिए यादगार बना दिया है। यात्रियों ने कहा कि यह सिर्फ एक साधारण पर्यटन यात्रा नहीं है, बल्कि जम्मू की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और धार्मिक पहचान को गहराई से समझने का एक बेहतरीन जरिया है। इस साल बाबा बर्फानी की अमरनाथ यात्रा के दौरान बर्फ का शिवलिंग काफी तेजी से पिघल गया और महज पांच दिनों में यह सिमटकर सिर्फ एक फीट का रह गया था। ऐसे में, बाबा बर्फानी के अंतर्ध्यान होने के बाद भी जम्मू प्रशासन की यह कोशिश हजारों श्रद्धालुओं को एक बेहतरीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान कर रही है।

सवाल-जवाब

अमरनाथ यात्रियों को कौन सी नई सुविधा मिल रही है?
जम्मू प्रशासन दर्शन कर लौट चुके अमरनाथ यात्रियों को मुफ्त बस सेवा के जरिए जम्मू के ऐतिहासिक स्थलों और इंटरनेशनल बॉर्डर की सैर करा रहा है।
इस मुफ्त यात्रा पहल के पीछे क्या उद्देश्य है?
इसका उद्देश्य उन श्रद्धालुओं के बचे हुए अतिरिक्त समय को यादगार बनाना है जो बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं, और उन्हें जम्मू की समृद्ध संस्कृति से परिचित कराना है।
इस मुफ्त सफर में श्रद्धालुओं के साथ कौन से वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं?
जम्मू की एडिशनल डिप्टी कमिश्नर अनसूइया जम्वाल खुद बस में यात्रियों के साथ सफर कर उन्हें विभिन्न स्थानों के इतिहास की जानकारी दे रही हैं।
क्या इस पर्यटन सेवा के लिए कोई शुल्क लिया जा रहा है?
नहीं, जम्मू प्रशासन की तरफ से यह पूरी बस सेवा अमरनाथ यात्रियों के लिए बिल्कुल निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
अमरनाथ गुफा में इस वर्ष बर्फ के शिवलिंग की क्या स्थिति रही?
इस वर्ष बर्फ का शिवलिंग काफी तेजी से पिघल गया और महज पांच दिनों में सिमटकर सिर्फ एक फीट का रह गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR