भारत की पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए राजस्थान पुलिस की विशेष शाखा (एटीएस) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा किया है। यह नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा हुआ है और इसका मकसद भारतीय सीमा के भीतर भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और अवैध हथियारों की खेप पहुंचाना है। इस पूरे मामले की जांच के दौरान पाकिस्तानी मूल के गैंगस्टर शहजाद भट्टी का नाम सामने आया है, जो राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में अपने पैर पसारने की कोशिश कर रहा था। इस राष्ट्रविरोधी नेटवर्क का हिस्सा रहे कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनके मददगारों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
सीमावर्ती जिलों में पैर पसारने की कोशिश
सुरक्षा बलों के अनुसार, एटीएस ने राज्य के कुछ बेहद संवेदनशील सीमावर्ती जिलों में इस नेटवर्क की सक्रियता को चिह्नित किया है। गंगानगर, बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर जैसे जिलों को निशाना बनाकर सीमा पार से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही थी। इस साजिश के तहत पाकिस्तान से अवैध सामान को सीमा के इस पार भेजा जाता था, जहां स्थानीय मददगारों की सहायता से इसे देश के अन्य हिस्सों में पहुंचाने की योजना थी। इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए एटीएस की टीमें इन सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार छापेमारी कर रही हैं ताकि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हर व्यक्ति को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
आईएसआई और स्थानीय मददगारों का गठजोड़
इस बड़ी कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए एटीएस के एडीजी दिनेश एम एन ने बताया कि कानून व्यवस्था की यह कार्रवाई केवल उन लोगों तक सीमित नहीं है जो सीधे तौर पर आईएसआई के संपर्क में थे। जांच एजेंसी उन स्थानीय लोगों पर भी कड़ी नजर रख रही है जो पैसों के लालच में या किसी अन्य वजह से इस अवैध तस्करी का हिस्सा बने। पिछले कुछ दिनों में की गई छापेमारी में कई संदिग्धों को दबोचा गया है और उनके पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
एडीजी ने स्पष्ट किया कि इस पूरी साजिश के पीछे केवल गैंगस्टर शहजाद भट्टी ही नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के बड़े अधिकारी भी इसमें सीधे तौर पर शामिल हैं। सीमा पार से केवल नशीले पदार्थ और हथियार ही नहीं भेजे जा रहे, बल्कि स्थानीय लोगों को विभिन्न प्रलोभन देकर संवेदनशील जगहों की तस्वीरें और वीडियो मंगवाकर जासूसी कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इस मामले में उन सभी लोगों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं जो पाकिस्तानी एजेंसियों के सीधे संपर्क में हैं या उनके प्रभाव में आकर काम कर रहे हैं।
हनुमानगढ़, गंगानगर और बाड़मेर में सघन कार्रवाई
जांच एजेंसी को हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण सफलताएं मिली हैं। कुछ दिन पहले ही हनुमानगढ़ और गंगानगर से ऐसे संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था जो शहजाद भट्टी के लिए रेकी करने और हथियारों की सप्लाई चेन को बनाए रखने का काम कर रहे थे। इस सफलता के बाद बाड़मेर सहित अन्य सीमावर्ती जिलों में भी तलाशी अभियान तेज कर दिया गया। इसी कड़ी में लगभग तीन दिन पहले बाड़मेर से भी एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जो भट्टी के लिए काम कर रहा था।
रोहित गोदारा गैंग पर चौतरफा कार्रवाई
सीमा पार के इस नेटवर्क के साथ-साथ राजस्थान पुलिस राज्य में सक्रिय स्थानीय आपराधिक गिरोहों पर भी शिकंजा कस रही है। एडीजी दिनेश एम एन ने गैंगस्टर रोहित गोदारा के बारे में बात करते हुए कहा कि वह केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों में भी एक वांछित अपराधी है। उन्होंने स्वीकार किया कि विदेश में छिपे अपराधियों को वापस लाना और गिरफ्तार करना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन इसके बावजूद राजस्थान में उसके पूरे तंत्र को ध्वस्त किया जा रहा है।
अब तक रोहित गोदारा गिरोह के करीब पांच से छह अलग-अलग मॉड्यूल का पर्दाफाश किया जा चुका है और भारी मात्रा में अवैध हथियार जब्त किए गए हैं। पुलिस का मुख्य उद्देश्य राज्य में जबरन वसूली के लिए की जाने वाली गोलीबारी और हत्या जैसी गंभीर वारदातों को रोकना है। इसके साथ ही जिन लोगों को इस गिरोह से धमकियां मिली हैं, उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है और गिरोह को किसी भी तरह की मदद पहुंचाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जा रहा है।











