आवारापन 2 रिव्यू (2026): 19 साल पुरानी डिजास्टर फिल्म का सीक्वल, इमरान हाशमी की वापसी और मेकर्स का बड़ा दांवहरियाली अमावस्या पर कर्क राशि में गुरु का उदय: किन राशियों की चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सतर्कलाइव: ट्रंप ने शांति वार्ता की शर्त के रूप में ईरान से युद्ध क्षतिपूर्ति की मांग कीधनु राशिफल 11 अगस्त: सूर्य, बुध और गुरु की स्थिति से दिखेगा सच, अटके धन की होगी वापसीकन्या राशिफल 11 अगस्त 2026: एकादश भाव में चंद्रमा से आय और करियर में तरक्की, रिश्तों में घुलेगी मिठासयोगी आदित्यनाथ ने राज्य मंत्री दिनेश खटिक को जन्मदिन की बधाई दी, उत्तम स्वास्थ्य की कामना कीसिंह राशिफल 11 अगस्त: ऑनलाइन शॉपिंग से बढ़ेगा खर्च, रिश्तों और करियर में रखें संयमतुला राशिफल 11 अगस्त: कार्यस्थल पर मिलेगी अधिकारियों से सराहना, जानिए लव, करियर और सेहत का हालमीन राशिफल 11 अगस्त: शनि और मंगल का प्रभाव, जानिए प्रेम, करियर, धन और सेहत का सटीक फलदिल्ली-एनसीआर में मौसम का तांडव, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा: स्टेल्थ फ्रिगेट महेंद्रगिरि ने संभाला मोर्चाबिहार
11 जुल॰ 2026, 10:39 am (31 दिन पहले)· 1

भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा: स्टेल्थ फ्रिगेट महेंद्रगिरि ने संभाला मोर्चा

स्वदेशी तकनीक से निर्मित अत्याधुनिक युद्धपोत महेंद्रगिरि को औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया है। यह प्रोजेक्ट-17A के तहत तैयार किया गया छठा स्टेल्थ फ्रिगेट है, जो समुद्री सुरक्षा को नई ऊंचाई देगा।

भारतीय नौसेना ने अपनी समुद्री शक्ति और सामरिक प्रभाव को एक नया आयाम दिया है। 11 जुलाई 2026 को विशाखापत्तनम में आयोजित एक गरिमामय समारोह में स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट 'महेंद्रगिरि' (F38) को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युद्धपोत को राष्ट्र को समर्पित किया। समारोह के दौरान भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन भी वहां मौजूद थे। महेंद्रगिरि के बेड़े में जुड़ने से विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की निगरानी क्षमता और युद्धक तैयारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

प्रोजेक्ट-17A: तकनीकी श्रेष्ठता का नया मानक

महेंद्रगिरि प्रोजेक्ट-17A के अंतर्गत तैयार किए गए युद्धपोतों की श्रृंखला का एक उन्नत संस्करण है। यह पूर्ववर्ती प्रोजेक्ट-17 यानी शिवालिक श्रेणी के जहाजों की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली और सक्षम है। इस श्रृंखला में कुल सात स्टेल्थ फ्रिगेट बनाने की योजना है। इनका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) के द्वारा विभिन्न चरणों में किया जा रहा है। इन जहाजों को अत्याधुनिक सेंसर, विश्वस्तरीय हथियार प्रणालियों और उन्नत प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम से लैस किया गया है, जो इन्हें दुश्मन की नजरों से बचाए रखते हुए प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम बनाता है।

ये भी पढ़ें

शक्ति और संकल्प का प्रतीक

इस युद्धपोत का नाम पूर्वी घाट की प्रसिद्ध पर्वत श्रृंखला 'महेंद्रगिरि' के नाम पर रखा गया है। भारतीय संस्कृति में यह पर्वत शक्ति, अडिग साहस और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। भारतीय नौसेना के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी युद्धपोत को महेंद्रगिरि के नाम से नवाजा गया है। इसे भारतीय नौसेना के वारशिप डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है और इसका निर्माण मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में पूर्ण स्वदेशी प्रयासों से किया गया है।

आत्मनिर्भरता की शानदार मिसाल

महेंद्रगिरि की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री और तकनीक है। इस निर्माण प्रक्रिया में देश की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ कई MSME भी सीधे तौर पर शामिल रहे हैं। इससे न केवल देश में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं, बल्कि रक्षा उद्योग को भी मजबूती मिली है। युद्धपोत में दी गई आधुनिक स्टेल्थ तकनीक का उपयोग इसे रडार पर पकड़ना कठिन बनाता है। इसमें कम रडार सिग्नेचर और उच्च स्तरीय ऑटोमेशन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं, जो इसे कठिन से कठिन युद्ध परिस्थितियों में अडिग रहने की ताकत देती हैं।

तकनीकी क्षमता और बहुआयामी उपयोग

जहाज में CODOG (Combined Diesel or Gas) प्रोपल्शन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे लंबी दूरी की समुद्री यात्राओं के दौरान तेज गति और निरंतर परिचालन में सक्षम बनाता है। महेंद्रगिरि का शस्त्रागार अत्यधिक आधुनिक है, जिसमें सतह से सतह और हवा में मार करने वाली मिसाइलें शामिल हैं। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, पनडुब्बी रोधी हथियार और इंटीग्रेटेड कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम इसे किसी भी खतरे से निपटने की क्षमता प्रदान करते हैं। यह युद्धपोत सिर्फ हमलावर मिशन के लिए ही नहीं, बल्कि खोज और बचाव अभियानों, आपदा राहत और मानवीय सहायता के साथ-साथ समुद्री निगरानी में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सवाल-जवाब

महेंद्रगिरि (F38) क्या है?
महेंद्रगिरि प्रोजेक्ट-17A के तहत बनाया गया भारतीय नौसेना का नवीनतम स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट है।
इस युद्धपोत का नाम किसके नाम पर रखा गया है?
इसका नाम पूर्वी घाट की प्रसिद्ध महेंद्रगिरि पर्वत श्रृंखला के नाम पर रखा गया है।
महेंद्रगिरि का निर्माण किसने किया है?
इसे भारतीय नौसेना के वारशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किया गया है और इसका निर्माण मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में किया गया है।
इसकी प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
यह युद्धपोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री, उन्नत स्टेल्थ तकनीक, अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम और CODOG प्रोपल्शन सिस्टम से लैस है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR