दिल्ली के झारखंड भवन में लिफ्ट अटकने से पूर्व सांसद घूरन राम के परिवार के 6 सदस्य हुए अचेत, परिसर में फूटा गुस्साअक्टूबर की शुरुआत में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानिए प्रमुख शहरों में नए दामअजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंरायपुर में बीमारी ठीक करने के बहाने महिला से 15 तोला सोना और नकदी ऐंठी, 3 फर्जी साधु फरारकम सामग्री में घर पर बनाएं छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लाल भाजी और आलू की सूखी सब्जीप्रशांत महासागर में अल नीनो के उभार से कमजोर पड़ा मानसून, 2001 के बाद दर्ज हुई चौथी सबसे सूखी स्थितिवृश्चिक राशिफल 1 अक्टूबर: आर्थिक फैसलों में बरतें संयम, रिश्तों में धैर्य और सुनने की आदत से बनेगी बातकिसान के बेटे डॉ. भागचंद बधाल का RAS से IAS कैडर में हुआ प्रमोशन, सरकारी स्कूल से शुरू हुआ था सफरगंगा किनारे बेहतरीन नजारों और शांत माहौल का अनुभव देने वाले ऋषिकेश के खास कैफे
क्या मकान मालिक आपके फ्लैट के दरवाजे पर सीसीटीवी लगा सकता है? जानिए प्राइवेसी पर भारतीय कानून और अदालतों के नियमभारत
8 अग॰ 2026, 10:20 pm (53 दिन पहले)· 0

क्या मकान मालिक आपके फ्लैट के दरवाजे पर सीसीटीवी लगा सकता है? जानिए प्राइवेसी पर भारतीय कानून और अदालतों के नियम

किराये के मकान के बाहर या कॉमन कॉरिडोर में सीसीटीवी कैमरा लगाने को लेकर अक्सर मकान मालिक और किरायेदार में विवाद खड़ा हो जाता है। जानिए भारतीय कानून और अदालतें निजता के अधिकार पर क्या कहती हैं।

महानगरों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाना अब एक आम बात बन चुकी है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में रिहायशी फ्लैट्स से लेकर कमर्शियल प्रॉपर्टीज तक, हर जगह कैमरे नजर आते हैं। हालांकि, जब बात किराये के फ्लैट के मुख्य दरवाजे, बालकनी या सीढ़ियों पर कैमरे लगाने की आती है, तो मकान मालिक और किरायेदार के बीच अक्सर विवाद पैदा हो जाता है। मकान मालिक संपत्ति की सुरक्षा का हवाला देते हैं, जबकि किरायेदार इसे अपनी व्यक्तिगत प्राइवेसी में दखल मानते हैं। इस विषय पर देश की सर्वोच्च अदालत से लेकर विभिन्न उच्च न्यायालयों ने महत्वपूर्ण कानूनी दिशानिर्देश तय किए हैं, जिन्हें जानना हर किसी के लिए बेहद जरूरी है।

प्रॉपर्टी पर मालिकाना हक बनाम निजता का मूल अधिकार

कानूनी दृष्टिकोण से मकान मालिक को अपनी अचल संपत्ति की सुरक्षा करने का पूरा अधिकार है। वह इमारत की सुरक्षा और देखरेख के लिए सीसीटीवी कैमरे लगा सकता है। लेकिन इस अधिकार की एक स्पष्ट सीमा है। संविधान का अनुच्छेद 21 हर नागरिक को जीवन जीने और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है। साल 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट किया था कि निजता का अधिकार (राइट टू प्राइवेसी) व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। इसका सीधा अर्थ यह है कि भले ही मकान मालिक के पास संपत्ति का मालिकाना हक हो, लेकिन वह किरायेदार की प्राइवेसी का उल्लंघन नहीं कर सकता।

ये भी पढ़ें

ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट और आईटी एक्ट के तहत प्रावधान

भारतीय कानून में किरायेदारों को भी स्पष्ट सुरक्षा प्रदान की गई है। ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1882 की धारा 108सी के तहत किरायेदार को उस मकान में बिना किसी अनुचित बाधा के शांतिपूर्वक रहने का कानूनी अधिकार मिलता है, जब तक कि वह लीज एग्रीमेंट की शर्तों का पालन कर रहा हो। इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी कानून (आईटी एक्ट 2000) की धारा 66ई के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति किसी की सहमति के बिना उसकी निजी गतिविधियों की तस्वीर लेता है, रिकॉर्डिंग करता है या उसे प्रसारित करता है, तो यह एक गंभीर दंडनीय अपराध है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की कैद और 2 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

अदालतों के फैसले और 15 कैमरों वाला चर्चित मामला

सीसीटीवी कैमरों के दुरुपयोग को लेकर कई मामले अदालतों तक पहुंचे हैं। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण मामला कलकत्ता हाईकोर्ट के सामने आया था। इस मामले में मकान मालिक ने मकान के अंदर और बाहर कुल 15 सीसीटीवी कैमरे लगा दिए थे। इनमें से 5 कैमरे सीधे तौर पर किरायेदार के रहने की जगह और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगाए गए थे। हालांकि शुरुआत में कैमरे लगाने के लिए किरायेदार की सहमति ली गई थी, लेकिन अदालत ने पाया कि सहमति होने के बाद भी यह व्यवस्था किरायेदार की प्राइवेसी में सीधा अतिक्रमण करती है। अदालत ने माना कि सुरक्षा के नाम पर किसी की व्यक्तिगत जिंदगी की चौबीसों घंटे निगरानी नहीं की जा सकती।

मकान मालिक कहां कैमरे लगा सकते हैं और कहां नहीं

कानून के अनुसार, मकान मालिक को मुख्य प्रवेश द्वार, पार्किंग एरिया या बाहरी कॉमन सीढ़ियों पर कैमरे लगाने के लिए एक ठोस और वैध सुरक्षा कारण देना होता है। लेकिन ऐसे कैमरे किसी भी स्थिति में इस कोण पर नहीं लगे होने चाहिए जिससे कि किरायेदार के फ्लैट के अंदर का हिस्सा, लिविंग रूम या बालकनी सीधी नजर में आए। यदि कोई कैमरा किरायेदार के घर के भीतर की गतिविधियों को कैप्चर करता है, तो किरायेदार इसके खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज करा सकता है और कानूनी राहत पाने का हकदार है।

सवाल-जवाब

क्या मकान मालिक किरायेदार के फ्लैट के दरवाजे की तरफ सीसीटीवी कैमरा लगा सकता है?
मकान मालिक सुरक्षा कारणों से कॉमन एरिया में कैमरा लगा सकता है, लेकिन अगर कैमरा फ्लैट के अंदर या निजी एरिया में झांकता है तो यह प्राइवेसी कानून का उल्लंघन है।
बिना इजाजत प्राइवेसी में दखल देने पर क्या सजा हो सकती है?
आईटी एक्ट 2000 की धारा 66ई के तहत किसी की बिना अनुमति निजी तस्वीरें या वीडियो बनाने पर 3 साल तक की जेल और 2 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
किरायेदार को शांतिपूर्वक रहने का अधिकार किस कानून से मिलता है?
ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट 1882 की धारा 108सी किरायेदार को बिना किसी बेजा दखल के शांतिपूर्वक रहने का कानूनी अधिकार देती है।
क्या सहमति देने के बाद भी किरायेदार सीसीटीवी का विरोध कर सकता है?
हां, कलकत्ता हाईकोर्ट के एक फैसले के अनुसार यदि शुरू में सहमति दी गई हो, लेकिन कैमरे प्राइवेसी में अतिक्रमण करते हैं, तो किरायेदार उनका विरोध कर सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp