राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों के बाद पार्षदों की बाड़ेबंदी पर संग्राम, खैरथल में अपहरण का आरोप तो करौली में बदला बयाननवोदय विद्यालय पर सुप्रीम कोर्ट की तमिलनाडु को दो टूक, कहा- हर राज्य मनमानी करेगा तो देश कैसे चलेगागुरुग्राम हिट एंड रन मामले में नया मोड़, कल्याण बैसला के समर्थन में कल पलवल में होगी महापंचायतचिपोटल-पैलेंटिर परियोजना रेस्तरां आंकड़ों को खाद्य जोखिम स्कोर में बदलने पर केंद्रितअमेरिका से आए डेबिट कार्ड और एटीएम से निकाले गए ₹92 करोड़, अमेरिकी क्रिश्चियन एनजीओ पर सीबीआई का शिकंजामिथुन राशिफल 18 सितंबर: दिनभर काम का दबाव और रिश्तों में उतार-चढ़ाव, रात को मिलेगी राहतअखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से पूछा तीखा सवाल, हलफनामों की स्थिति पर उठाई गंभीर आपत्तिफेड की दर वृद्धि से डॉलर में ऊपर का जोखिम, अन्य केंद्रीय बैंकों की कसावट घटाती है नए शिखरों की संभावनाकर्क राशिफल 18 सितंबर: प्रेम और करियर में मिलेगी सफलता, सेहत को लेकर बरतें सावधानीकैप टेबल प्लेटफॉर्म पुली बंद होने की कगार पर, प्रतिद्वंदी कार्टा को सौंपे जा रहे ग्राहक
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस की वर्दी पहनकर दंगा भड़काने की साजिश, जैश के संदिग्धों से हुआ बड़ा खुलासाभारत
2 अग॰ 2026, 7:57 pm (46 दिन पहले)· 2

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस की वर्दी पहनकर दंगा भड़काने की साजिश, जैश के संदिग्धों से हुआ बड़ा खुलासा

पश्चिम बंगाल एसटीएफ की पूछताछ में जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्धों ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी आकाओं के इशारे पर जंतर-मंतर में पुलिस वर्दी में घुसपैठ और हिंसा भड़काने का प्लान तैयार किया गया था।

राष्ट्रीय राजधानी में जारी जन प्रदर्शनों को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किए जाने के बाद यह बात सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में पता चला है कि पाकिस्तानी खुफिया तंत्र और आपराधिक नेटवर्क भारत के भीतर चल रहे छात्र आंदोलनों का फायदा उठाकर देश की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहे थे। संदिग्धों को दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों में घुसपैठ करने और बड़े पैमाने पर दंगे भड़काने का जिम्मा सौंपा गया था।

पुलिस यूनिफॉर्म पहनकर घुसपैठ की साजिश

पश्चिम बंगाल एसटीएफ द्वारा की गई पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि सीमा पार बैठे आकाओं ने आरोपियों को असली पुलिस यूनिफॉर्म का इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। इस पूरी योजना का मुख्य मकसद यह था कि आरोपी पुलिसकर्मी बनकर प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षाकर्मियों के बीच आसानी से घुल-मिल सकें। वर्दी पहनकर भीड़ में शामिल होने के बाद उनका काम आंदोलनकारियों की हर गतिविधि पर नजर रखना, पुलिस बल की तैनाती का आकलन करना और मौका मिलते ही हिंसा भड़काकर शांत प्रदर्शन को उग्र दंगों में बदलना था।

ये भी पढ़ें

पकड़े गए संदिग्ध और पाकिस्तानी नेटवर्क

कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने दो मुख्य आरोपियों, मोहम्मद हमीम मंडल और उसकी महिला साथी अर्पिता सरकार को हिरासत में लिया। दोनों से लगातार की गई गहन पूछताछ में सामने आया कि वे सीमा पार बैठे कई आकाओं से सीधे निर्देश ले रहे थे। ये आका आबिद जट्ट 333, उजैर, राणा और हमद जैसे छद्म नामों का इस्तेमाल कर रहे थे। जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि ये सभी फर्जी नाम सीधे तौर पर पाकिस्तान की आईएसआई और खूंखार शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।

एन्क्रिप्टेड ऐप्स और हनिट्रैप का इस्तेमाल

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बरामद डिजिटल उपकरणों और मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में सुरक्षा संबंधी अहम जानकारियां मिली हैं। आरोपी अपने आकाओं के साथ बातचीत करने और साजिश को अंजाम देने के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे थे। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचने के लिए वे मुख्य रूप से व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, एलिमेंट एक्स और सेशन जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे थे। इसके अलावा, यह नेटवर्क भारतीय राजनेताओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाने तथा संवेदनशील खुफिया डेटा हासिल करने के लिए हनिट्रैप की साजिशें भी रच रहा था।

दीर्घकालिक रणनीति और सुरक्षा एजेंसियों की जांच

एसटीएफ के आईजी गौरव शर्मा से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी आका अब भारत में होने वाले राजनीतिक प्रदर्शनों और जन आंदोलनों पर लगातार नजर रख रहे हैं। उनका मुख्य तात्कालिक उद्देश्य तुरंत बड़े हमले करने के बजाय धरातल पर अपना खुफिया ढांचा मजबूत करना और भविष्य के अभियानों के लिए आधार तैयार करना है। फिलहाल पश्चिम बंगाल एसटीएफ और केंद्रीय एजेंसियां इस पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं कि क्या इस साजिश को अंजाम देने के लिए कोई टीम दिल्ली पहुंची थी या राजधानी में किसी स्थानीय मददगार से संपर्क साधा गया था।

सवाल-जवाब

पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने किन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है?
एसटीएफ ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो संदिग्धों, मोहम्मद हमीम मंडल और उसकी महिला साथी अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है।
जंतर-मंतर पर साजिश को अंजाम देने के लिए संदिग्धों को क्या जिम्मेदारी दी गई थी?
आरोपियों को पुलिस की असली वर्दी पहनकर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन में शामिल होने, भीड़ की रेकी करने और हिंसा भड़काने का निर्देश मिला था।
यह मॉड्यूल सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए किन ऐप्स का उपयोग कर रहा था?
यह नेटवर्क एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, एलिमेंट एक्स और सेशन का इस्तेमाल कर रहा था।
संदिग्धों के पाकिस्तानी आका किन नामों से काम कर रहे थे?
पाकिस्तानी आका आबिद जट्ट 333, उजैर, राणा और हमद जैसे छद्म नामों का उपयोग कर रहे थे, जिनका संबंध आईएसआई और शहजाद भट्टी नेटवर्क से माना जा रहा है।
क्या यह नेटवर्क नेताओं या अधिकारियों की रेकी भी कर रहा था?
हां, जांच के अनुसार यह नेटवर्क भारतीय राजनेताओं और पुलिस अधिकारियों से खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए हनिट्रैप की साजिश रच रहा था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp