देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अचानक बेहद तल्ख हो गया है। पश्चिमी विक्षोभ और मानसून ट्रफ के एक साथ सक्रिय होने से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के विस्तृत भूभाग में घने काले बादलों का असर देखा जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे देश के विभिन्न राज्यों के लिए सुरक्षा के लिहाज से काफी संवेदनशील साबित हो सकते हैं। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी ढलानों तक मूसलाधार वर्षा, तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। इस मौसमी बदलाव के चलते जनजीवन प्रभावित होने और यातायात व्यवस्था में रुकावट आने का खतरा बना हुआ है।
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम का हाल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख शहरों जैसे नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद में 4 सितंबर को दिनभर आसमान बादलों से घिरा रहेगा। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि इन इलाकों में मध्यम से लेकर भारी बारिश हो सकती है। इस अवधि के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं और बीच-बीच में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर सकती है। बारिश के कारण दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम की निचली सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे सुबह और शाम के यातायात पर असर पड़ने का अंदेशा है।
उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों के लिए चेतावनी
उत्तर प्रदेश में मौसम प्रणाली का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के झांसी, ललितपुर, महोबा, बांदा, हमीरपुर, आगरा, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और चित्रकूट क्षेत्रों में भी अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है, जिससे कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति और निचली बस्तियों में पानी भर सकता है।
बिहार के मौसम की बात करें तो राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर बहुत तेज बारिश होने की संभावना है। राजधानी पटना के अलावा गया, भोजपुर, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग ने राज्य में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में लोगों को आंधी-तूफान के समय खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे न जाने की सलाह दी गई है।
मध्य भारत में मध्य प्रदेश और राजस्थान का मौसमी पूर्वानुमान
मध्य प्रदेश में मानसून की चाल काफी उग्र नजर आ रही है। राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में बारिश का व्यापक असर रहेगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, रीवा और जबलपुर में भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली तूफानी हवाएं बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। निचली बस्तियों में पानी भरने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्थान में पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच मौसमी अंतर साफ देखा जा सकता है। पूर्वी राजस्थान के कोटा, जयपुर, उदयपुर, अजमेर, भरतपुर और बांसवाड़ा में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। इसके विपरीत पश्चिमी राजस्थान के शुष्क इलाकों जैसे जोधपुर और बीकानेर में हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है, जिससे तापमान में आंशिक गिरावट आ सकती है।
पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के चलते स्थितियां काफी संवेदनशील बनी हुई हैं। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, ऋषिकेश, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जिलों में भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है। अत्यधिक बारिश के कारण पहाड़ों से मलबे के गिरने और मुख्य मार्गों पर भूस्खलन होने की तीव्र संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने पहाड़ों की यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी, कुल्लू, मनाली, कांगड़ा और सोलन में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। ऊंचे पहाड़ी रास्तों पर अचानक जलस्तर बढ़ने और सड़कों के अवरुद्ध होने से आवाजाही बाधित हो सकती है। प्रशासन ने आपातकालीन दलों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा है।
महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और झारखंड का मौसम परिदृश्य
महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मुंबई, गोवा और कोंकण के तटीय इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। दूसरी तरफ मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के नागपुर, अमरावती, पुणे तथा नासिक में बादलों की आवाजाही के बीच हल्की से मध्यम वर्षा और बिजली कड़कने की संभावना व्यक्त की गई है।
पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी जिलों दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और जलपाईगुड़ी में भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। राज्य के मैदानी हिस्सों जैसे कोलकाता, हावड़ा और मुर्शिदाबाद में मध्यम वर्षा के साथ तेज आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं झारखंड के रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद और पलामू जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।



















