नागालैंड की मतदाता सूची पर विवाद, 1.57 लाख से अधिक नामों में गड़बड़ी का आरोपमहाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव परिणाम: बीजेपी ने जीती पुणे शिक्षक सीट, दो क्षेत्रों में शरद पवार गुट को बढ़तभीलवाड़ा में संपत्ति के लिए 72 वर्षीय कमला देवी की हत्या, शव जलाकर नदी में बहाए अवशेष; दो गिरफ्तारमिजो विरासत को सहेजने के लिए खुला मिजोरम स्टेट म्यूजियम, मंत्री सी. लालसाविवुंगा ने युवाओं से की खास अपीलAISA प्रमुख नेहा बोरा की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, SEM अदालत ने 20 नवंबर को दोबारा किया तलबमध्य प्रदेश के बालाघाट में प्रसव के बिल चुकाने के लिए बुजुर्ग महिला की हत्या, आरोपी गिरफ्तारदिल्ली में वोटर सूची पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से पूछा- पुराने मतदाताओं से फॉर्म 6 क्यों भरवाया जा रहाऋषिकेश के बाजारों में करवा चौथ की रौनक, 3डी प्रिंट से लेकर ऐपण कला वाले करवे-छलनी की भारी मांगगाड़ी की कंडक्टरी छोड़ गांव में शुरू किया बकरी पालन, उत्तराखंड के प्रेम सिंह बने मिसालराजस्थान के खैरथल-तिजारा में साइबर ठगी की जांच के दौरान बड़ा हादसा, पुलिस की मौजूदगी में युवक ने लगाया फंदा
3 सितंबर को मध्य प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में आफत की बरसातभारत
2 सित॰ 2026, 4:06 pm (56 दिन पहले)· 2

3 सितंबर को मध्य प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में आफत की बरसात

मौसम विभाग ने 3 सितंबर को मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 20 सेंटीमीटर से अधिक मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर तेजी से जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 3 सितंबर को कई राज्यों में गरज चमक के साथ भारी से अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है। दिल्ली और एनसीआर के क्षेत्रों में आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और सुबह से दोपहर के बीच हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके बाद शाम के समय भी हल्की फुहारें पड़ने के आसार हैं। दिल्ली में इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के मध्य रहने का अनुमान है। हवा की गति 5 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी, जिसका रुख सुबह दक्षिण पश्चिम और शाम को दक्षिण पूर्व रहेगा। इस बारिश से दिल्ली वासियों को उमस से राहत मिली है और किसी बड़े यातायात व्यवधान का अलर्ट नहीं है।

मध्य प्रदेश में विकराल रूप, पूर्वी हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश में मानसून का प्रभाव काफी प्रचंड नजर आ रहा है। उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर एक शक्तिशाली कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर सिस्टम) बना हुआ है। इसके प्रभाव से 3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में गर्जना के साथ भीषण मूसलाधार बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए आधिकारिक तौर पर रेड अलर्ट जारी किया है, जहां 24 घंटों के भीतर 20 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा होने की आशंका है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को खुले मैदानों, जर्जर मकानों और पुराने पेड़ों के पास न जाने तथा फसलों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

ये भी पढ़ें

उत्तर प्रदेश में पश्चिमी जिलों पर ज्यादा मार, ट्रफ लाइन सक्रिय

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में 3 सितंबर को मौसम का रुख बेहद सख्त रहने वाला है। मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का बड़ा पूर्वानुमान जताया है। सुबह से ही घने बादलों की आवाजाही रहेगी और दोपहर में मूसलाधार बौछारें गिर सकती हैं। इसके साथ ही तेज गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम भी बना रहेगा। इसके विपरीत पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां सीमित रहेंगी और वहां केवल हल्की से मध्यम या छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। वर्तमान में मानसून की मुख्य ट्रफ लाइन रोहतक, हरदोई और कानपुर से होकर गुजर रही है, जिससे हवाओं में प्रचुर नमी बनी हुई है। पश्चिमी यूपी में जलजमाव और यातायात बाधित होने की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क कर दिया गया है।

महाराष्ट्र के विदर्भ में भारी बारिश और तटीय इलाकों में व्यापक वर्षा

महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में मौसमी गतिविधियों का गहरा असर दिख रहा है। मौसम विभाग ने विदर्भ के अधिकांश जिलों के लिए 3 सितंबर को भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान बादलों की गर्जना और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं। मध्य महाराष्ट्र में गुरुवार को छिटपुट स्थानों पर बिजली गिरने का अनुमान है। तटीय कोंकण और गोवा के क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर व्यापक बारिश होने की संभावना है, जबकि मराठवाड़ा में छिटपुट वर्षा दर्ज की जा सकती है। विदर्भ के किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी का प्रबंध करने का सुझाव दिया गया है। मौसमी प्रणाली के पश्चिम की तरफ बढ़ने से उत्तरी महाराष्ट्र में भी घने बादल छाए रहेंगे।

पूर्वी भारत और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन व नदियों के जलस्तर का खतरा

पूर्वी भारत और उत्तर पश्चिम के पर्वतीय क्षेत्रों में मानसूनी बारिश से स्थितियां संवेदनशील बनी हुई हैं। उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 3 सितंबर को भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन और तीस्ता जैसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। गांगेय पश्चिम बंगाल में बिजली चमकने के येलो अलर्ट के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बिहार में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा और झारखंड में मध्यम बारिश का अनुमान है। पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका के कारण येलो अलर्ट जारी रखा गया है, जहां बोल्डर गिरने से रास्ते बंद हो सकते हैं। हिमाचल प्रदेश के भी कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

सवाल-जवाब

3 सितंबर को किन राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट है?
मौसम विभाग ने 3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों के लिए अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली में 3 सितंबर को मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली में सुबह से दोपहर तक हल्की से मध्यम बारिश और शाम को हल्की फुहारें पड़ने का अनुमान है, जिससे तापमान 32 से 34 डिग्री के बीच रहेगा।
उत्तर प्रदेश में किस क्षेत्र में सबसे ज्यादा बारिश की संभावना है?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है, जबकि पूर्वी यूपी में हल्की से मध्यम बारिश होगी।
उत्तराखंड और सिक्किम में क्या खतरे बताए गए हैं?
लगातार मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन, पत्थर गिरने और तीस्ता जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·56 दिन पहले

मौसम की यह चरम स्थिति आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक सतर्कता की बड़ी परीक्षा है। भारी बारिश और जलभराव से उत्पन्न होने वाले हालात पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहना होगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए।

Rohan Verma@rohan-verma·56 दिन पहले

यह ट्रफ लाइन की स्थिति और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रियता इस बात का संकेत है कि निचले स्तर के प्रशासनिक अमले, विशेषकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (DDMA) को जमीनी स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करनी होगी। जलजमाव वाले संवेदनशील शहरी और ग्रामीण इलाकों में पहले से ही पंपों की तैनाती और यातायात डायवर्जन की पुख्ता योजना लागू करने की आवश्यकता है, ताकि नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp