मानसून ने पूरे देश में अपना विकराल रूप दिखा दिया है। भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर आ रहा है, जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं और सड़कों का बुरा हाल है। बारिश की वजह से दिल्ली, गाजियाबाद और बुलंदशहर जैसे इलाकों में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। भारतीय मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि आज भी 18 राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। जिन प्रमुख राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है, उनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र शामिल हैं। विशेष रूप से उत्तराखंड के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है और निवासियों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश का सिलसिला जारी
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तापमान को तो नीचे गिरा दिया है, लेकिन शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा कर दी है। बारिश से जुड़ी दुखद घटनाओं में कई लोगों की मृत्यु की खबर है। मौसम विभाग का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर में आज भी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य भारत से हिमालय की तलहटी की ओर खिसके मानसूनी दबाव के कारण यह बारिश हो रही है। जब तक यह दबाव उत्तर की दिशा में और आगे नहीं बढ़ जाता, तब तक दिल्ली में व्यापक बारिश होने की पूरी संभावना है। उम्मीद जताई जा रही है कि 12 जुलाई से मौसम शुष्क हो सकता है।
उत्तर प्रदेश के लिए चेतावनी
लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी और मध्य यूपी के अन्य जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। राज्य भर में 11 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है, जिससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है। आईएमडी ने बताया कि उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश पर कम दबाव का क्षेत्र बनने से मानसून अधिक सक्रिय हो गया है। लखनऊ और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि जलभराव और यातायात की बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। साथ ही, राज्य में आंधी के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है।
उत्तराखंड और हिमाचल में सावधानी
उत्तराखंड के लिए शुक्रवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर गरज के साथ तेज बारिश की संभावना है। अगले दो दिनों में भारी बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। पिछले आंकड़ों के अनुसार, जाखोली में 46 मिमी, उखीमठ में 23 मिमी और रुद्रप्रयाग में 20 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, सिरमौर, सोलन और शिमला जैसे जिलों में भी अलर्ट जारी है। सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश को देखते हुए शुक्रवार को सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। हालांकि, शिक्षकों और अन्य स्टाफ को स्कूल जाने से छूट मिली है। लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त सलाह दी गई है।
बिहार, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश की स्थिति
बिहार के सारण, सिवान, मुंगेर, भोजपुर, कटिहार, गया, सहरसा, किशनगंज, सुपौल, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और पश्चिम चंपारण जिलों के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसके साथ तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। झारखंड के भी कई जिलों में इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर, अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार से बारिश के कुछ कम होने की उम्मीद है। यहाँ के पापुम पारे, लोअर दिबांग घाटी और तिरप जिलों के लिए शुक्रवार तक ऑरेंज अलर्ट जारी है, लेकिन वीकेंड तक मौसम में सुधार होने की संभावना जताई जा रही है। पूर्वी और तलहटी वाले जिलों में सोमवार तक येलो अलर्ट जारी रहने के संकेत दिए गए हैं।











