हावड़ा से सिकंदराबाद की दिशा में आगे बढ़ रही फलाकनुमा सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल कोच में अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक गर्भवती महिला असहनीय प्रसव पीड़ा से कराहने लगी। सफर के दौरान महिला की हालत बिगड़ने पर कोच में बैठे अन्य यात्री सहम गए और सभी की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि ट्रेन सुरक्षित तरीके से अगले ठहराव तक पहुंच जाए। अगला बड़ा स्टेशन कटक था, लेकिन ट्रेन को वहां तक पहुंचने में अभी अच्छा-खासा समय लगना बाकी था।
सहयात्रियों ने चादरों का घेरा बनाकर संभाली स्थिति
कोच के भीतर पैदा हुए इस नाजुक हालात की सूचना ट्रेन में तैनात रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ के जवानों और रेलवे कर्मचारियों तक पहुंची। ड्यूटी पर मौजूद अमले ने सबसे पहले यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या ट्रेन में कोई डॉक्टर या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी सफर कर रहा है, जो प्रसव में मदद कर सके। इसके साथ ही बिना देर किए कटक रेलवे स्टेशन के अधिकारियों को आपातकालीन संदेश भेजकर मेडिकल बैकअप तैयार रखने को कहा गया। दूसरी तरफ, बोगी के अंदर मौजूद सहयात्रियों ने मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की। यात्रियों ने फौरन एक पूरी बर्थ खाली की और डिब्बे में मौजूद महिला यात्री आगे आईं। उन्होंने चादरों का पर्दा बनाकर बर्थ को चारों तरफ से घेर दिया, ताकि महिला को जरूरी निजता मिल सके।
चलती ट्रेन में हुआ जन्म, दोनों सुरक्षित
कटक स्टेशन अभी दूर था और महिला का दर्द लगातार तेज होता जा रहा था। कुछ ही देर में स्थिति ऐसी बनी कि चलती ट्रेन के अंदर ही महिला का प्रसव कराना पड़ा। राहत की बात यह रही कि ट्रेन के सामान्य डिब्बे में हुए इस प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहे। डिब्बे में मौजूद यात्रियों ने दोनों की कुशलता देखकर राहत की सांस ली, लेकिन असली चुनौती नवजात और प्रसूता को तुरंत उचित डॉक्टरी निगरानी में ले जाने की थी।
कटक पहुंचते ही महिला सिपाहियों ने संभाला मोर्चा
ट्रेन जब तक कटक स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर दाखिल हुई, तब तक स्टेशन प्रशासन ने मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के सारे इंतजाम मुकम्मल कर लिए थे। ट्रेन के रुकते ही आरपीएफ की दो महिला कॉन्स्टेबल सीधे जनरल कोच में दाखिल हुईं। उन्होंने बेहद संवेदनशीलता के साथ मां और नवजात को संभाला और परिवार के सदस्यों की तरह उनकी देखभाल की। इसके बाद प्रसूता को स्ट्रेचर पर लिटाकर सावधानीपूर्वक डिब्बे से बाहर लाया गया।
अस्पताल में भर्ती, जच्चा और बच्चा की देखरेख जारी
स्टेशन के बाहर प्लेटफॉर्म के पास एंबुलेंस पहले से तैनात थी। आरपीएफ की महिला जवानों ने खुद सहारा देकर दोनों को सुरक्षित तरीके से एंबुलेंस में शिफ्ट कराया। इसके तुरंत बाद रेलवे प्रशासन ने दोनों को कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम जच्चा और बच्चा दोनों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।














