दिल्ली को रोहतक से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बेहद गंभीर अंतरराज्यीय असलहा तस्करी के प्रयास को नाकाम कर दिया। झज्जर जिले के अंतर्गत बहादुरगढ़ क्षेत्र में रोहद टोल प्लाजा के पास स्थित त्रिवेणी ढाबे के बाहर खड़ी दो चौपहिया गाड़ियों का घेराव करके जांच की गई, जिसमें से 25 हजार सक्रिय गोलियां बरामद हुईं। इस वाहन तलाशी के दौरान एक महिला सहित कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनके पास से 8 स्मार्टफोन भी जब्त किए गए हैं।
वाहनों की तलाशी में अलग-अलग बोर के 25,000 कारतूस बरामद
जांच अधिकारियों को पड़ोसी राज्य बिहार की एसटीएफ इकाई से इस बात का पुख्ता इनपुट प्राप्त हुआ था कि अवैध गोला-बारूद की एक भारी खेप सड़क मार्ग से रवाना की जा रही है। मौके पर सड़क किनारे खड़ी मिलीं दोनों गाड़ियां उत्तर प्रदेश की नंबर प्लेट वाली थीं, जिनमें एक टाटा हैरियर और दूसरी हुंडई ऑरा मॉडल थी। जब सुरक्षा दस्ते ने इनकी गहन पड़ताल की, तो टाटा हैरियर के भीतर से केएफ 7.65 और बीएमएम केएफ मार्का वाले 24,400 सक्रिय राउंड मिले। इसके अलावा दूसरी हुंडई ऑरा कार से बीएमएम केएफ मार्का के 600 जीवित कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में पकड़े गए सवार इन गोला-बारूदों के परिवहन अथवा खरीद-फरोख्त से जुड़ा कोई भी वैध लाइसेंस या कागजात पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहे।
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से आए थे पांचों आरोपी
हिरासत में लिए गए सभी पांचों आरोपी उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के रहने वाले पाए गए हैं। इनमें 49 वर्षीय अफीफुद्दीन उर्फ मुन्ना खान, 33 वर्षीय आसिम रईस, 32 वर्षीय सबलू खान, 27 वर्षीय अरबाज अली और 33 वर्षीय महिला जीनत शामिल हैं। पुलिस ने मौके से दोनों कारों, गोला-बारूद के भारी जखीरे और उपयोग में लाए जा रहे आठों सेलफोन को आधिकारिक जब्ती में ले लिया। स्थानीय बहादुरगढ़ इलाके के असौधा थाने में इन सभी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के कड़े प्रावधानों, विशेष रूप से धारा 25(1-ब)(ए) और धारा 25(8) के अंतर्गत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।
बदायूं के गन हाउस से सिरसा और बिहार तक फैले तार
शुरुआती पूछताछ और पड़ताल में इस गैरकानूनी नेटवर्क के कई अंतरराज्यीय पहलू उजागर हुए हैं। मुख्य अभियुक्त मुन्ना खान खुद बदायूं के सिविल लाइंस क्षेत्र में बदायूं गन हाउस के नाम से प्रतिष्ठान चलाता है। उसने स्वीकार किया कि गोलियों की यह विशाल खेप उसने हरियाणा के सिरसा जिले में स्थित महक गन हाउस के संचालक विजय गोयल से हासिल की थी। इससे महज एक दिन पूर्व बिहार की एसटीएफ ने भोजपुर इलाके में इसी तरह की बड़ी कार्रवाई अंजाम देकर लल्टू नामक शख्स और उसके सहयोगियों को दबोचा था, जिनके ठिकाने से लगभग 20 हजार कारतूस मिले थे। उस मामले की कड़ियों ने संकेत दिया था कि लल्टू सीधे मुन्ना खान के संपर्क में था और उसी से राउंड हासिल करता था। अब हरियाणा एसटीएफ दोनों पड़ोसी राज्यों बिहार और उत्तर प्रदेश की पुलिस के साथ संयुक्त समन्वय बनाकर अधिकृत गन हाउसों के जरिए संचालित इस सिंडिकेट के आपूर्ति स्रोतों की जड़ें तलाशने में जुटी है।



















