उत्तर प्रदेश में परिवहन नियमों को लेकर लगातार सख्ती के बावजूद कुछ लोग न तो नियम मान रहे हैं और न ही कार्रवाई से डर रहे हैं। हमीरपुर से सामने आई एक घटना ने यह फिर साबित कर दिया, जहां जांच के दौरान एक डंपर चालक की लापरवाही और दबंगई के चलते बड़ा हादसा होते-होते बचा। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों की सूझबूझ न होती तो जनहानि भी हो सकती थी।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
घटना सदर कोतवाली क्षेत्र की है, जहां परिवहन विभाग की टीम वाहनों की सघन जांच में जुटी थी। इसी जांच के दौरान टीम की नजर एक ऐसे डंपर पर पड़ी, जो अवैध परिवहन में लगा हुआ था। अधिकारियों ने इसी डंपर को रुकने का इशारा किया, ताकि उसकी पड़ताल की जा सके।
रुकने के बजाय गाड़ी पर चढ़ाने की कोशिश
नियमों का पालन करने के बजाय चालक ने वाहन की रफ्तार और बढ़ा दी और मौके से भागने लगा। आरोप है कि भागते समय उसने एआरटीओ की सरकारी गाड़ी को निशाना बनाते हुए उसमें टक्कर मारने का प्रयास किया। चालक की इस हरकत से चेकिंग स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ पल के लिए हालात तनावपूर्ण हो गए। राहत की बात यह रही कि टीम ने समय रहते सतर्कता दिखाई, जिससे न कोई बड़ा हादसा हुआ और न ही किसी की जान को नुकसान पहुंचा।
यमुना पुल के पास दबोचा गया चालक
चालक के फरार होने के बाद परिवहन विभाग की टीम पीछे लगी रही और लगातार उसका पीछा करती रही। आखिरकार यमुना पुल के पास डंपर को रोककर चालक को पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
चालक और वाहन स्वामी दोनों पर शिकंजा
विभाग अब आरोपी चालक को जेल भेजने की तैयारी कर रहा है। सिर्फ चालक ही नहीं, बल्कि वाहन के मालिक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एआरटीओ प्रवीण कुमार के मुताबिक, चालक को जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी और साथ ही वाहन स्वामी के विरुद्ध भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
विभाग का सख्त रुख
परिवहन विभाग ने इस घटना के बाद अपना रुख साफ कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध परिवहन करने वालों और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।













