जयपुर के खो नागोरियान इलाके में एक अवैध फैक्ट्री में हुए धमाके की गुत्थी सुलझाने में लगी पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस मामले के मुख्य आरोपी कय्यूम और अय्यूब के करीबी सहयोगी सलमान कुरैशी को मुंबई से पकड़ लिया गया है। जांच एजेंसियों को भरोसा है कि कुरैशी से धमाके की कड़ियां जोड़ने वाली कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ चल रही है और उनके बयानों के आधार पर ही जांच का दायरा और चौड़ा किया जा रहा है।
इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान
धमाके से जुड़े लोगों तक पहुंचने और चोरी-छिपे चल रही इकाइयों को बेनकाब करने के मकसद से पुलिस ने पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन छेड़ रखा है। यह विशेष अभियान खो नागोरियान थाने के एसएचओ प्रकाश राम विश्नोई की अगुवाई में चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई में 80 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जिन्होंने इलाके के 200 से ज़्यादा मकानों की बारीकी से तलाशी ली।
दो अवैध फैक्ट्रियां रडार पर
जांच के दौरान पुलिस ने दो और अवैध फैक्ट्रियों को चिन्हित किया है, जहां नियम-कायदों को ताक पर रखकर काम चल रहा था। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इन इकाइयों में होने वाली गतिविधियों का धमाके से कोई सीधा रिश्ता तो नहीं था। अधिकारियों ने साफ कहा है कि सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज कर और बिना किसी अनुमति के चल रही ऐसी फैक्ट्रियों पर सख्त शिकंजा कसा जाएगा।
संदिग्ध हालात में खड़ी 27 बाइकें जब्त
तलाशी के दौरान पुलिस ने इलाके में लावारिस और संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ी मिलीं 27 बाइकों को कब्जे में लिया है। इन वाहनों के कागजात खंगाले जा रहे हैं और यह जानने की कोशिश हो रही है कि असल में इनके मालिक कौन हैं। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि कहीं इन बाइकों का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी काम के लिए तो नहीं किया जा रहा था।
घर-घर सर्वे और 20 गोदामों को नोटिस
धमाके के बाद पुलिस ने इलाके में डोर-टू-डोर सर्वे भी चलाया, जिसमें करीब 20 गोदामों को चिन्हित किया गया। दस्तावेजों और नियमों की पड़ताल के बाद इन सभी गोदामों को नोटिस थमाए गए हैं। गोदाम मालिकों से संचालन की अनुमति, सुरक्षा इंतजाम और उनके यहां रखे स्टॉक का ब्योरा मांगा गया है। यह पूरी पड़ताल पुलिस और प्रशासन मिलकर अंजाम दे रहे हैं।
जनसहयोग के लिए मोहल्ला बैठकें
पुलिस ने अपनी कार्रवाई को केवल धरपकड़ तक सीमित नहीं रखा है। इलाके में अमन-चैन कायम रखने और लोगों का भरोसा जीतने के लिए मोहल्ला मीटिंग का सहारा भी लिया जा रहा है। इन बैठकों में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों को सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी जा रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अवैध फैक्ट्री या गोदाम की भनक लगते ही पुलिस को सूचित करें।
आगे और बड़े खुलासों की उम्मीद
फैक्ट्री धमाके की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई बड़े राज खुलने की संभावना जताई जा रही है। बिना अनुमति चल रहे गोदामों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ पुलिस का अभियान थमा नहीं है। पुलिस की कोशिश सिर्फ धमाके का सच सामने लाने तक सीमित नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की भी है।













