इस वक्त देश के आसमान पर दो अलग-अलग मौसमी ताकतें एक साथ काम कर रही हैं और यही वजह है कि कहीं झमाझम बारिश हो रही है तो कहीं धूल और तेज हवाओं का कहर। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार रफ्तार पकड़ रहा है, जिससे बादल घने हो रहे हैं, पारा नीचे गिर रहा है और हवा में नमी बढ़ती जा रही है। वहीं दूसरी ओर उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ धूल भरी आंधी, गरज-चमक और तेज झोंकों को हवा दे रहा है।
मौसम विभाग का साफ कहना है कि इन दोनों सिस्टम के आपस में टकराने से अगले कुछ दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम स्थिर नहीं रहेगा। नतीजा यह होगा कि कहीं भारी बारिश राहत देगी तो कहीं तेज गर्मी और आंधी परेशान करेगी। इस उठापटक का असर सीधे आम जिंदगी, खेती-किसानी और आवाजाही पर दिखेगा। तेज हवाओं से पेड़ गिरने और दृश्यता घटने जैसी स्थिति बनने पर कई राज्यों में बिजली आपूर्ति और सड़क यातायात दोनों गड़बड़ा सकते हैं।
17 राज्यों पर मौसम की मार, 80 KM तक दौड़ेंगी हवाएं
IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 13 जून को देश के कम से कम 17 राज्य मौसम की इस उठापटक की जद में रहेंगे। इस सूची में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पूर्वोत्तर के कई राज्य शामिल हैं। इनमें से किसी इलाके में धूल भरी आंधी चलेगी तो किसी जगह गरज-चमक के साथ तेज बारिश का सिस्टम सक्रिय रहेगा।
विभाग ने आशंका जताई है कि कई स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो रोजमर्रा की जिंदगी को बाधित करने के लिए काफी है। उत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में तो कुछ जगहों पर ओलावृष्टि का खतरा भी बना हुआ है। यही वजह है कि मौसम विभाग ने लोगों से खुले मैदानों में सतर्क रहने और खराब मौसम के बीच गैर-जरूरी सफर टालने की अपील की है, क्योंकि अचानक बदलते हालात में हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
मानसून ने पकड़ी रफ्तार, इन राज्यों में जल्द बरसेगा
दक्षिण-पश्चिम मानसून अब रुकने का नाम नहीं ले रहा और लगातार आगे खिसकता जा रहा है। फिलहाल यह कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार के कई हिस्सों तक दस्तक दे चुका है। इन्हीं इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं और तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग का आकलन है कि आने वाले 2 से 3 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्सों को भी अपनी चपेट में ले सकता है।
मानसून की इसी सक्रियता ने लंबे समय से झुलसा रही भीषण गर्मी और लू से राहत देनी शुरू कर दी है। हवा में नमी बढ़ने से वातावरण में ठंडक का अहसास होने लगा है। हालांकि यह राहत पूरी तरह टिकाऊ नहीं है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम बार-बार करवट बदल रहा है और कई जगहों पर बारिश व आंधी का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है।
दिल्ली-NCR: दोपहर बाद छाएंगे बादल, चलेगी तेज आंधी
राजधानी और आसपास के इलाकों में 13 जून को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा। दोपहर ढलते ही आसमान घने बादलों से ढक जाएगा और कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान हवा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है, जिससे पेड़ों और हल्की संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का अंदेशा रहेगा। दिन का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, लेकिन हवा और बारिश की वजह से उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। 14 जून को भी कुछ ऐसा ही माहौल बना रह सकता है, जब गरज-चमक और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है, क्योंकि अचानक चलने वाली तेज हवाएं यातायात और बिजली आपूर्ति दोनों को प्रभावित कर सकती हैं।
उत्तर प्रदेश: 13 से 17 जून तक आंधी-बारिश का दौर
उत्तर प्रदेश में मौसम लगातार बेचैन बना हुआ है और 13 से 17 जून के बीच राज्य के अधिकतर इलाकों में आंधी-बारिश का असर रहेगा। बागपत, मेरठ, आगरा, मथुरा, प्रयागराज, झांसी, कानपुर और इनके आसपास के जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। कई जगहों पर तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। 14 जून के बाद राज्य में छिटपुट बारिश का सिलसिला चलता रह सकता है, जिससे तापमान धीरे-धीरे नीचे आएगा और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं से फसलों को नुकसान और बिजली बाधित होने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग पूरी स्थिति पर लगातार निगाह रखे हुए है।
बिहार: 50-60 KM की हवाओं और आकाशीय बिजली की चेतावनी
बिहार में 13 जून को मौसम बिगड़ने के आसार हैं। पटना, गया, भागलपुर, बक्सर, सिवान समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी है, जो खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। अगले कुछ दिनों तक रुक-रुककर बारिश का दौर बना रह सकता है, जिससे पारा गिरेगा और गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन साथ ही सावधानी भी जरूरी रहेगी।
झारखंड: मानसून हुआ सक्रिय, भारी बारिश के आसार
झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और 13 जून को कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। रांची, धनबाद, जमशेदपुर और दुमका जैसे इलाकों में बादल लगातार छाए रहेंगे और रुक-रुककर बारिश होती रहेगी। इस बारिश से लंबे समय से चली आ रही उमस भरी गर्मी का अंत होगा और मौसम ठंडा हो जाएगा। हालांकि कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है, जिसे देखते हुए लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।













