महाराष्ट्र के पालघर जिले से खेल जगत को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक उभरती नाबालिग फुटबॉल खिलाड़ी पर भरोसे का फायदा उठाकर वर्षों तक यौन शोषण और ब्लैकमेल किए जाने का आरोप लगा है। आरोप का केंद्र है एक निजी फुटबॉल कोच, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
कौन है आरोपी और क्या हैं आरोप
पुलिस ने 36 वर्षीय निजी फुटबॉल कोच अभिजीत मेंडल को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ दुष्कर्म, आपराधिक धमकी और लैंगिक अपराधों से बच्चों के संरक्षण से जुड़े POCSO अधिनियम की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता उस समय नाबालिग थी, और आरोपों की प्रकृति को देखते हुए पुलिस इसे बेहद गंभीर मान रही है।
कैसे शुरू हुआ सिलसिला
शिकायत के मुताबिक, सब कुछ वर्ष 2023 में शुरू हुआ, जब पीड़िता वसई की एक फुटबॉल प्रशिक्षण अकादमी से जुड़ी। यहीं अभिजीत मेंडल उसे ट्रेनिंग देता था। पीड़िता का कहना है कि कोच ने पहले एक प्रशिक्षक के तौर पर उसका विश्वास हासिल किया और फिर फुटबॉल में बड़े मौके और बेहतर करियर दिलाने का भरोसा देकर उसे अपने प्रभाव में ले लिया। इसी आड़ में, आरोप है कि उसने नाबालिग के साथ कई बार दुष्कर्म किया।
आपत्तिजनक वीडियो बने हथियार
पीड़िता के अनुसार, इस दौरान कोच ने उसके आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें भी बना लीं। यही सामग्री बाद में उस पर दबाव बनाने का जरिया बन गई। आरोप है कि इन्हीं वीडियो और फोटो के सहारे वह लगातार उसे ब्लैकमेल करता रहा, जिससे पीड़िता खुद को फंसा हुआ महसूस करती रही।
तीन साल का खौफ और धमकियां
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि करीब तीन वर्षों तक वह इस शोषण का शिकार बनी रही। जब उसने आरोपी से दूरी बनाने और संपर्क पूरी तरह खत्म करने की कोशिश की, तो उसने कथित तौर पर वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर देने की धमकी देनी शुरू कर दी। इसी डर और मानसिक दबाव के चलते वह लंबे समय तक चुप रही और गहरे तनाव में जीती रही।
परिवार तक पहुंची बात, फिर कार्रवाई
लगातार उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना से टूट चुकी पीड़िता ने आखिरकार पूरी आपबीती अपने परिवार को बताई। परिवार ने देर किए बिना पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। वसई के माणिकपुर पुलिस थाने ने प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जांच जारी, खेल समुदाय में चिंता
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच चल रही है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों समेत दूसरे पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय खेल समुदाय और अभिभावकों में चिंता का माहौल है, और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल फिर खड़े हो गए हैं।













