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पटियाला के दो बागी विधायकों पर आम आदमी पार्टी का कड़ा रुख, विधानसभा सदस्यता समाप्त कराने स्पीकर के पास जाएगी पार्टीपंजाब
2 नव॰ 2026, 1:23 pm (4 दिन पहले)· 0

पटियाला के दो बागी विधायकों पर आम आदमी पार्टी का कड़ा रुख, विधानसभा सदस्यता समाप्त कराने स्पीकर के पास जाएगी पार्टी

आम आदमी पार्टी ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी आचरण के आरोप में निकाले गए विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा की विधानसभा सदस्यता रद्द कराने के लिए पंजाब विधानसभा अध्यक्ष से संपर्क करने का फैसला किया है।

पंजाब की राजनीति में पटियाला जिले के दो विधायकों के निष्कासन के बाद सियासी तल्खी और बढ़ गई है। अनुशासनहीनता और विरोधी आचरण के आरोप में पार्टी से बाहर किए गए विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और पूर्व कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा की विधानसभा सदस्यता समाप्त कराने के लिए आम आदमी पार्टी अब औपचारिक कानूनी कदम उठाने जा रही है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिया है कि दोनों नेताओं की विधानसभा सदस्यता रद्द कराने के लिए पंजाब विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष औपचारिक याचिका दायर की जाएगी।

पटियाला जिले की महत्वपूर्ण सीटों का प्रतिनिधित्व करने वाले इन दोनों विधायकों ने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था। इसके समानांतर संगठन ने भी सख्त रुख अपनाते हुए घोषणा की कि इन दोनों जनप्रतिनिधियों को दल विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के चलते बाहर का रास्ता दिखाया गया है। इस दोहरे घटनाक्रम ने मान सरकार और बागी विधायकों के बीच के सियासी टकराव को अब सीधे विधानसभा सचिवालय के पाले में ला खड़ा किया है।

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सनौर और समाना में अंदरूनी नाराजगी से उपजा विवाद

सनौर विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में निर्वाचित हुए हरमीत सिंह पठानमाजरा का अपनी ही पार्टी और सरकार के साथ तनाव काफी समय से गहरा रहा था। राज्य प्रशासन की ओर से उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई थी, जिसके बाद से ही उनके तेवर बगावती हो चले थे। सरकार की कार्रवाई से खफा होकर उन्होंने संगठन के प्रति कड़ा रुख अपना लिया था और अंततः आम आदमी पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी।

दूसरी ओर, समाना विधानसभा सीट से 2022 के आम चुनाव में भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज करने वाले चेतन सिंह जौड़ामाजरा का असंतोष टिकट वितरण से जुड़ा बताया गया है। जौड़ामाजरा पूर्व में भगवंत मान के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री का दायित्व भी संभाल चुके हैं। हाल ही में घोषित आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों की पहली सूची में अपना नाम शामिल न देख उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर त्यागपत्र साझा कर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से नाता तोड़ लिया था।

अमन अरोड़ा के तीखे बोल और विपक्षी दल पर प्रहार

संगठन के भीतर हुई इस बड़ी उथल-पुथल के बीच पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि दल ने सदैव पंजाब के व्यापक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके अनुसार, अगर किसी जनप्रतिनिधि ने भ्रष्टाचार का रास्ता चुना या जनहित के विरुद्ध कदम उठाए, तो नेतृत्व ने बिना किसी संकोच के तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया।

इसके साथ ही अमन अरोड़ा ने भारतीय जनता पार्टी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिद्वंद्वी दल के पास राज्य में अपना कोई मजबूत राजनीतिक आधार शेष नहीं है, इसलिए वह निष्कासित नेताओं को अपने खेमे में समेटने का प्रयास कर रहा है। अरोड़ा ने कड़े शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति पंजाब पुलिस बल पर गोलीबारी करके भागा हो और जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने दुष्कर्म जैसे संगीन अपराध के आरोप में जेल की सलाखों के पीछे भेजा हो, वह राज्य के विकास में क्या योगदान दे सकता है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे तत्वों को शरण देने की कोशिश यह साबित करती है कि विपक्षी दल पूरी तरह से खोखला हो चुका है।

विधानसभा सदस्यता पर मंडराता संकट

विधायकों के इस्तीफे और संगठन से निष्कासन के बाद अब केंद्र बिंदु विधानसभा अध्यक्ष का निर्णय बन गया है। आम आदमी पार्टी की ओर से याचिका दायर होते ही दल-बदल और सदन के नियमों के तहत दोनों सीटों पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि स्पीकर कार्यालय दोनों विधायकों की सदस्यता समाप्त करने की मांग को स्वीकार कर लेता है, तो पटियाला जिले के सनौर और समाना दोनों हलकों में नए राजनीतिक समीकरणों का उदय होना तय है।

सवाल-जवाब

आम आदमी पार्टी किन दो विधायकों की सदस्यता रद्द कराने जा रही है?
पार्टी सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना के विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा की विधानसभा सदस्यता रद्द कराने विधानसभा अध्यक्ष के पास जाएगी।
विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी से इस्तीफा क्यों दिया था?
अपनी ही सरकार द्वारा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने के बाद पठानमाजरा ने पार्टी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए त्यागपत्र दिया था।
चेतन सिंह जौड़ामाजरा के इस्तीफे का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
आम आदमी पार्टी की उम्मीदवारों की हालिया पहली सूची में नाम न होने के कारण उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की घोषणा की थी।
पंजाब आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने क्या बयान दिया?
अमन अरोड़ा ने कहा कि भ्रष्टाचार या पंजाब के हितों के खिलाफ काम करने वालों को पार्टी में नहीं रखा जाएगा, साथ ही उन्होंने भाजपा द्वारा ऐसे नेताओं को शामिल करने पर सवाल उठाए।
चेतन सिंह जौड़ामाजरा मान सरकार में किस पद पर रह चुके हैं?
चेतन सिंह जौड़ामाजरा 2022 में समाना से बड़े अंतर से चुनाव जीतने के बाद भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद पर रहे हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Priya Sharma@priya-sharma·3 दिन पहले

जौड़ामाजरा का टिकट कटते ही सोशल मीडिया पर इस्तीफा देना थोड़ा बचकाना लगा। राजनीति में धैर्य की भी कोई जगह बची है या नहीं?

Arjun Mehta@arjun-mehta·3 दिन पहले

बागी विधायकों पर इतनी सख्ती के बाद क्या पंजाब में पार्टी के भीतर और बगावत बढ़ सकती है?

Ravikash Gupta@ravikash·3 दिन पहले

@Arjun Mehta, बिल्कुल सही बात कही। जैसे शेयर बाज़ार में अनिश्चितता देखकर निवेशक तुरंत शेयर बेच देते हैं, वैसा ही हाल यहाँ राजनीति में भी लग रहा है।

Rohan Verma@rohan-verma·3 दिन पहले

बागी विधायकों पर पार्टी का यह कड़ा एक्शन सही है, अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होनी चाहिए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 दिन पहले

रोहन जी, दलबदल कानून और विधानसभा की सदस्यता रद्द करने के प्रावधानों के तहत स्पीकर का अगला कदम ही तय करेगा कि इन बागी विधायकों की मुश्किलें कितनी बढ़ेंगी।

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