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पंजाब में पुजारियों की भाषा दक्षता पर चरणजीत सिंह चन्नी की टिप्पणी से नया सियासी विवाद छिड़ापंजाब
3 नव॰ 2026, 1:48 pm (5 मिनट पहले)· 0

पंजाब में पुजारियों की भाषा दक्षता पर चरणजीत सिंह चन्नी की टिप्पणी से नया सियासी विवाद छिड़ा

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने दावा किया कि पंजाब के पंडितों की संस्कृत पर पकड़ कमजोर है, जिसके चलते बाहरी राज्यों से पुजारी बुलाने पड़ते हैं।

पंजाब में साल 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। राज्य के विभिन्न इलाकों में जनसंपर्क और चुनावी सभाओं का दौर शुरू हो चुका है। इसी चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की एक सार्वजनिक टिप्पणी ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। बठिंडा जिले के रामपुराफूल में आयोजित एक धार्मिक समागम के दौरान उन्होंने स्थानीय पुजारियों की भाषाई दक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब के ज्यादातर पंडितों की संस्कृत भाषा पर मजबूत पकड़ नहीं है।

संस्कृत विश्वविद्यालय और रामायण अध्ययन केंद्र का वादा

चरणजीत सिंह चन्नी सोमवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ के नए कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर आयोजित श्री रामायण पाठ के भोग में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि पंजाब में कांग्रेस पार्टी की वापसी होने पर एक विशेष विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इस प्रस्तावित शिक्षण संस्थान में श्री रामायण और श्रीमद्भागवत गीता के विशेष अध्ययन केंद्र संचालित होंगे।

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अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत पर पर्याप्त पकड़ न होने के कारण पंजाब के कई प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए दूसरे राज्यों से पंडितों और पुजारियों को आमंत्रित करना पड़ता है। उन्होंने तर्क दिया कि राज्य में उच्चस्तरीय संस्कृत विश्वविद्यालय खुलने से स्थानीय युवाओं को गहन प्रशिक्षण मिलेगा और बाहरी राज्यों के पुजारियों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। चन्नी ने यह भी याद दिलाया कि उनकी अगुआई वाली पिछली कांग्रेस सरकार ने इस विश्वविद्यालय के निर्माण का विधिवत प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद आम आदमी पार्टी की मौजूदा सरकार ने इस योजना को आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस के सत्ता में लौटते ही इस परियोजना का निर्माण कार्य प्राथमिकता से शुरू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी चरणजीत सिंह चन्नी पर महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लग चुके हैं, जिस पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया था।

कानून व्यवस्था और मौजूदा सरकार पर तीखा प्रहार

कार्यक्रम के मंच से पूर्व मुख्यमंत्री ने पंजाब की वर्तमान प्रशासनिक और सामाजिक स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समय पूरे राज्य में नशा, गैंगस्टरवाद और खुली गुंडागर्दी का माहौल बन चुका है। सत्ताधारी दल के चुनावी वादों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि बदलाव के नाम पर जनता को धोखे में रखा गया है।

आम आदमी पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि बदलाव का नतीजा ऐसा खौफनाक होगा। उन्होंने स्थिति का विवरण देते हुए कहा,

"हर किसी को बाहर निकलने से भी डर लगने लगेगा, हर रोज कत्ल होंगे, गैंगस्टर पैसे मांगेंगे, फिरौती मांगी जाएगी और जो फिरौती नहीं देगा उसके घर या दुकान पर गोली मारकर चले जाएंगे।"
उन्होंने दावा किया कि व्यापारियों से रंगदारी वसूलना और न देने पर उनके प्रतिष्ठानों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाना अब पंजाब की रोजमर्रा की हकीकत बन चुका है।

सवाल-जवाब

चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब के पुजारियों को लेकर क्या टिप्पणी की?
उन्होंने कहा कि पंजाब के ज्यादातर पंडितों की संस्कृत पर पकड़ मजबूत नहीं है, जिस कारण मंदिरों में दूसरे राज्यों से पुजारी बुलाने पड़ते हैं।
चन्नी ने किस प्रकार के विश्वविद्यालय की स्थापना का वादा किया है?
उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस सरकार बनने पर एक ऐसा संस्कृत विश्वविद्यालय बनेगा जिसमें श्री रामायण और श्रीमद्भागवत गीता के अध्ययन केंद्र होंगे।
यह बयान किस अवसर और स्थान पर दिया गया?
यह बयान बठिंडा के रामपुराफूल में पूर्व कैबिनेट मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ के दफ्तर के उद्घाटन पर आयोजित श्री रामायण पाठ के दौरान दिया गया।
विश्वविद्यालय के प्रस्ताव को लेकर चन्नी ने वर्तमान सरकार पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने कहा कि उनकी पिछली सरकार ने प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ने इसे आगे बढ़ाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
चन्नी ने पंजाब की मौजूदा कानून व्यवस्था के बारे में क्या कहा?
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशा, गैंगस्टरवाद और गुंडागर्दी बढ़ गई है तथा फिरौती न देने पर घरों और दुकानों पर गोलियां चलाई जा रही हैं।
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव कब होने की संभावना है?
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव साल 2027 की शुरुआत में आयोजित होने की संभावना है।
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