हिमाचल के सम्मू गांव में दिवाली पर क्यों पसरा रहता है सन्नाटा, जानिए सात पीढ़ियों से चली आ रही अनूठी परंपराबल्लभगढ़ बस स्टैंड पर बढ़ी बसों की संख्या, आगरा और अलीगढ़ जाने वालों के लिए राहतधनतेरस 2026 पर सस्ता हुआ सोना, 100 ग्राम 24 कैरेट के भाव में 25,600 रुपये की बड़ी गिरावटपंजाब में पराली जलाने के मामलों में भारी उछाल, एक दिन में 440 नई घटनाएं दर्जराजस्थान में रोजगार, बिजली और जल संकट पर सीएम भजनलाल शर्मा ने पेश किया सरकार का रिपोर्ट कार्डफरीदाबाद में 2.9 तीव्रता के भूकंप से हिली ज़मीन, तेज धमाके जैसी आवाज़ सुनकर घरों से बाहर निकले लोगबहराइच में बढ़ा इको-फ्रेंडली मिट्टी के बर्तनों और मूर्तियों का क्रेज, प्रेशर कुकर से लेकर टी-सेट तक उपलब्धसिंधु जल समझौते के निलंबन से उपजे तनाव के बीच पाकिस्तान की भारत को नई चेतावनीसरगुजा के कर्महा गांव में जल जीवन मिशन की टंकी शोपीस, गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीणसरयू किनारे 33 लाख दीयों से जगमग होगी राम नगरी, सुरक्षा का सख्त पहरा और 2100 ड्रोन का भव्य शो
तकनीकी दबाव में फिसला यूरो, अमेरिकी डॉलर के सामने 1.1200 का अहम स्तर टूटाबाज़ार
6 नव॰ 2026, 12:18 pm (2 मिनट पहले)· 0

तकनीकी दबाव में फिसला यूरो, अमेरिकी डॉलर के सामने 1.1200 का अहम स्तर टूटा

वैश्विक मुद्रा बाजार में यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर 1.1200 के स्तर से नीचे आ गई है। रोजगार आंकड़ों और तकनीकी प्रतिरोध स्तरों के बीच निवेशक केंद्रीय बैंकों के आगामी कदमों पर नजर बनाए हुए हैं।

EUR/USD━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण6 नवंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

EUR/USD अभी 1.12 पर है, जबकि EMA20 1.12, EMA50 1.13 और EMA200 1.15 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 (1.12) के पास थम सकती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

EUR/USD का RSI 43 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

बोलिंजर बैंड्स20-period, 2 std-dev

यह क्या है

Bollinger Bands कीमत को उसके 20-दिनी औसत के दो स्टैंडर्ड डेविएशन के दायरे में घेरती हैं। ऊपरी बैंड अति-खिंचाव दिखाता है, निचला बिकवाली से थकान; बीच का बैंड रुझान का केंद्र है।

अभी यह कहाँ है

EUR/USD का बैंड दायरा 1.11–1.13 है।

आगे संभावित चाल

मध्य-बैंड (1.12) को फिर से पार करने पर गति ऊपर झुकती है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में साझा यूरोपीय मुद्रा यूरो पर दबाव लगातार गहराता नजर आ रहा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो की विनिमय दर शुक्रवार के शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र में फिसलकर 1.1195 के आसपास पहुंच गई। तकनीकी मोर्चे पर 100 दिवसीय साधारण मूविंग एवरेज से नीचे बने रहने के कारण इस मुद्रा जोड़ी में गिरावट का रुख बना हुआ है। इसके साथ ही रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स भी नकारात्मक गति का संकेत दे रहा है। बाजार प्रतिभागी अब अमेरिकी श्रम बाजार की स्थिति और फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पथ को लेकर आने वाले संकेतों पर अपनी नजरें टिकाए हुए हैं।

तकनीकी संकेतकों में दिख रही कमजोरी

दैनिक चार्ट पर यूरो बनाम अमेरिकी डॉलर का विन्यास निकट अवधि में मंदी का रुख दर्शा रहा है। मौजूदा हाजिर भाव 100 दिवसीय साधारण मूविंग एवरेज के नीचे सीमित बना हुआ है, जो पिछले कई सत्रों से एक मजबूत तकनीकी बाधा का काम कर रहा है। वर्तमान में मूल्य 20 दिवसीय बोलिंगर बैंड के मध्य भाग के ठीक ऊपर मंडरा रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि मौजूदा दायरे में खरीदारी की कुछ सुगबुगाहट तो है, लेकिन उसमें आक्रामकता की भारी कमी है।

ये भी पढ़ें

मोमेंटम ऑसिलेटर के तौर पर पहचाना जाने वाला 14 दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स इस समय 44 के स्तर पर टिका हुआ है। यह पैमाना तटस्थ 50 के स्तर से नीचे बना हुआ है, जिसका सीधा मतलब यह है कि बाजार में किसी भी तरह के सुधार की रफ्तार बेहद सुस्त है और समग्र दबाव नीचे की ओर ही बना हुआ है। लाइव कारोबारी आंकड़ों के अनुसार विनिमय दर 1.12 के करीब स्थिर है, जो पिछले बंद भाव 1.12 के मुकाबले 0.37 प्रतिशत की दैनिक गिरावट दर्शाती है। 52 हफ्तों के दायरे में यह विनिमय दर 1.11 से 1.20 के बीच रही है। तकनीकी संकेतकों में 14 दिवसीय एडीएक्स 34 पर दर्ज किया गया है, जो एक मजबूत ट्रेंडिंग बाजार की पुष्टि करता है। वहीं मूविंग एवरेज के संदर्भ में 50 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 1.13 पर है, जो 200 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 1.15 से नीचे बना हुआ है। यह स्थिति तकनीकी भाषा में डेथ क्रॉस संरचना का निर्माण करती है, जिसे आमतौर पर लंबी अवधि की मंदी का संकेत माना जाता है।

ऊपरी और निचले स्तरों के तकनीकी लक्ष्य

मुद्रा कारोबारियों के लिए आने वाले सत्रों में कई अहम स्तर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऊपर की दिशा में तत्काल प्रतिरोध स्तर 1.1255 पर स्थित बोलिंगर बैंड की ऊपरी सीमा के आसपास बना हुआ है। यदि खरीदार इस स्तर को पार करने में सफल होते हैं, तो अगला अवरोध 28 जुलाई के निचले स्तर 1.1353 पर देखने को मिलेगा। इसके बाद सबसे अहम बाधा 100 दिवसीय साधारण मूविंग एवरेज के करीब 1.1415 पर स्थित है। यदि इस महत्वपूर्ण तकनीकी अवरोध के ऊपर लगातार लिवाली जारी रहती है, तो यह तेजी 7 अगस्त के उच्च स्तर 1.1581 तक खिंच सकती है।

इसके विपरीत नीचे की दिशा में पहला तात्कालिक समर्थन स्तर बोलिंगर बैंड की निचली सीमा 1.1132 पर स्थित है। यदि बाजार इस सुरक्षा रेखा को तोड़कर नीचे गिरता है, तो 1.1100 का मनोवैज्ञानिक स्तर परीक्षण के दायरे में आ जाएगा। इस मनोवैज्ञानिक स्तर के टूटने पर गिरावट का रास्ता साफ हो जाएगा और कीमत 12 मई 2025 के निचले स्तर 1.0951 की ओर बढ़ सकती है। 14 दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज 0.01 पर है, जो दैनिक अस्थिरता का पैमाना पेश करता है और जोखिम प्रबंधन के लिए स्टॉप लॉस सीमा तय करने में मदद करता है।

अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट पर टिकी निवेशकों की निगाहें

मुद्रा बाजार के हालिया उतार चढ़ाव के बीच शुक्रवार का दिन वैश्विक निवेशकों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इसका प्रमुख कारण संयुक्त राज्य अमेरिका के रोजगार आंकड़े हैं। अमेरिकी नॉन फार्म पेरोल डेटा से यह अंदाजा लगाया जाएगा कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में नीतिगत ब्याज दरों में कटौती किस गति से करेगा। सितंबर महीने के लिए जारी होने वाले नॉन फार्म पेरोल में 65,000 नई नौकरियों के जुड़ने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

इसी अवधि के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका में बेरोजगारी दर के 4.2 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया है। यदि रोजगार के आंकड़े उम्मीद से अधिक मजबूत आते हैं, तो अमेरिकी डॉलर को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है क्योंकि इससे केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत दरों में आक्रामक कटौती की संभावनाएं कम हो जाएंगी। इसके विपरीत किसी भी तरह की कमजोरी डॉलर पर दबाव बढ़ा सकती है, जिससे यूरो को निचले स्तरों से संभलने का एक मौका मिल सकता है।

यूरोपियन सेंट्रल बैंक का सतर्क रुख

यूरोपीय मोर्चे पर यूरोपियन सेंट्रल बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड के हालिया वक्तव्य ने मौद्रिक नीति को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। उनके भाषण का मूल्यांकन 10 में से 6.2 अंक पर आंका गया है, जो 5.6 के ऐतिहासिक औसत से मामूली रूप से अधिक है। यह स्कोर दर्शाता है कि उनका रुख थोड़ा सख्त या हॉकिश रहा है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि मुद्रास्फीति को नियंत्रण से बाहर होने से रोकने के लिए नीतिगत उपकरणों का उपयोग जारी रखना अभी भी बेहद आवश्यक है।

क्रिस्टीन लेगार्ड ने यह भी रेखांकित किया कि आपूर्ति और मांग से उत्पन्न होने वाले आर्थिक झटकों के बीच अंतर करना एक जटिल कार्य बना हुआ है। उनके इस वक्तव्य से यह स्पष्ट होता है कि फ्रैंकफर्ट स्थित यूरोपियन सेंट्रल बैंक मौद्रिक ढील देने या दरों में कटौती करने के मामले में काफी सतर्क बना हुआ है। केंद्रीय बैंक की यह सतर्कता व्यापक स्तर पर यूरो को सीमांत सहारा प्रदान कर रही है, जिससे गिरावट की गति कुछ हद तक नियंत्रित नजर आ रही है।

वैश्विक वित्तीय तंत्र में यूरो की स्थिति

यूरो 20 यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की आधिकारिक मुद्रा है, जो सामूहिक रूप से यूरोज़ोन का हिस्सा हैं। वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के बाद यूरो दुनिया की दूसरी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, सभी विदेशी मुद्रा लेनदेनों में यूरो की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत रही थी, जिसमें दैनिक औसत कारोबार 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक दर्ज किया गया था।

मुद्रा जोड़ियों के लिहाज से यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी दुनिया में सबसे अधिक सक्रिय मानी जाती है। कुल वैश्विक विदेशी मुद्रा लेनदेनों में अकेले इस जोड़ी की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत आंकी गई है। इसके बाद अन्य जोड़ियों का नंबर आता है, जिनमें यूरो बनाम जापानी येन 4 प्रतिशत, यूरो बनाम ब्रिटिश पाउंड 3 प्रतिशत और यूरो बनाम ऑस्ट्रेलियाई डॉलर लगभग 2 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं।

नीतिगत ढांचा और आर्थिक निर्धारकों की भूमिका

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में स्थित यूरोपियन सेंट्रल बैंक पूरे यूरोज़ोन के लिए केंद्रीय बैंक के तौर पर कार्य करता है। यह बैंक ब्याज दरें तय करने के साथ साथ समूची मौद्रिक नीति का प्रबंधन करता है। इसका प्राथमिक अधिदेश मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका सीधा अर्थ मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना या आर्थिक विकास को गति देना होता है। अपने इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए बैंक का मुख्य साधन नीतिगत ब्याज दरों को घटाना या बढ़ाना है। अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अपेक्षाकृत ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर यूरो के मूल्य को बढ़ाती हैं क्योंकि यह वैश्विक निवेशकों को यूरोज़ोन में पूंजी लगाने के लिए आकर्षित करती हैं।

यूरोपियन सेंट्रल बैंक की गवर्निंग काउंसिल साल में आठ बार मौद्रिक नीति समीक्षा बैठकें आयोजित करती है। इन बैठकों में निर्णय यूरोज़ोन के राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों और छह स्थायी सदस्यों द्वारा मिलकर लिए जाते हैं, जिनमें बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त यूरोज़ोन में मुद्रास्फीति का मापन कंज्यूमर प्राइसेज के हार्मोनाइज्ड इंडेक्स के जरिए किया जाता है। यदि मुद्रास्फीति बैंक के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर निकलती है, तो बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए बाध्य होना पड़ता है।

सकल घरेलू उत्पाद, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई, रोजगार के आंकड़े तथा उपभोक्ता भावना सर्वेक्षण जैसे संकेतक भी यूरो की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक मजबूत अर्थव्यवस्था यूरो के लिए अनुकूल मानी जाती है। विशेष रूप से यूरोज़ोन की चार सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं यानी जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन के आंकड़े सर्वाधिक महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि ये चारों देश मिलकर समूचे यूरोज़ोन की अर्थव्यवस्था का 75 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। इसके साथ ही व्यापार संतुलन भी एक निर्णायक कारक है। यदि कोई देश ऐसी वस्तुओं का निर्यात करता है जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है, तो विदेशी खरीदारों की मांग के कारण उसकी घरेलू मुद्रा स्वाभाविक रूप से मजबूत होती है।

अन्य वैश्विक मुद्राओं और परिसंपत्तियों की हलचल

विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य हिस्सों में भी व्यापक हलचल देखने को मिल रही है। शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर तीन सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गई। रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के नरम रुख और इक्विटी बाजारों में बिकवाली ने जोखिम के प्रति संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर भारी दबाव डाला। हालांकि अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल के दो महीने के निचले स्तर पर फिसलने से डॉलर की बढ़त पर कुछ अंकुश लगा रहा।

दूसरी ओर अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन की जोड़ी ने एशियाई सत्र में बने अपने साप्ताहिक निचले स्तर से वापसी की। बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख और बाजार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को सहारा दिया, जिससे डॉलर की बढ़त सीमित रही। इसके साथ ही ईरान से जुड़े युद्ध के तनाव में संभावित कमी की उम्मीदों ने भी डॉलर के रुख को प्रभावित किया।

कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में भी उतार चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के परिणामों के बाद 4,147 डॉलर के पार पहुंची सोने की कीमत शुक्रवार को सुधरकर 4,047 डॉलर के करीब आ गई। इससे पूर्व 3,870.25 डॉलर के निचले स्तर से शुरू हुई सोने की मजबूत रिकवरी अमेरिकी डॉलर की वापसी के चलते थम गई। मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के व्यापक प्रदर्शन के बाद कमजोर पड़े डॉलर के कारण सोना 4,000 डॉलर के स्तर को पार कर गया था। हालांकि पूरे वर्ष सोने की हर तेजी को भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा है, इसलिए निवेशक अक्टूबर नॉन फार्म पेरोल रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं ताकि यह तय हो सके कि यह तेजी स्थायी है या केवल एक अस्थायी उछाल भर है।

सवाल-जवाब

यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर में हालिया गिरावट का क्या स्तर है?
यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर 1.1200 के स्तर से नीचे फिसलकर लगभग 1.1195 पर आ गई है, जिसमें दैनिक आधार पर 0.37 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई है।
इस मुद्रा जोड़ी के लिए अगला महत्वपूर्ण समर्थन और प्रतिरोध स्तर क्या है?
तात्कालिक समर्थन स्तर 1.1132 पर है, जिसके टूटने पर 1.1100 का स्तर आ सकता है। वहीं ऊपरी दिशा में पहला प्रतिरोध 1.1255 और मुख्य बाधा 1.1415 पर स्थित है।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों को लेकर बाजार का क्या अनुमान है?
सितंबर महीने के अमेरिकी नॉन फार्म पेरोल में 65,000 नई नौकरियां जुड़ने का अनुमान है, जबकि बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत पर स्थिर रहने की संभावना है।
यूरोपियन सेंट्रल बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड ने क्या संकेत दिए हैं?
क्रिस्टीन लेगार्ड ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने के लिए मौद्रिक नीति उपकरणों के निरंतर उपयोग पर जोर दिया है, जो दर्शाता है कि बैंक दरों में कटौती को लेकर सतर्क है।
वैश्विक मुद्रा बाजार में यूरो का कितना हिस्सा है?
यूरो दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मुद्रा है, जो 2022 में सभी विदेशी मुद्रा लेनदेनों के 31 प्रतिशत और 2.2 ट्रिलियन डॉलर के दैनिक औसत कारोबार में शामिल रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp