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सीमा सड़क संगठन में फर्जी मजदूरों के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी, सीबीआई ने तीन आरोपियों को दबोचाबिहार
7 जुल॰ 2026, 8:18 pm (35 दिन पहले)· 2

सीमा सड़क संगठन में फर्जी मजदूरों के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी, सीबीआई ने तीन आरोपियों को दबोचा

सीबीआई ने सीमा सड़क संगठन (BRO) के फंड में करोड़ों रुपये के कथित गबन के मामले में लद्दाख के एक असिस्टेंट इंजीनियर और कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंटों को गिरफ्तार किया है, फर्जी मजदूरों के नाम पर पैसा निकाला गया था.

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सीमा सड़क संगठन के फंड में हुई एक बड़ी वित्तीय गड़बड़ी का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पूरा मामला फर्जी मजदूरों के नाम पर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये निकालने से जुड़ा है और इसकी शुरुआत रक्षा मंत्रालय की एक शिकायत से हुई थी. गिरफ्तार किए गए लोगों में सीमा सड़क संगठन लद्दाख का एक असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) और कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंट शामिल हैं. सुरक्षा और सीमा क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी संभालने वाले इस अहम संगठन के भीतर इतने बड़े पैमाने पर चल रहा यह नेक्सस अब खुलकर सामने आ गया है.

कैसे रचा गया फर्जी मजदूरों का जाल

जांच में पता चला है कि गिरफ्तार असिस्टेंट इंजीनियर लद्दाख में 81 आरसीसी के तहत खालत्से बटालिक सेक्टर का प्रभारी अधिकारी था, यानी उस इलाके के निर्माण कार्यों और मजदूरों से जुड़े भुगतान की मंजूरी सीधे उसी के हाथ में थी. सीबीआई के मुताबिक इसी अधिकारी ने कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंटों के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश रची. तीनों ने जमीन पर काम न करने वाले मजदूरों यानी घोस्ट लेबर्स के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए, इन काल्पनिक मजदूरों के वेतन और भत्तों के नाम पर सीमा सड़क संगठन के सरकारी फंड से लगातार पैसा निकाला जाता रहा. इसके बाद सबसे अहम कड़ी सामने आई, लेबर एजेंटों ने यह गबन की हुई मोटी रकम वापस सीधे उसी असिस्टेंट इंजीनियर के निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी, यानी कागज पर मजदूरों की मौजूदगी दिखाकर असली पैसा अफसर की जेब में पहुंच रहा था.

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26 ठिकानों पर छापे, अब तक चार एफआईआर दर्ज

यह घोटाला कितना फैला हुआ है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सीबीआई इस मामले में पहले से ही सीमा सड़क संगठन की अलग अलग परियोजनाओं में फंड के दुरुपयोग को लेकर चार एफआईआर दर्ज कर चुकी है. इस जांच के तहत जांच एजेंसी देश भर के 26 संवेदनशील ठिकानों पर पहले ही ताबड़तोड़ तलाशी ले चुकी है. इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में भी एक और बड़ी छापेमारी की गई, जहां से जांच से जुड़े कई अहम दस्तावेज और सबूत बरामद हुए हैं. लगातार बढ़ती एफआईआर की संख्या और ताजा छापेमारी से साफ है कि सीबीआई इस पूरे नेक्सस की परत दर परत जांच कर रही है.

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा

सीबीआई ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों को सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद लद्दाख की सक्षम अदालत में पेश किया जा रहा है. आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी जैसी गंभीर धाराओं में भी मामला दर्ज किया गया है, जो दिखाता है कि जांच एजेंसी इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रही है.

जांच अभी जारी, और गिरफ्तारियां संभव

सीबीआई के आला अधिकारियों का कहना है कि रक्षा मंत्रालय की सतर्कता और शिकायत के बाद इस पूरी जांच को बेहद गोपनीय और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाया गया है. जांच एजेंसी ने साफ कर दिया है कि यह तफ्तीश अभी थमी नहीं है, पूरे प्रकरण की व्यापक और तेज जांच लगातार जारी है. आने वाले दिनों में इस गबन कांड से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों पर कानून का शिकंजा कस सकता है, और मामले में पांचवीं एफआईआर दर्ज होने की भी अटकलें तेज हैं.

सवाल-जवाब

सीबीआई ने इस मामले में किसे गिरफ्तार किया है?
सीबीआई ने सीमा सड़क संगठन लद्दाख के एक असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) और कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंटों को गिरफ्तार किया है.
यह घोटाला कैसे किया गया?
आरोपियों ने फर्जी यानी घोस्ट मजदूरों के नाम पर दस्तावेज तैयार किए और उनके वेतन व भत्तों के नाम पर बीआरओ के सरकारी फंड से पैसा निकाला, जो बाद में असिस्टेंट इंजीनियर के निजी खाते में पहुंचा.
यह मामला किसकी शिकायत पर दर्ज हुआ?
यह मामला रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज किया गया था.
गिरफ्तार असिस्टेंट इंजीनियर किस सेक्टर का प्रभारी था?
वह लद्दाख में 81 आरसीसी के तहत खालत्से बटालिक सेक्टर का प्रभारी अधिकारी था.
इस मामले में अब तक कितनी एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं?
सीबीआई बीआरओ की अलग अलग परियोजनाओं में फंड के दुरुपयोग को लेकर पहले ही चार एफआईआर दर्ज कर चुकी है, और पांचवीं एफआईआर की भी अटकलें हैं.
सीबीआई ने कितने ठिकानों पर छापेमारी की थी?
सीबीआई ने देश भर के 26 संवेदनशील ठिकानों पर तलाशी ली थी, और मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में एक और बड़ी छापेमारी की गई.
आरोपियों पर कौन सी कानूनी धाराएं लगाई गई हैं?
आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार व रिश्वतखोरी, और भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात व जालसाजी के आरोप लगाए गए हैं.
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं?
सीबीआई के मुताबिक जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों पर कार्रवाई हो सकती है.
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