छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था लागू करने वाली पुलिस टीम को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर एक व्यापारी से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। बालोद क्षेत्र के एक कारोबारी को जादुई तरीके से 45 करोड़ रुपये तैयार करने का झांसा दिया गया था, जिसके बदले उनसे किश्तों में कुल 1.13 करोड़ रुपये ऐंठ लिए गए। इस पूरे फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
अमेरिकी केमिकल और विशेष कागज का बिछाया गया जाल
ठगी का शिकार बने कारोबारी को झांसे में लेने के लिए गिरोह के सदस्यों ने एक अनोखा और शातिराना तरीका अपनाया था। आरोपियों ने पीड़ित को विश्वास दिलाया कि उनके पास एक खास तरह का अमेरिकी केमिकल मौजूद है। इस रसायन का इस्तेमाल करके साधारण दिखने वाले विशेष कागजों को 45 करोड़ रुपये के असली भारतीय नोटों में बदला जा सकता है। भारी वित्तीय लाभ के चक्कर में आकर कारोबारी आरोपियों की बातों में आ गया। इसके बाद गिरोह के मास्टरमाइंड्स ने उन्हें अपनी योजनाओं के तहत अलग-अलग शहरों में बुलाया। कारोबारी को पैसे सौंपने के लिए चेन्नई, मुंबई और नागपुर जैसे बड़े शहरों में बारी-बारी से बुलाया जाता रहा, जहां किश्तों के रूप में कुल 1.13 करोड़ रुपये वसूल कर लिए गए।
गिरोह में शामिल दो महिलाओं की भूमिका और कार्यप्रणाली
मामले की गहराई से छानबीन करते समय पुलिस टीम ने दो महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया। पकड़ी गई महिलाओं की पहचान 25 वर्षीय शोभावती और 24 वर्षीय दामिनी पामोवेल के रूप में की गई है। पुलिस की जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि ये दोनों महिलाएं लोगों को अपनी बातों में फंसाने और उनका भरोसा जीतने में बेहद निपुण हैं। इनमें से एक महिला पेशेवर फैशन डिजाइनर के रूप में काम करती है, जबकि दूसरी महिला ब्यूटिशियन है। जब भी इस गिरोह को किसी नए व्यक्ति को अपना शिकार बनाना होता था, तो सबसे पहले इन दोनों महिलाओं को आगे किया जाता था। दोनों महिलाएं अपनी संवाद शैली और प्रभाव से शिकार का विश्वास जीत लेती थीं। पूछताछ में पता चला है कि ये दोनों काफी समय से इस आपराधिक सिंडिकेट से जुड़ी हुई थीं और अवैध रकम के लेन-देन में भी इनकी सक्रिय भूमिका थी।
20 करोड़ रुपये की ठगी का बड़ा नेटवर्क और पुलिस की आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार की गई दोनों महिलाओं और उनके साथी से पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। यह बात सामने आई है कि जिस गिरोह के लिए ये काम कर रहे थे, उसने अब तक विभिन्न लोगों से लगभग 20 करोड़ रुपये की ठगी की है। फिलहाल रायपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसियां अब इस पहलू की भी बारीकी से पड़ताल कर रही हैं कि इस अंतर्राज्यीय गिरोह के तार किन-किन अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं और इन्होंने पूर्व में किन-किन स्थानों पर ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है। मामले में फरार चल रहे गिरोह के अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।



















