आवारापन 2 रिव्यू (2026): 19 साल पुरानी डिजास्टर फिल्म का सीक्वल, इमरान हाशमी की वापसी और मेकर्स का बड़ा दांवलाइव: झारखंड में छात्रों के आंदोलन को बीजेपी के बंद का समर्थन, कई इलाकों में जनजीवन हुआ प्रभावितहरियाली अमावस्या पर कर्क राशि में गुरु का उदय: किन राशियों की चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सतर्कलाइव: ट्रंप ने शांति वार्ता की शर्त के रूप में ईरान से युद्ध क्षतिपूर्ति की मांग कीधनु राशिफल 11 अगस्त: सूर्य, बुध और गुरु की स्थिति से दिखेगा सच, अटके धन की होगी वापसीकन्या राशिफल 11 अगस्त 2026: एकादश भाव में चंद्रमा से आय और करियर में तरक्की, रिश्तों में घुलेगी मिठासयोगी आदित्यनाथ ने राज्य मंत्री दिनेश खटिक को जन्मदिन की बधाई दी, उत्तम स्वास्थ्य की कामना कीसिंह राशिफल 11 अगस्त: ऑनलाइन शॉपिंग से बढ़ेगा खर्च, रिश्तों और करियर में रखें संयमदिल्ली-एनसीआर में मौसम का तांडव, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जारी किया रेड अलर्टतुला राशिफल 11 अगस्त: कार्यस्थल पर मिलेगी अधिकारियों से सराहना, जानिए लव, करियर और सेहत का हाल
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट्स के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों की सिफारिश की, मध्य प्रदेश पर सस्पेंसभारत
8 अग॰ 2026, 9:21 pm (3 दिन पहले)· 7

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट्स के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों की सिफारिश की, मध्य प्रदेश पर सस्पेंस

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के कई उच्च न्यायालयों के लिए मुख्य न्यायाधीशों के नामों का प्रस्ताव दिया है, हालांकि मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को लेकर फैसला फिलहाल रोक दिया गया है।

उच्च न्यायपालिका में प्रशासनिक बदलावों के तहत सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के कई उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए अपनी सिफारिशएं भेजी हैं। इस नए कदम से दिल्ली, बॉम्बे, पटना, इलाहाबाद, राजस्थान, कलकत्ता और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट जैसे महत्वपूर्ण उच्च न्यायालयों में स्थायी नेतृत्व तय करने की दिशा में प्रगति हुई है। कॉलेजियम के इन प्रस्तावों का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालयों में लंबे समय से चल रही शीर्ष पदों की रिक्तियों को भरना और कार्यवाहक जजों को पूर्णकालिक जिम्मेदारी सौंपना है।

पांच राज्यों के उच्च न्यायालयों में नई नियुक्तियां

कॉलेजियम की सिफारिशों के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट के जज वी कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट में कार्यरत जज महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की जिम्मेदारी देने की सिफारिश की गई है।

ये भी पढ़ें

इसके अलावा, कई उच्च न्यायालयों में पहले से कार्यवाहक के रूप में सेवाएं दे रहे जजों को पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश बनाने की तैयारी है। इस क्रम में जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्र को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसी तरह जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश पद पर नियुक्त करने की बात कही गई है। बॉम्बे हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर कार्यरत रविंद्र विठ्ठलराव घुगे को कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश पद के लिए अनुशंसित किया गया है।

मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट पर फिलहाल रोक

यद्यपि कई बड़े राज्यों के लिए मुख्य न्यायाधीशों के नामों पर सहमति बन गई है, लेकिन मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट में पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश की तैनाती पर कॉलेजियम ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। इन दोनों न्यायालयों में शीर्ष नियुक्ति को लेकर स्थिति फिलहाल स्पष्ट होनी बाकी है।

कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित इन नामों के बाद अब नियुक्ति की आधिकारिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। संबंधित संवैधानिक और प्रशासनिक चरण पूरे होने के बाद ही केंद्र सरकार की ओर से इन मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने किन उच्च न्यायालयों के लिए मुख्य न्यायाधीशों की सिफारिश की है?
कॉलेजियम ने पटना, बॉम्बे, कलकत्ता, राजस्थान और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में नए और पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीशों की सिफारिश की है।
पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में किसे अनुशंसित किया गया है?
दिल्ली हाईकोर्ट के जज वी कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव दिया गया है।
किन उच्च न्यायालयों के लिए अभी फैसला नहीं लिया गया है?
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के लिए पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति पर फैसला पेंडिंग है।
कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अगला कदम क्या होता है?
सिफारिश के बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने पर नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR