महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ प्रशासनिक शिकंजा कसता जा रहा है। ताजा मामले में दहिसर क्षेत्र के भीतर एक ऐसे संगीन फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जहां आम नागरिकों के स्वास्थ्य से सीधे तौर पर खिलवाड़ किया जा रहा था। स्थानीय पुलिस की विशेष इकाई यानी क्राइम ब्रांच की यूनिट-12 ने इस अवैध कारोबार में संलिप्त चार कुख्यात आरोपियों को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह पूरा नेटवर्क बेहद शातिर तरीके से दूध की शुद्धता के नाम पर लोगों के घरों में दूषित पानी पहुंचा रहा था।
अनोखा और खतरनाक मिलावट का तरीका
इस पूरे गोरखधंधे की कार्यप्रणाली बेहद चौंकाने वाली थी जो जांच के दौरान सामने आई। आरोपी बाजार से अमूल गोल्ड, अमूल ताजा और गोकुल जैसे लोकप्रिय और भरोसेमंद ब्रांड्स के दूध के पैकेट हासिल करते थे। इसके बाद इन पैकेटों को बेहद सफाई से काटा जाता था ताकि असली दूध निकाला जा सके। निकाले गए असली दूध को अलग करने के बाद उस पैकेट में गंदा पानी भर दिया जाता था। इस मिलावट के बाद पैकेटों को इस कलात्मक तरीके से दोबारा सील किया जाता था कि आम ग्राहक के लिए असली और नकली में फर्क करना नामुमकिन हो जाता था। इन तैयार पैकेटों को बाजारों में प्रमाणित और शुद्ध बताकर खपाने की पूरी तैयारी थी।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और फैक्ट्री का राजफाश
जांच की कड़ियों को आपस में जोड़ते हुए पुलिस ने इस सिंडिकेट के सरगना को तेलंगाना से दबोचने में कामयाबी पाई। उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस दल ने पालघर जिले के वसई पूर्व स्थित लक्ष्मी इंडस्ट्रियल एस्टेट के सामने बाबूभाई शहाणी कंपाउंड, वालीव फाटा क्षेत्र में औचक छापेमारी की। इस गुप्त ठिकाने पर अमूल के नाम से नकली और फर्जी दूध की थैलियां तैयार करने का एक पूरा कारखाना चल रहा था। मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में पैकेजिंग मशीनरी और अन्य साजो-सामान अपने कब्जे में लिया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है। इससे पहले भी मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गोरेगांव इलाके में इसी तरह की मिलावट करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को पकड़ा था।
लाखों का सामान और उपकरण जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कई अहम सबूत और सामग्रियां बरामद की हैं। जब्त किए गए कुल सामान की सूची काफी लंबी है
- अमूल और गोकुल ब्रांड का करीब 470 लीटर दूध, जिसकी कीमत लगभग ₹29,750 है।
- अमूल नाम की छपी हुई करीब 13,000 नकली खाली दूध की थैलियां और प्लास्टिक सामग्री।
- दूध में दूषित पानी और अन्य पदार्थ मिलाने में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न उपकरण।
- फर्जी थैलियां तैयार करने वाली भारी मशीनरी और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सामान जिसकी कीमत करीब ₹10 लाख है।
- दबोचे गए चारों आरोपियों के पास से कुल 4 मोबाइल फोन, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹40,000 है।
- इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग ₹10,79,750 मूल्य की संपत्ति और सामग्री जब्त की गई है।
लंबे समय से सक्रिय था यह काला कारोबार
पुलिस पूछताछ और छानबीन में यह बात खुलकर सामने आई है कि इस गिरोह का मुख्य संचालक वर्ष 2021 से ही मुंबई और उसके आसपास के उपनगरीय इलाकों में मिलावटी दूध के लिए नकली पैकेजिंग सामग्री और थैलियों की सप्लाई का काम कर रहा था। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने इस सिंडिकेट की तह तक पहुंचकर दूध की मिलावट से लेकर पैकेजिंग और अंततः बाजार में वितरण तक के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। इस गंभीर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और गहन जांच लगातार जारी है ताकि इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।



















