आगरा के ऐतिहासिक ताजमहल परिसर में 7 अगस्त 2026 को सुरक्षा एजेंसियों की ओर से एक बड़ा सुरक्षा अभ्यास किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरे इलाके को अपने घेरे में लिया हुआ था, जबकि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ के जवानों ने किसी भी हथियारबंद हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी ऑपरेशनल तैयारियों का मुस्तैदी से प्रदर्शन किया। सुरक्षा बलों ने पूरी तरह से तयशुदा प्रोटोकॉल के मुताबिक कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे किसी भी खतरे से तुरंत निबटा जा सके।
आतंकी हमले और आईईडी की मॉक ड्रिल
इस पूरी मॉक एक्सरसाइज के दौरान एक काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया था, जिसमें यह दर्शाया गया कि आतंकवादियों ने ताजमहल पर हथियारबंद हमला कर दिया है। इसके बाद सभी सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत हरकत में आते हुए खतरे पर काबू पाने का अभ्यास कराया गया। हमले के खतरे के अलावा इस ड्रिल में एक संदिग्ध आईईडी को भी परिसर में छिपाकर रखा गया था। सुरक्षा बलों के सामने मुख्य चुनौती इस छिपे हुए विस्फोटक का समय रहते पता लगाना और उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करना था।
विभिन्न एजेंसियों की संयुक्त भागीदारी
संदिग्ध आईईडी की तलाश करने और खतरे की सटीक पहचान करने के लिए बम डिस्पोजल यानी बीडीडीएस टीम और डॉग स्क्वाड को भी इस ड्रिल में शामिल किया गया था। सीआईएसएफ के साथ-साथ यूपी पुलिस के डॉग स्क्वाड ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस व्यापक मॉक एक्सरसाइज में अकेले कोई एक बल शामिल नहीं था, बल्कि इसमें सीआईएसएफ, यूपी पुलिस, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई मैनेजमेंट, फायर सर्विस, बीडीडीएस, डॉग स्क्वाड, एसआईएस, एलआईयू और मेडिकल टीम ने संयुक्त रूप से अपनी भूमिका निभाई।
आपातकालीन प्रतिक्रिया और डिब्रीफिंग सेशन
किसी भी वास्तविक आतंकी हमले या बम धमाके की घटना में घायलों को तुरंत चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराना और आग लगने जैसी अप्रत्याशित स्थिति से निपटना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस अभ्यास में मेडिकल टीम और फायर सर्विस को भी पूरी मुस्तैदी के साथ शामिल किया गया था। यह पूरी कार्रवाई असल में कोई आतंकी हमला नहीं थी, बल्कि आगामी स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर की गई एक मल्टी-एजेंसी मॉक एक्सरसाइज थी। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की ऑपरेशनल तैयारियों, उनके आपसी तालमेल, कम्युनिकेशन सिस्टम और किसी भी इमरजेंसी में त्वरित रिस्पॉन्स देने की क्षमता को परखना था। इस एक्सरसाइज के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद ताजमहल सीआईएसएफ यूनिट के कमांडेंट ऋषि कौशिक की निगरानी में एक विशेष डिब्रीफिंग सेशन भी आयोजित किया गया।



















