भारत इस बार अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस बेहद खास और अनूठे अंदाज में मनाने की ओर कदम बढ़ा रहा है, जिसमें देश की युवा प्रतिभाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे और देशवासियों को संबोधित करेंगे। इस राष्ट्रीय पर्व का मुख्य उद्देश्य केवल आजादी का जश्न मनाना भर नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भीतर छिपी ऊर्जा और वर्ष 2047 तक राष्ट्र को एक विकसित पायदान पर ले जाने के संकल्प को दुनिया के सामने प्रमुखता से रखना है।
वंदे मातरम् के 150 साल का भव्य उत्सव
इस वर्ष का स्वतंत्रता समारोह इसलिए भी अत्यंत ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् अपनी रचना के डेढ़ सौ वर्ष पूरे कर रहा है। इसी उपलक्ष्य में लाल किले की प्राचीर से पहली बार वंदे मातरम् का औपचारिक गायन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल को हमेशा के लिए यादगार बनाने की पुख्ता तैयारियां की गई हैं। एनसीसी और माई भारत के लगभग 2,500 युवा लाल किले के ठीक सामने बने ज्ञानपथ पर एकत्रित होकर वंदे मातरम् की एक भव्य आकृति का निर्माण करेंगे।
जब राष्ट्रीय गीत का गान होगा, तब वहां उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति सम्मान की मुद्रा में अपनी जगह पर खड़ा नजर आएगा, जिसके तुरंत बाद युवा कैडेट्स राष्ट्रगान की प्रस्तुति देंगे। इस दौरान भारतीय वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर आसमान में विशेष तौर पर उड़ान भरेगा। यह हेलीकॉप्टर वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने की याद में तैयार किया गया एक विशेष बैनर साथ लेकर उड़ेगा और लाल किले पर मौजूद विशाल जनसमूह के ऊपर फूलों की पंखुड़ियों की बारिश करेगा।
युवा मेधा और नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता
इस बार के समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह है कि देश की युवा प्रतिभाओं और मेधावी छात्रों को सबसे आगे यानी अग्रिम पंक्ति में बैठने का अवसर दिया जा रहा है। इंटरनेशनल फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ्स ओलंपियाड 2026 में पदक जीतने वाले 19 मेधावी छात्रों को सीधे लाल किले की प्राचीर पर बैठकर इस राष्ट्रीय उत्सव को देखने का विशेष गौरव प्राप्त होगा। इसके अलावा, देश भर के उभरते युवा इनोवेटर्स, पीएम इंटर्नशिप स्कीम का लाभ उठाने वाले युवा, स्टार्टअप संस्थापकों, पीएम कौशल विकास योजना के स्नातकों के साथ-साथ दिल्ली के सरकारी स्कूलों के चुनिंदा मेधावी छात्रों को भी इस प्रतिष्ठित समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है।
विकसित भारत का विजन और पर्यावरण का संदेश
लाल किले की भव्य सजावट और गार्ड ऑफ ऑनर क्षेत्र को भी इस बार बेहद खास तरीके से तैयार किया गया है। यहां परमाणु तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान और आधुनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में देश की उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाते हुए आकर्षक कटआउट लगाए गए हैं। यह सजावट पूरी तरह से इस बात को रेखांकित करती है कि देश किस प्रकार वर्ष 2047 तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही, देश में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के एक अनूठे प्रयास के तहत इस बार दर्शक दीर्घा के विभिन्न ब्लॉकों के नाम देश की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं।
देश के अन्य हिस्सों में भी इस राष्ट्रीय पर्व का उल्लास देखने को मिल रहा है। आगामी 8 अगस्त से 15 अगस्त के बीच देश भर के 343 प्रमुख स्थानों पर सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के बैंड अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दे रहे हैं।
नागरिकों और मेहमानों के लिए विशेष इंतजाम
समारोह में शामिल होने वाले मेहमानों और आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। दिल्ली मेट्रो अपनी सेवाएं सुबह 4 बजे से ही शुरू कर देगी ताकि लोग समय पर पहुंच सकें, और आधिकारिक आमंत्रण पत्र धारकों के लिए इस यात्रा को पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। उत्सव स्थल पर बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के आवागमन के लिए विशेष रूप से व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा क्लोक रूम, पीने के साफ पानी के पॉइंट और अचानक बारिश होने की स्थिति में बचाव के लिए रेन पोंचो के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जैसे ही समारोह का समापन होगा, एनसीसी के कैडेट्स लाल किले के पूरे परिसर में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाएंगे ताकि इस ऐतिहासिक परिसर को तुरंत साफ करके आम जनता के घूमने के लिए फिर से खोला जा सके।



















